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मेरठ में तैनाती में ओपी सिंह ने तोड़ा रिकॉर्ड
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Wed, 19 Oct 2016 01:48 AM IST
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मेरठ से स्थानांतरित एसपी सिटी ओमप्रकाश यादव।
- फोटो : अमर उजाला
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ओमप्रकाश सिंह ने मेरठ में बतौर एसपी सिटी तैनात रहने का रिकॉर्ड तोड़ा है। सपा की सरकार बनने के साथ ही उन्हें दो अप्रैल 2012 को मेरठ में एसपी सिटी बनाया गया। चार साल से ज्यादा के कार्यकाल में तमाम विरोधों के बीच शासन से दो बार ट्रांसफर होने के बावजूद वे जमे रहे और चार्ज नहीं छोड़ा। मंगलवार शाम शासन से जारी पीपीएस अफसरों की ट्रांसफर लिस्ट में उन्हें एसपी सिटी मुरादाबाद बनाया गया है। जबकि उनकी जगह गौतमबुद्ध नगर के एसपी सिटी दिनेश यादव लेंगे।
ओपी सिंह ने चार्ज संभालने के बाद ही 17 लाख और कार की धोखाधड़ी में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था तो कंकरखेड़ा थाने में बवाल हो गया था। वह केस कई महीनों में निपटा और पीड़ित को पैसा मिला। शहर की सड़कों पर कई बार लाठीचार्ज में भी वे छाये रहे। छात्रसंघ चुनाव में विवि गेट पर एक छात्रनेता की पिटाई पर एक सपा नेता ने रात भर धरना दिया था। तीरगरान सांप्रदायिक बवाल में भाजपाइयों ने उन्हें हटाने के लिए धरना दिया। दो साल पहले उन्हें मेरठ में ही एसपी सिटी से एसपी देहात बनाया गया तो उन्होंने एक सप्ताह तक चार्ज नहीं छोड़ा और ट्रांसफर रुकवा लिया। उसके बाद एसपी ट्रैफिक आगरा के पद पर ट्रांसफर हुआ तो ट्रांसफर रुकवा लिया।
एसपी सिटी ऑफिस में लगे बोर्ड के अनुसार वर्ष 1972 से कोई भी एसपी सिटी मेरठ में इतने लंबे समय नहीं रहा। ओपी सिंह का कहना है कि चुनाव आयोग के निर्देश हैं तो ट्रांसफर होना ही था। 24 घंटे में कभी भी कानून व्यवस्था से समझौता नहीं होने दिया। रात के तीन बजे भी वह थानेदारों से पहले पहुंच जाते थे। चार्ज छोड़ने के बारे में कहा कि नये अधिकारी के आने के बाद निर्णय लिया जाएगा, क्योंकि शहर की बड़ी जिम्मेदारी है।
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ओपी सिंह ने चार्ज संभालने के बाद ही 17 लाख और कार की धोखाधड़ी में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था तो कंकरखेड़ा थाने में बवाल हो गया था। वह केस कई महीनों में निपटा और पीड़ित को पैसा मिला। शहर की सड़कों पर कई बार लाठीचार्ज में भी वे छाये रहे। छात्रसंघ चुनाव में विवि गेट पर एक छात्रनेता की पिटाई पर एक सपा नेता ने रात भर धरना दिया था। तीरगरान सांप्रदायिक बवाल में भाजपाइयों ने उन्हें हटाने के लिए धरना दिया। दो साल पहले उन्हें मेरठ में ही एसपी सिटी से एसपी देहात बनाया गया तो उन्होंने एक सप्ताह तक चार्ज नहीं छोड़ा और ट्रांसफर रुकवा लिया। उसके बाद एसपी ट्रैफिक आगरा के पद पर ट्रांसफर हुआ तो ट्रांसफर रुकवा लिया।
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एसपी सिटी ऑफिस में लगे बोर्ड के अनुसार वर्ष 1972 से कोई भी एसपी सिटी मेरठ में इतने लंबे समय नहीं रहा। ओपी सिंह का कहना है कि चुनाव आयोग के निर्देश हैं तो ट्रांसफर होना ही था। 24 घंटे में कभी भी कानून व्यवस्था से समझौता नहीं होने दिया। रात के तीन बजे भी वह थानेदारों से पहले पहुंच जाते थे। चार्ज छोड़ने के बारे में कहा कि नये अधिकारी के आने के बाद निर्णय लिया जाएगा, क्योंकि शहर की बड़ी जिम्मेदारी है।
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