हड़ताल का असर: घोड़े-तांगे पर उतरे ट्रांसपोर्टर, चक्का जाम से थमी बुकिंग, 340 करोड़ की सप्लाई पर असर का दावा
मेरठ में ट्रांसपोर्टरों की तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन घोड़े-तांगे पर प्रदर्शन किया गया। ट्रांसपोर्ट नगर में पार्सल बुकिंग बंद रही। ट्रांसपोर्टरों ने बीएस-4 वाहनों पर प्रतिबंध और ईसीसी शुल्क का विरोध किया।
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ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर चल रही तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के दूसरे दिन ट्रांसपोर्टरों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। टीपी नगर में ट्रांसपोर्ट व्यापारी घोड़े और तांगे पर सवार होकर सड़कों पर उतरे तथा सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान हाथों में बैनर लेकर लोगों को जागरूक किया गया और पर्चे भी वितरित किए गए।
ट्रांसपोर्ट नगर में बंद रही पार्सल बुकिंग
हड़ताल के दूसरे दिन भी ट्रांसपोर्ट नगर में पार्सल बुकिंग पूरी तरह बंद रही। हालांकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को बाधित नहीं किया गया, लेकिन सामान्य माल ढुलाई और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित रहीं। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के अनुसार दूसरे दिन करीब 10 करोड़ रुपये की आपूर्ति प्रभावित हुई, जबकि तीन दिनों में 340 करोड़ रुपये तक के कारोबार पर असर पड़ने का अनुमान है।
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बीएस-4 वाहनों पर प्रतिबंध का विरोध
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे महामंत्री दीपक गांधी ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतों में वृद्धि, टोल और अन्य करों के बढ़ते बोझ ने ट्रांसपोर्ट कारोबार को संकट में डाल दिया है। उन्होंने एक नवंबर 2026 से बीएस-4 व्यावसायिक वाहनों के दिल्ली प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्णय का भी विरोध किया।
ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट और दिल्ली सरकार की नीतियां परिवहन व्यवसाय को नुकसान पहुंचा रही हैं। उनका कहना है कि बिना पर्याप्त विकल्प दिए ऐसे प्रतिबंध लागू करना हजारों वाहन स्वामियों और कारोबारियों के हितों के खिलाफ है।
ईसीसी शुल्क हटाने की मांग
ट्रांसपोर्टर अंकुर प्रजापति ने कहा कि बीएस-4 ट्रकों पर लगाए जा रहे ईसीसी शुल्क को तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए। वहीं ट्रांसपोर्टर रोहित कपूर ने बताया कि बंदी के समर्थन में शहरभर के ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और संबंधित लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
ट्रांसपोर्टर अनीश चौधरी ने कहा कि आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे परिवहन उद्योग को राहत और सुविधाएं देने की आवश्यकता है, ताकि कारोबार सुचारु रूप से संचालित हो सके।
सरकार से समाधान की मांग
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है। ट्रांसपोर्टरों ने सरकार से संवाद स्थापित कर व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की है।
प्रदर्शन में अतुल शर्मा, अंबे गोयल, मनीष प्रधान, देवेंद्र, धीरज गोस्वामी, धीरज बजाज, सोनू, सुभाष शर्मा, पिंकू, गोविंद, संतोक सिंह और प्रेम सिंह समेत बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्ट कारोबारी मौजूद रहे।