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मूल्यांकन में लापरवाही पर तीन शिक्षक डिबार, दो केंद्रों पर कार्रवाई
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मेरठ। मूल्यांकन में लगातार लापरवाही के मामले सामने आने के बाद विवि प्रशासन ने ऐसे शिक्षकों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। तीन उत्तर पुस्तिकाओं में गंभीर लापरवाही करने वाले ऐसे तीन शिक्षकों को मूल्यांकन से डिबार कर दिया है। इसके साथ ही नकल की शिकायत वाले दो केंद्रों को भी डिबार किया गया है।
मंगलवार को कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में परीक्षा समिति की ऑनलाइन बैठक हुई। वीसी ने लापरवाही करने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि माडर्न कॉलेज ऑफ लॉ मोहननगर गाजियाबाद की छात्रा ने पेपर कोड ज्ञ.4001 की परीक्षा जून 2019 में दी थी। परीक्षाफल घोषित होने पर छात्रा को उक्त कोड में अनुपस्थित दर्शाया गया। जांच कराए जाने पर छात्रा की कॉपी बीसीए कोड संख्या 402 की कॉपी में मिली। इसी प्रकार सुंदर दीप कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट के बीबीए के छात्र को पेपर कोड 602 जून 2019 की परीक्षा में अनुपस्थित दर्शाया गया। जांच कराए जाने पर उक्त कॉपी बीसीए कोड संख्या 602 में पाई गई। एनसीपीई धूम मानिकपुर दादरी गौतमबुद्धनगर की एक छात्रा ने एमए (व्यक्तिगत) बैक पेपर 2019 में परीक्षा दी थी, जिसमें उक्त छात्रा को अनुपस्थित दर्शाया गया। उत्तर पुस्तिका विभाग द्वारा ट्रेस कराए जाने पर पता चला कि उक्त उत्तर पुस्तिका बीए के बंडल में पाई गई। उसका मूल्यांकन 100 के स्थान पर 50 अंकों से कर दिया गया। इन मामलों में संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है। संबंधित छात्रों की उत्तर पुस्तिका को संबंधित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों से जांचोपरांत प्राप्त अंकों के आधार पर परीक्षाफल घोषित करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही आरटीआई में खर्च होने वाले छात्रों की रकम की भी ऐसे शिक्षकों से वसूली की तैयारी की जा रही है।
इन केंद्रों पर मिली गड़बड़ी
केंद्रीय सतर्कता दल विवि की परीक्षा के दौरान मां भगवती देवी कन्या महाविद्यालय भौरा कलां मुजफ्फरनगर तथा एसकेडीवी कॉलेज फॉर मैनेजमेंट एंड एजुकेशन सिकंदरपुर शामली में नकल सामग्री पाई गई थी। समिति द्वारा उक्त दोनों कॉलेजों के परीक्षा केंद्रों को डिबार करने का निर्णय लिया गया। फ्लाइंग स्क्वॉयड द्वारा प्रस्तुत अन्य ऐसे प्रकरणों की जांच व कार्रवाई के लिए समिति का गठन किया गया। इसके साथ ही पूर्व में डिबार किए गए 8 परीक्षा केंद्रों को चेतावनी पत्र जारी किया था। इन आठ कॉलेजों को नियमानुसार अनुमन्य व्यक्तिगत पंजीकरण शुल्क का भुगतान करने का निर्णय लिया।
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कॉपी पर लिख दिया था नाम- रोल नंबर
रामा मेडिकल कॉलेज पिलखुवा, हापुड़ की छात्रा ने जनवरी-फरवरी में मेडिकल की परीक्षाएं दी थी। छात्रा द्वारा परीक्षा में प्रत्येक उत्तर पुस्तिका में अपना नाम और रोल नंबर अंकित कर दिया गया था। जो नियमानुसार अनुचित साधन प्रयोग की श्रेणी में आता है, इसीलिए छात्रा को श्रेणी चार प्रदान की गई। परीक्षा समिति द्वारा सम्यक विचारोपरांत उक्त छात्रा को निर्दोष मानते हुए चेतावनी जारी कर परीक्षाफल घोषित करने का निर्णय लिया गया।
ये रहे मौजूद
बैठक में प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. रूप नारायण, प्रो. हरे कृष्णा, प्रो. एसएस गौरव, प्रो. जगबीर भारद्वाज, प्रो. मृदुल गुप्ता, प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, डॉ. एसएस बेदार, डॉ. अंजलि मित्तल, डॉ. मोनिका, डॉ. दिव्यनाथ, डॉ. सुधीर कुमार, कमेटी सेल प्रभारी अचरज मांगलिक, विवेक सिद्धू, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता मौजूद रहे।
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मंगलवार को कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में परीक्षा समिति की ऑनलाइन बैठक हुई। वीसी ने लापरवाही करने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि माडर्न कॉलेज ऑफ लॉ मोहननगर गाजियाबाद की छात्रा ने पेपर कोड ज्ञ.4001 की परीक्षा जून 2019 में दी थी। परीक्षाफल घोषित होने पर छात्रा को उक्त कोड में अनुपस्थित दर्शाया गया। जांच कराए जाने पर छात्रा की कॉपी बीसीए कोड संख्या 402 की कॉपी में मिली। इसी प्रकार सुंदर दीप कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट के बीबीए के छात्र को पेपर कोड 602 जून 2019 की परीक्षा में अनुपस्थित दर्शाया गया। जांच कराए जाने पर उक्त कॉपी बीसीए कोड संख्या 602 में पाई गई। एनसीपीई धूम मानिकपुर दादरी गौतमबुद्धनगर की एक छात्रा ने एमए (व्यक्तिगत) बैक पेपर 2019 में परीक्षा दी थी, जिसमें उक्त छात्रा को अनुपस्थित दर्शाया गया। उत्तर पुस्तिका विभाग द्वारा ट्रेस कराए जाने पर पता चला कि उक्त उत्तर पुस्तिका बीए के बंडल में पाई गई। उसका मूल्यांकन 100 के स्थान पर 50 अंकों से कर दिया गया। इन मामलों में संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है। संबंधित छात्रों की उत्तर पुस्तिका को संबंधित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों से जांचोपरांत प्राप्त अंकों के आधार पर परीक्षाफल घोषित करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही आरटीआई में खर्च होने वाले छात्रों की रकम की भी ऐसे शिक्षकों से वसूली की तैयारी की जा रही है।
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इन केंद्रों पर मिली गड़बड़ी
केंद्रीय सतर्कता दल विवि की परीक्षा के दौरान मां भगवती देवी कन्या महाविद्यालय भौरा कलां मुजफ्फरनगर तथा एसकेडीवी कॉलेज फॉर मैनेजमेंट एंड एजुकेशन सिकंदरपुर शामली में नकल सामग्री पाई गई थी। समिति द्वारा उक्त दोनों कॉलेजों के परीक्षा केंद्रों को डिबार करने का निर्णय लिया गया। फ्लाइंग स्क्वॉयड द्वारा प्रस्तुत अन्य ऐसे प्रकरणों की जांच व कार्रवाई के लिए समिति का गठन किया गया। इसके साथ ही पूर्व में डिबार किए गए 8 परीक्षा केंद्रों को चेतावनी पत्र जारी किया था। इन आठ कॉलेजों को नियमानुसार अनुमन्य व्यक्तिगत पंजीकरण शुल्क का भुगतान करने का निर्णय लिया।
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कॉपी पर लिख दिया था नाम- रोल नंबर
रामा मेडिकल कॉलेज पिलखुवा, हापुड़ की छात्रा ने जनवरी-फरवरी में मेडिकल की परीक्षाएं दी थी। छात्रा द्वारा परीक्षा में प्रत्येक उत्तर पुस्तिका में अपना नाम और रोल नंबर अंकित कर दिया गया था। जो नियमानुसार अनुचित साधन प्रयोग की श्रेणी में आता है, इसीलिए छात्रा को श्रेणी चार प्रदान की गई। परीक्षा समिति द्वारा सम्यक विचारोपरांत उक्त छात्रा को निर्दोष मानते हुए चेतावनी जारी कर परीक्षाफल घोषित करने का निर्णय लिया गया।
ये रहे मौजूद
बैठक में प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. रूप नारायण, प्रो. हरे कृष्णा, प्रो. एसएस गौरव, प्रो. जगबीर भारद्वाज, प्रो. मृदुल गुप्ता, प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, डॉ. एसएस बेदार, डॉ. अंजलि मित्तल, डॉ. मोनिका, डॉ. दिव्यनाथ, डॉ. सुधीर कुमार, कमेटी सेल प्रभारी अचरज मांगलिक, विवेक सिद्धू, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता मौजूद रहे।