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मानवता-प्रेम के संदेशों को आत्मसात कर आगे बढ़ने का संकल्प लिया
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सरधना। गुड फ्राइडे पर ऐतिहासिक चर्च में प्रार्थना कराते धर्मगुरू। संवाद
सरधना। ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में गुड फ्राइडे के अवसर पर विशेष प्रार्थना का आयोजन किया गया। जग को मानवता, प्रेम, दया, करुणा और शांति का संदेश देने वाले प्रभु यीशु को सूली पर लटकाए जाने की याद में शुक्रवार को गुड फ्राइडे पर सामूहिक प्रार्थना में उनको नमन किया गया।
पवित्र शुक्रवार को ईसाइयों के दुख के रूप में मनाया गया। धर्म के लोगों ने प्रभु यीशु का स्मरण किया। धर्मगुरुओं ने कहा कि गुड फ्राइडे बलिदान दिवस है। इस दिन धर्मावलंबी व्रत, उपवास, संयम व संकल्प के रूप में मनाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु ने इसी दिन संसार की समस्त मानव जाति को सभी प्रकार के पापों से मुक्ति दिलाने के लिए येरुशलम की पहाड़ी की क्रूस पर खुशी-खुशी अपने प्राणों को त्याग दिया था।
प्रार्थना सभा में उन्होंने कहा कि मानव मोक्ष के लिए प्रभु यीशु मसीह ने अवतार लिया था। प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर चढ़ने से पहले बोले गए अंतिम सात वचन भी सुनाए गए। शुक्रवार को ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में धर्मगुरुओं ने कहा कि यीशु मसीह प्रेम, त्याग, दयालुता, क्षमा के कारण जन-जन में लोकप्रिय हैं। हम सभी को प्रभु को अपने जीवन में उतारने की जरूरत है। बताया कि परमेश्वर की आज्ञा को तोड़ना पाप है। साथ ही उनके मानवता-प्रेम के संदेशों को आत्मसात कर आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया।
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फादर जॉन मिल्टन ने बताया कि दुनिया में क्लेश, कुकर्म, अन्याय, भेदभाव और बदले की भावना पूरी तरह हावी है। ऐसी परिस्थिति में ईसा मसीह के संदेश प्रासंगिक हो गए हैं। ऐतिहासिक चर्च में शुक्रवार को ईसाई समाज के लोगों ने गुड फ्राइडे पर प्रार्थना की।
फादर वलेरियन पिंटो ने बताया कि प्रभु यीशु ने समाज के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया था, उस दिन शुक्रवार था। इसलिए उनके बलिदान दिवस को हर वर्ष गुड फ्राइडे के रूप में मनाया जाता है। चर्च में एकत्रित हुए ईसाई समाज के लोगों ने प्रभु यीशु से प्रार्थना की। अनुयायिओं ने प्रभु यीशु के दुखों को याद कर उपवास रखा। इस दौरान चर्च परिसर में स्थित प्रभु यीशु के दुखों को दर्शाते चौदह मुकामों पर विशेष प्रार्थना कराई गई।
फादर ने कहा कि सूली देने वालों के प्रति भी ईसा ने प्रेम दिखाया और ईश्वर से प्रार्थना की कि उन्हें क्षमा करें। प्रभु ने लोगों के पापों की क्षमा के लिए अपनी कुर्बानी दी। विशेष प्रार्थना में सभी दुखी, बीमार, लाचार व गरीबों के लिए प्रार्थना की गई। इसके बाद पवित्र क्रूस की उपासना की गई। सभी को परम प्रसाद का वितरित किया गया। इस दौरान चर्च में सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। प्रार्थना फादर ने संपन्न कराई।
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पवित्र शुक्रवार को ईसाइयों के दुख के रूप में मनाया गया। धर्म के लोगों ने प्रभु यीशु का स्मरण किया। धर्मगुरुओं ने कहा कि गुड फ्राइडे बलिदान दिवस है। इस दिन धर्मावलंबी व्रत, उपवास, संयम व संकल्प के रूप में मनाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु ने इसी दिन संसार की समस्त मानव जाति को सभी प्रकार के पापों से मुक्ति दिलाने के लिए येरुशलम की पहाड़ी की क्रूस पर खुशी-खुशी अपने प्राणों को त्याग दिया था।
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प्रार्थना सभा में उन्होंने कहा कि मानव मोक्ष के लिए प्रभु यीशु मसीह ने अवतार लिया था। प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर चढ़ने से पहले बोले गए अंतिम सात वचन भी सुनाए गए। शुक्रवार को ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में धर्मगुरुओं ने कहा कि यीशु मसीह प्रेम, त्याग, दयालुता, क्षमा के कारण जन-जन में लोकप्रिय हैं। हम सभी को प्रभु को अपने जीवन में उतारने की जरूरत है। बताया कि परमेश्वर की आज्ञा को तोड़ना पाप है। साथ ही उनके मानवता-प्रेम के संदेशों को आत्मसात कर आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया।
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फादर जॉन मिल्टन ने बताया कि दुनिया में क्लेश, कुकर्म, अन्याय, भेदभाव और बदले की भावना पूरी तरह हावी है। ऐसी परिस्थिति में ईसा मसीह के संदेश प्रासंगिक हो गए हैं। ऐतिहासिक चर्च में शुक्रवार को ईसाई समाज के लोगों ने गुड फ्राइडे पर प्रार्थना की।
फादर वलेरियन पिंटो ने बताया कि प्रभु यीशु ने समाज के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया था, उस दिन शुक्रवार था। इसलिए उनके बलिदान दिवस को हर वर्ष गुड फ्राइडे के रूप में मनाया जाता है। चर्च में एकत्रित हुए ईसाई समाज के लोगों ने प्रभु यीशु से प्रार्थना की। अनुयायिओं ने प्रभु यीशु के दुखों को याद कर उपवास रखा। इस दौरान चर्च परिसर में स्थित प्रभु यीशु के दुखों को दर्शाते चौदह मुकामों पर विशेष प्रार्थना कराई गई।
फादर ने कहा कि सूली देने वालों के प्रति भी ईसा ने प्रेम दिखाया और ईश्वर से प्रार्थना की कि उन्हें क्षमा करें। प्रभु ने लोगों के पापों की क्षमा के लिए अपनी कुर्बानी दी। विशेष प्रार्थना में सभी दुखी, बीमार, लाचार व गरीबों के लिए प्रार्थना की गई। इसके बाद पवित्र क्रूस की उपासना की गई। सभी को परम प्रसाद का वितरित किया गया। इस दौरान चर्च में सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। प्रार्थना फादर ने संपन्न कराई।