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पहली किस्त में जमाया था विश्वास, दूसरी मिलते ही भाग गई कंपनी
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पहली किस्त में जमाया था विश्वास, दूसरी मिलते ही भाग गई कंपनी
रजनीश त्यागी
बिजनौर। जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूलों के निर्माण घोटाले में उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी निर्माण एवं विकास लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक की गिरफ्तारी के बाद पुरानी परतें भी खुल गई। कंपनी ने जिले में 13 आवासीय स्कूलों के निर्माण में पहली करीब 18 लाख की किस्त मिली तो तेजी से निर्माण कर विश्वास जता दिया। इसके बाद जब दूसरी करीब चार करोड़ 2 लाख की किस्त मिली तो कुछ निर्माण कराकर फरार हो गई। निर्माण के हालात देखिए पीडब्ल्यूडी जब इन सभी निर्माण का आकलन किया तो तीन को जर्जर घोषित कर दिया गया। बाकी का अन्य विभागों की मदद से निर्माण पूरा कराया गया।
जिले में बेटियों की शिक्षा के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का निर्माण कराया जाना था। 13 स्कूलों के निर्माण की जिम्मेदारी यूपीसीडी को सौंपी गई। करीब चार करोड़ 65 लाख में यह काम पूरा होना था। कंपनी को विभाग की ओर से पहली 18 लाख रुपये की पहली किस्त जारी की गई। संस्था की ओर से काम इतनी तेजी से किया गया कि विभाग ने चार करोड़ दो लाख रुपये की दूसरी किस्त भी जारी कर दी गई। इसके बाद संस्था ने कुछ दिन काम किया। करीब तीन स्कूल हल्दौर, किरतपुर नगर, चांदपुर नगर में छत और प्लास्टर आदि भी कर दिया। अन्य जगहों पर काम चल रहा था। इसके बाद संस्था ने काम छोड़ दिया। काम देख रहे अफसर फरार हो गए। कुछ समय बाद जब निर्माण का आकलन हुआ तो हल्दौर, किरतपुर नगर, चांदपुर नगर के भवनों को जर्जर घोषित कर दिया गया। अन्य का काम दूसरे विभागों ने पूरा कराया। बीएसए जयकरन यादव ने बताया कि संस्था जब काम छोड़कर भाग गई थी तो बचे हुए काम में खर्च का आकलन करीब तीन करोड़ आया था।
कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गया था निर्माण
ऐसा नहीं है कि सारा खेल संस्था ने ही किया था। शिक्षा विभाग के सूत्रों की माने तो उस समय जमकर कमीशनखोरी हुई थी। इसी बंटरवाट के चलते निर्माण पूरा नहीं हो सका। हालांकि पूरा ठीकरा संस्था के सिर ही फूटा था।
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सैनिक नगर लखनऊ से की गई गिरफ्तारी
विनोद कुमार सिंह की गिरफ्तारी के लिए एसपी आर्थिक अपराध अनुसंधान संस्थान स्वप्निल ममगाई ने विवेचक इंस्पेक्टर वीरपाल सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक संजीव कुमार बालियान सहित पांच सदस्यों की टीम बनाई थी। टीम ने स्थानीय पुलिस को साथ लेकर विनोद सिंह को उनके निवास मकान नं -163 सैनिक नगर 10 लेन रायबरेली रोड थाना आशियाना जनपद लखनऊ से गिरफ्तार किया है। वह राज्य सहकारी निर्माण एवं विकास लि0, 19 राज अपार्टमेंट बीएन रोड लालबाग लखनऊ के प्रबंधन निदेशक थे।
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रजनीश त्यागी
बिजनौर। जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूलों के निर्माण घोटाले में उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी निर्माण एवं विकास लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक की गिरफ्तारी के बाद पुरानी परतें भी खुल गई। कंपनी ने जिले में 13 आवासीय स्कूलों के निर्माण में पहली करीब 18 लाख की किस्त मिली तो तेजी से निर्माण कर विश्वास जता दिया। इसके बाद जब दूसरी करीब चार करोड़ 2 लाख की किस्त मिली तो कुछ निर्माण कराकर फरार हो गई। निर्माण के हालात देखिए पीडब्ल्यूडी जब इन सभी निर्माण का आकलन किया तो तीन को जर्जर घोषित कर दिया गया। बाकी का अन्य विभागों की मदद से निर्माण पूरा कराया गया।
जिले में बेटियों की शिक्षा के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का निर्माण कराया जाना था। 13 स्कूलों के निर्माण की जिम्मेदारी यूपीसीडी को सौंपी गई। करीब चार करोड़ 65 लाख में यह काम पूरा होना था। कंपनी को विभाग की ओर से पहली 18 लाख रुपये की पहली किस्त जारी की गई। संस्था की ओर से काम इतनी तेजी से किया गया कि विभाग ने चार करोड़ दो लाख रुपये की दूसरी किस्त भी जारी कर दी गई। इसके बाद संस्था ने कुछ दिन काम किया। करीब तीन स्कूल हल्दौर, किरतपुर नगर, चांदपुर नगर में छत और प्लास्टर आदि भी कर दिया। अन्य जगहों पर काम चल रहा था। इसके बाद संस्था ने काम छोड़ दिया। काम देख रहे अफसर फरार हो गए। कुछ समय बाद जब निर्माण का आकलन हुआ तो हल्दौर, किरतपुर नगर, चांदपुर नगर के भवनों को जर्जर घोषित कर दिया गया। अन्य का काम दूसरे विभागों ने पूरा कराया। बीएसए जयकरन यादव ने बताया कि संस्था जब काम छोड़कर भाग गई थी तो बचे हुए काम में खर्च का आकलन करीब तीन करोड़ आया था।
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कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गया था निर्माण
ऐसा नहीं है कि सारा खेल संस्था ने ही किया था। शिक्षा विभाग के सूत्रों की माने तो उस समय जमकर कमीशनखोरी हुई थी। इसी बंटरवाट के चलते निर्माण पूरा नहीं हो सका। हालांकि पूरा ठीकरा संस्था के सिर ही फूटा था।
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सैनिक नगर लखनऊ से की गई गिरफ्तारी
विनोद कुमार सिंह की गिरफ्तारी के लिए एसपी आर्थिक अपराध अनुसंधान संस्थान स्वप्निल ममगाई ने विवेचक इंस्पेक्टर वीरपाल सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक संजीव कुमार बालियान सहित पांच सदस्यों की टीम बनाई थी। टीम ने स्थानीय पुलिस को साथ लेकर विनोद सिंह को उनके निवास मकान नं -163 सैनिक नगर 10 लेन रायबरेली रोड थाना आशियाना जनपद लखनऊ से गिरफ्तार किया है। वह राज्य सहकारी निर्माण एवं विकास लि0, 19 राज अपार्टमेंट बीएन रोड लालबाग लखनऊ के प्रबंधन निदेशक थे।