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अभिषेक हत्याकांड में दोषी पिता-पुत्री समेत तीन को आजीवन कारावास
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मेरठ। मवाना थाना क्षेत्र के अटौरा गांव में 26 मार्च 2021 को की गई अभिषेक की हत्या में एडीजे-12 की कोर्ट ने अदिति और उसके पिता अनुज व चाचा ओमकार सिंह को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अभिषेक की प्रेम प्रसंग में पीटने के बाद गला दबाकर हत्या की गई थी। उसका शव बोरे में बांधकर तालाब किनारे फेंक दिया गया था।
अटौरा गांव निवासी अभिषेक के पिता राजकुमार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उनके पुत्र का गांव की ही अदीति से प्रेम प्रसंग चल रहा था। बताया कि इस मामले में कई बार पंचायत हुई लेकिन प्रेमी युगल मानने को तैयार नहीं था। आरोप है कि युवती के पिता और चाचा कई बार अभिषेक को मारने की धमकी दे चुके थे। 26 मार्च 2021 की रात को अभिषेक प्रेमिका के घर गया था। अभिषेक को जाते समय उसके भाई आशीष ने देखा था। उसने अभिषेक को काफी समझाया, लेकिन वह नहीं माना और चला गया। देर रात 12 बजे तक वह नहीं लौटा तो परिजनों ने तलाश शुरू की। परिवार के लोग रातभर अभिषेक को तलाशते रहे।
शनिवार सुबह नौ बजे गांव के वचन सिंह और पारिक ने बताया कि रात करीब 11.30 बजे खेत से लौटते समय युवती के परिजनों को बुग्गी पर बैठ तालाब की ओर जाते हुए देखा था। बुग्गी में बोरी रखी थी। वे तालाब की ओर गए। यहां तालाब के किनारे अभिषेक का शव बोरी में मिला। राजकुमार ने अदिती व उसके पिता अनुज कुमार, चाचा ओमकार सिंह, दादा महिपाल और अभिषेक उर्फ पोलार्ड के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिपाल और अभिषेक को दोषी नहीं पाए गए। कोर्ट ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अदिती, अनुज और ओमकार को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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अटौरा गांव निवासी अभिषेक के पिता राजकुमार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उनके पुत्र का गांव की ही अदीति से प्रेम प्रसंग चल रहा था। बताया कि इस मामले में कई बार पंचायत हुई लेकिन प्रेमी युगल मानने को तैयार नहीं था। आरोप है कि युवती के पिता और चाचा कई बार अभिषेक को मारने की धमकी दे चुके थे। 26 मार्च 2021 की रात को अभिषेक प्रेमिका के घर गया था। अभिषेक को जाते समय उसके भाई आशीष ने देखा था। उसने अभिषेक को काफी समझाया, लेकिन वह नहीं माना और चला गया। देर रात 12 बजे तक वह नहीं लौटा तो परिजनों ने तलाश शुरू की। परिवार के लोग रातभर अभिषेक को तलाशते रहे।
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शनिवार सुबह नौ बजे गांव के वचन सिंह और पारिक ने बताया कि रात करीब 11.30 बजे खेत से लौटते समय युवती के परिजनों को बुग्गी पर बैठ तालाब की ओर जाते हुए देखा था। बुग्गी में बोरी रखी थी। वे तालाब की ओर गए। यहां तालाब के किनारे अभिषेक का शव बोरी में मिला। राजकुमार ने अदिती व उसके पिता अनुज कुमार, चाचा ओमकार सिंह, दादा महिपाल और अभिषेक उर्फ पोलार्ड के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिपाल और अभिषेक को दोषी नहीं पाए गए। कोर्ट ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अदिती, अनुज और ओमकार को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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