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प्रदूषण पर करें वार, खाएं त्रिफला, नीम और अनार
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आयुर्वेदिक चिकित्सक दे रहे सलाह, स्मॉग में सेहतमंद रहने के लिए खानपान से पाएं राहत
गाय का शुद्ध देसी घी भी बेहद लाभकारी
मेरठ। प्रदूषण में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। सांस और साइनोसाइटिस के मरीजों को खासी परेशानी हो रही है। स्मॉग को एकदम तो खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन कुछ चीजों के सेवन से बीमारियों से बचा जा सकता है।
नीम : ऐसा औषधीय पौधा है जिसके हर हिस्से से शरीर को कुछ न कुछ फायदा होता है। अगर नीम के पत्तों का पानी पिया जाए तो हवा में मौजूद खतरनाक जीवाणु नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे। प्रदूषण की वजह से त्वचा और बालों को भी नुकसान पहुंचता है। नीम के पत्तों का पानी में उबालकर ठंडा होने के बाद सिर धोने से बालों पर प्रदूषण का असर नहीं होगा।
गाय का शुद्ध घी : रात को सोने से पहले 2 बूंद घी नाक में डालने से भी काफी फायदा मिलता है। ऐसा करने से नाक के जरिये जमा प्रदूषण आसानी से समाप्त हो जाएगा।
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त्रिफला : त्रिफला और शहद का सेवन शरीर में मौजूद प्रदूषण के कण समाप्त करता है। इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
अनार का जूस : यह खून को शुद्ध करने का काम करता है। वातावरण में मौजूद प्रदूषण के साथ लड़ने में शरीर को ताकत देता है।
प्रदूषण से बचने के लिए यह भी करें
- घरों में झाड़ू की जगह गीला पोंछा लगाएं।
- अस्थमा के मरीज बिना इन्हेलर घर से बाहर न जाएं।
- बाहर से जो भी चीज ला रहे हैं, उसे धोकर ही कमरे में रखें।
- परफ्यूम, अगरबत्ती, मच्छर मारने वाली कॉइल का उपयोग नहीं करें।
(आयुर्वेदिक चिकित्सकों डॉ. ब्रजूभषण, डॉ. भगत सिंह और डॉ. कमलेश एवं सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर से बातचीत के आधार पर)
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गाय का शुद्ध देसी घी भी बेहद लाभकारी
मेरठ। प्रदूषण में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। सांस और साइनोसाइटिस के मरीजों को खासी परेशानी हो रही है। स्मॉग को एकदम तो खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन कुछ चीजों के सेवन से बीमारियों से बचा जा सकता है।
नीम : ऐसा औषधीय पौधा है जिसके हर हिस्से से शरीर को कुछ न कुछ फायदा होता है। अगर नीम के पत्तों का पानी पिया जाए तो हवा में मौजूद खतरनाक जीवाणु नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे। प्रदूषण की वजह से त्वचा और बालों को भी नुकसान पहुंचता है। नीम के पत्तों का पानी में उबालकर ठंडा होने के बाद सिर धोने से बालों पर प्रदूषण का असर नहीं होगा।
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गाय का शुद्ध घी : रात को सोने से पहले 2 बूंद घी नाक में डालने से भी काफी फायदा मिलता है। ऐसा करने से नाक के जरिये जमा प्रदूषण आसानी से समाप्त हो जाएगा।
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त्रिफला : त्रिफला और शहद का सेवन शरीर में मौजूद प्रदूषण के कण समाप्त करता है। इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
अनार का जूस : यह खून को शुद्ध करने का काम करता है। वातावरण में मौजूद प्रदूषण के साथ लड़ने में शरीर को ताकत देता है।
प्रदूषण से बचने के लिए यह भी करें
- घरों में झाड़ू की जगह गीला पोंछा लगाएं।
- अस्थमा के मरीज बिना इन्हेलर घर से बाहर न जाएं।
- बाहर से जो भी चीज ला रहे हैं, उसे धोकर ही कमरे में रखें।
- परफ्यूम, अगरबत्ती, मच्छर मारने वाली कॉइल का उपयोग नहीं करें।
(आयुर्वेदिक चिकित्सकों डॉ. ब्रजूभषण, डॉ. भगत सिंह और डॉ. कमलेश एवं सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर से बातचीत के आधार पर)