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Meerut News: बारिश से सदर क्षेत्र में दो जर्जर भवन गिरे, हादसा टला

Sun, 23 Aug 2026 11:15 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2026 11:15 PM IST
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Two dilapidated buildings collapsed in the Sadar area due to rain; a major accident was averted.
संवाद न्यूज एजेंसी
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मेरठ। छावनी क्षेत्र में जर्जर भवनों की भरमार है। बारिश के कारण सदर क्षेत्र में दो जर्जर भवन गिर गए। इन जर्जर भवनों में कोई आदमी नहीं होने के कारण हादसा टल गया। इनमें से एक जर्जर दो मंजिला भवन छावनी परिषद के स्वामित्व में था।
छावनी क्षेत्र में लालकुर्ती, सदर बाजार, रजबन, दुर्गाबाड़ी, ढोलकी मोहल्ला, धर्मपुरी आदि क्षेत्रों में वर्षों पुराने कई भवन जर्जर हो गए हैं। इनमें से कुछ भवनों में लोग रह रहे हैं तो कुछ खाली पड़े हुए हैं। लालकुर्ती के एक जर्जर भवन में दुकान भी खुली हुई है। इन जर्जर मकानों की छतों पर पेड़ उगे हुए हैं। इन भवनों की हालत ऐसी है कि कभी भी गिरकर हादसों का सबब बन सकते हैं।
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रविवार को हुई बारिश में धर्मपुरी में स्थित एक जर्जर भवन गिर गया। उस समय इस भवन में कोई नहीं था। इसके साथ ही दुर्गाबाड़ी स्थित छावनी परिषद का दो मंजिला जर्जर भवन भी गिर गया। इस भवन में कोई नहीं रह रहा था। दोनों ही भवनों में कोई आदमी नहीं रहता, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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छावनी क्षेत्र निवासी गौरव गोयल एडवोकेट का कहना है कि छावनी अधिनियम 2006 के तहत जर्जर या खतरनाक हो चुकी इमारतों को गिराने के लिए छावनी परिषद द्वारा धारा 297 या उससे संबंधित सार्वजनिक सुरक्षा प्रावधानों के तहत नोटिस दिए जाते हैं, लेकिन छावनी परिषद जर्जर भवनों को लेकर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस कारण छावनी क्षेत्र में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।


छावनी परिषद के प्रेस प्रवक्ता जयपाल सिंह तोमर का कहना है कि परिषद का भवन पूरी तरह खाली था और जर्जर हो चुका था। जर्जर भवनों को चिह्नित करने के लिए जल्दी ही सर्वे किया जाएगा। अब सर्वे में जर्जर भवन सामने आने पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण करने के बाद जर्जर भवनों को तोड़कर उन्हें नए निर्माण की अनुमति दी जाती है।------------
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