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Meerut News: सील लगी दुकानों के बाहर मायूस बैठे व्यापारी, स्टाफ भी बिना टिफिन पहुंचे

Fri, 10 Apr 2026 03:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2026 03:03 AM IST
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Traders sat dejected outside sealed shops, staff arrived without tiffin.
सेंट्रल मार्केट सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में  मेरठ बंद के  समर्थन में बंद पड़ी सूरजकुंड मार्
सेंट्रल मार्केट में सीलिंग की कार्रवाई के अगले दिन बृहस्पतिवार को पूरे बाजार में सन्नाटा और मायूसी पसरी रही। एक ओर जहां धरना स्थल पर सियासी घमासान और नेताओं की बयानबाजी चल रही थी वहीं दूसरी ओर कई दुकानदार अपने सील हुए प्रतिष्ठानों के बाहर बेबस बैठे नजर आए। सबसे मार्मिक स्थिति उन कर्मचारियों की थी जो बरसों से यहां काम कर रहे हैं। वे बृहस्पतिवार को रोजाना की तरह सुबह दुकानों पर तो पहुंच, लेकिन उनके हाथों में खाने का टिफिन नहीं था।
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दुकानदार अपनी उम्र भर की मेहनत को मिट्टी में मिलता देख बेहद आहत थे। प्रवीन मेडिकल स्टोर के संचालक संजीव रस्तोगी ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि वह 20 वर्ष की आयु से इस दुकान पर बैठ रहे हैं। आज उनकी उम्र 58 साल हो गई है। उन्होंने बताया कि इसी बाजार में मेहनत कर किराए की दुकान से सफर शुरू किया और दो दुकानें खरीदीं, लेकिन आज उन पर भी ताला लटक गया है। उन्हें अपना भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है।
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पिछले 25 साल से गारमेंट्स का काम करने वाले निक्की ने बताया कि उन्होंने स्कूल के समय से ही काम शुरू कर दिया था। अपनी पत्नी और पूरे परिवार के सहयोग से दुकान को खड़ा किया जिसे अब अदालत के आदेश के बाद बंद करना पड़ा है।
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सहायक सेवाओं और श्रमिकों पर दोहरी मार

बाजार के उजड़ने से केवल दुकानदार ही नहीं बल्कि उससे जुड़ी सहायक सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। कैटरिंग का काम करने वाले दिनेश ने बताया कि बाजार में होने वाले छोटे आयोजनों (छोले-भटूरे, समोसे, ब्रेड पकोड़े) से उनका काम चलता था जो अब पूरी तरह ठप हो गया है। दूसरी ओर दुकानों, अस्पतालों और स्कूलों में काम करने वाले श्रमिकों का बुरा हाल है। 20-25 सालों से कार्यरत इन कर्मचारियों का कहना है कि मालिकों के साथ उनका पारिवारिक विश्वास का रिश्ता बन गया था। उन्हें डर है कि नई जगह न तो इतना जल्दी विश्वास बन पाएगा और न ही वह सम्मान मिलेगा जिसके वे हकदार हैं। बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद रही-सही उम्मीदें भी दम तोड़ती नजर आईं।
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