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दो फैक्ट्रियों में भीषण आग, युवक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Sat, 28 May 2016 02:14 AM IST
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फैक्टी में लगी आग।
- फोटो : अमर उजाला
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परतापुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित रबड़ फैक्ट्री में शुक्रवार को भीषण आग लगने से एक युवक की मौत हो गई। आग ने इस कदर कहर बरपाया कि एक महिला और पुरुष शत प्रतिशत, दो लोग 80-80 प्रतिशत और एक व्यक्ति 75 प्रतिशत तक झुलस गया।
फैक्ट्री संचालक समेत इन पांचों लोगों की हालत गंभीर बनी है। वहीं, टीपी नगर में भी गत्ता फैक्ट्री में भड़की आग में फैक्ट्री संचालक और फायरमैन का हाथ झुलस गया। फायर ब्रिगेड की आधा दर्जन से ज्यादा गाड़ियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग को लेकर दोनों जगह अफरातफरी और हड़कंप की स्थिति रही। दोनों फैक्ट्रियों में 50 लाख से अधिक का नुकसान बताया जा रहा है।
बायलर की चिंगारी से भड़की आग
पहला हादसा परतापुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित प्रिंस रबड़ फैक्ट्री में हुआ। जहां मुख्य तौर पर सर्जिकल आइटम बनते हैं। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे एक मैजिक वाहन से फैक्ट्री में साल्वेंट का ड्रम आया था। चालक कैलाश ने अपनी गाड़ी बाहर गली में खड़ी कर दी और ड्रम लुढ़काते हुए फैक्ट्री में लाया था। उसने फैक्ट्री संचालक देवेंद्र शर्मा को चेक कराने के लिए जैसे ही ड्रम खोला तो साल्वेंट लीक होकर बाहर निकल गया। इस बीच अंदर चल रही मशीन के बायलर से उठी चिंगारी साल्वेंट तक पहुंच गई, जिसने पल भर में आग पकड़ ली। आग इतनी तेजी से फैली कि उसमें देवेंद्र और कैलाश समेत फैक्ट्री के आठ कर्मचारी झुलस गए।
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आग की सूचना पर पहुंची परतापुर और पुलिस लाइन से छह दमकल गाड़ियों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। झुलसे लोगों को केएमसी और मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डिलीवरी मैन कैलाश (40) पुत्र सत्यपाल निवासी शिवपुरम टीपी नगर ने उपचार के दौरान रात करीब 8:30 बजे दम तोड़ दिया। जबकि 75 प्रतिशत से ज्यादा झुलसे पांच लोगों की हालत गंभीर बताई गई। इस हादसे से फैक्ट्री में 30 लाख का नुकसान बताया गया।
गत्ता फैक्ट्री में आग ने बरपाया कहर
दूसरा हादसा दोपहर करीब 1:45 बजे टीपी नगर बनवारी वाटिका में हुआ। यहां अजय सिंघल की गत्ता फैक्ट्री के पिछले हिस्से में अचानक आग लग गई। फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी शोर मचाते हुए किसी तरह बाहर निकले। इनमें दो कर्मचारी मामूली रूप से झुलसे। धीरे-धीरे पूरी फैक्ट्री में आग लग गई। कर्मचारियों की सूचना पर फैक्ट्री मालिक पहुंचे, लेकिन आग की चपेट में आने से उनका भी हाथ झुलस गया। परतापुर फायर स्टेशन और पुलिस लाइन से दमकल की चार गाड़ियाें के साथ दमकल टीम आग बुझाने में जुट गई।
विस्फोट में झुलसा फायर मैन
गत्ता फैक्ट्री में लगी आग के दौरान तेज विस्फोट होने से फायर मैन भारत भूषण का हाथ झुलस गया। फायर कर्मी उसे लेकर तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उसका उपचार चल रहा है। फैक्ट्री संचालक का कहना है कि मजदूरों ने उन्हें बताया कि फैक्ट्री के दूसरे हिस्से की ओर खाली प्लाट में कुछ लोग कूड़ा जला रहे थे। उसकी चिंगारी फैक्ट्री में आने से आग लगी है। संचालक के अनुसार आग से करीब 20 लाख के आसपास नुकसान हुआ है।
कारणों को लेकर हुई बहस
दमकल विभाग के अधिकारी और झुलसे फायर कर्मी का मानना है कि गत्ता फैक्ट्री में कोई सिलेंडर या केमिकल का ड्रम फटा है। इसी वजह से इतना भयंकर विस्फोट हुआ है। जबकि फैक्ट्री संचालक का कहना था कि आग लगने के दौरान अचानक लाइट आने से फैक्ट्री में लगे एसी का कंप्रेशर फटा है। एफएसओ उनकी दलील से सहमत नहीं थे। उनका कहना है कि एसी के कंप्रेशर की इतनी तेज आवाज नही हो सकती। इसे लेकर उनमें बहस भी हो गई। एफएसओ ने कहा कि जांच के बाद असलियत पता चलेगी।
आग से ये लोग झुलसे
परतापुर रबड़ फैक्ट्री :
देवेंद्र शर्मा (45) पुत्र तिलकराम निवासी ब्रह्मपुरी फैक्ट्री संचालक - 80 प्रतिशत झुलसा
गुलफाम (32) पुत्र इश्तियाक निवासी हंडिया मोहल्ला अब्दुल्लापुर - 80 प्रतिशत
राजो (30) पत्नी मदन निवासी अंबेडकर नगर रिठानी, परतापुर- 100 प्रतिशत झुलसी
भुवन (45) पुत्र सुंदर निवासी इंडस्ट्रियल एरिया परतापुर -100 प्रतिशत झुलसा
ऋषिपाल (50) पुत्र देवी सहाय निवासी बराल परतापुर - 75 प्रतिशत झुलसा
अंकित (18) पुत्र कुंवर पाल निवासी शताब्दी नगर - 40 प्रतिशत झुलसा
विनोद (35) पुत्र श्रीराम निवासी घाट परतापुर - 40 प्रतिशत झुलसा
गत्ता फैक्ट्री :
अजय सिंघल, फैक्ट्री संचालक और भारत भूषण, फायर मैन (दोनों के हाथ झुलसे)
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फैक्ट्री संचालक समेत इन पांचों लोगों की हालत गंभीर बनी है। वहीं, टीपी नगर में भी गत्ता फैक्ट्री में भड़की आग में फैक्ट्री संचालक और फायरमैन का हाथ झुलस गया। फायर ब्रिगेड की आधा दर्जन से ज्यादा गाड़ियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग को लेकर दोनों जगह अफरातफरी और हड़कंप की स्थिति रही। दोनों फैक्ट्रियों में 50 लाख से अधिक का नुकसान बताया जा रहा है।
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बायलर की चिंगारी से भड़की आग
पहला हादसा परतापुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित प्रिंस रबड़ फैक्ट्री में हुआ। जहां मुख्य तौर पर सर्जिकल आइटम बनते हैं। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे एक मैजिक वाहन से फैक्ट्री में साल्वेंट का ड्रम आया था। चालक कैलाश ने अपनी गाड़ी बाहर गली में खड़ी कर दी और ड्रम लुढ़काते हुए फैक्ट्री में लाया था। उसने फैक्ट्री संचालक देवेंद्र शर्मा को चेक कराने के लिए जैसे ही ड्रम खोला तो साल्वेंट लीक होकर बाहर निकल गया। इस बीच अंदर चल रही मशीन के बायलर से उठी चिंगारी साल्वेंट तक पहुंच गई, जिसने पल भर में आग पकड़ ली। आग इतनी तेजी से फैली कि उसमें देवेंद्र और कैलाश समेत फैक्ट्री के आठ कर्मचारी झुलस गए।
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आग की सूचना पर पहुंची परतापुर और पुलिस लाइन से छह दमकल गाड़ियों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। झुलसे लोगों को केएमसी और मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डिलीवरी मैन कैलाश (40) पुत्र सत्यपाल निवासी शिवपुरम टीपी नगर ने उपचार के दौरान रात करीब 8:30 बजे दम तोड़ दिया। जबकि 75 प्रतिशत से ज्यादा झुलसे पांच लोगों की हालत गंभीर बताई गई। इस हादसे से फैक्ट्री में 30 लाख का नुकसान बताया गया।
गत्ता फैक्ट्री में आग ने बरपाया कहर
दूसरा हादसा दोपहर करीब 1:45 बजे टीपी नगर बनवारी वाटिका में हुआ। यहां अजय सिंघल की गत्ता फैक्ट्री के पिछले हिस्से में अचानक आग लग गई। फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी शोर मचाते हुए किसी तरह बाहर निकले। इनमें दो कर्मचारी मामूली रूप से झुलसे। धीरे-धीरे पूरी फैक्ट्री में आग लग गई। कर्मचारियों की सूचना पर फैक्ट्री मालिक पहुंचे, लेकिन आग की चपेट में आने से उनका भी हाथ झुलस गया। परतापुर फायर स्टेशन और पुलिस लाइन से दमकल की चार गाड़ियाें के साथ दमकल टीम आग बुझाने में जुट गई।
विस्फोट में झुलसा फायर मैन
गत्ता फैक्ट्री में लगी आग के दौरान तेज विस्फोट होने से फायर मैन भारत भूषण का हाथ झुलस गया। फायर कर्मी उसे लेकर तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उसका उपचार चल रहा है। फैक्ट्री संचालक का कहना है कि मजदूरों ने उन्हें बताया कि फैक्ट्री के दूसरे हिस्से की ओर खाली प्लाट में कुछ लोग कूड़ा जला रहे थे। उसकी चिंगारी फैक्ट्री में आने से आग लगी है। संचालक के अनुसार आग से करीब 20 लाख के आसपास नुकसान हुआ है।
कारणों को लेकर हुई बहस
दमकल विभाग के अधिकारी और झुलसे फायर कर्मी का मानना है कि गत्ता फैक्ट्री में कोई सिलेंडर या केमिकल का ड्रम फटा है। इसी वजह से इतना भयंकर विस्फोट हुआ है। जबकि फैक्ट्री संचालक का कहना था कि आग लगने के दौरान अचानक लाइट आने से फैक्ट्री में लगे एसी का कंप्रेशर फटा है। एफएसओ उनकी दलील से सहमत नहीं थे। उनका कहना है कि एसी के कंप्रेशर की इतनी तेज आवाज नही हो सकती। इसे लेकर उनमें बहस भी हो गई। एफएसओ ने कहा कि जांच के बाद असलियत पता चलेगी।
आग से ये लोग झुलसे
परतापुर रबड़ फैक्ट्री :
देवेंद्र शर्मा (45) पुत्र तिलकराम निवासी ब्रह्मपुरी फैक्ट्री संचालक - 80 प्रतिशत झुलसा
गुलफाम (32) पुत्र इश्तियाक निवासी हंडिया मोहल्ला अब्दुल्लापुर - 80 प्रतिशत
राजो (30) पत्नी मदन निवासी अंबेडकर नगर रिठानी, परतापुर- 100 प्रतिशत झुलसी
भुवन (45) पुत्र सुंदर निवासी इंडस्ट्रियल एरिया परतापुर -100 प्रतिशत झुलसा
ऋषिपाल (50) पुत्र देवी सहाय निवासी बराल परतापुर - 75 प्रतिशत झुलसा
अंकित (18) पुत्र कुंवर पाल निवासी शताब्दी नगर - 40 प्रतिशत झुलसा
विनोद (35) पुत्र श्रीराम निवासी घाट परतापुर - 40 प्रतिशत झुलसा
गत्ता फैक्ट्री :
अजय सिंघल, फैक्ट्री संचालक और भारत भूषण, फायर मैन (दोनों के हाथ झुलसे)