फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Three funerals were raised together: Saif was the only brother of four sisters, father had blood cancer

एकसाथ उठे तीन जनाजे: चार बहनों का इकलौता भाई था सैफ, पिता को ब्लड कैंसर, मां गठिया बाय से हैं पीड़ित

Fri, 11 Oct 2024 03:58 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Fri, 11 Oct 2024 03:58 PM IST
सार

सड़क हादसे में किठौर क्षेत्र के खंद्रावली निवासी सैफ, उसकी बहन निदा और नेहा परवीन की मौत का पता चलते ही गांव में शोक छा गया।

विज्ञापन
Three funerals were raised together: Saif was the only brother of four sisters, father had blood cancer
हादसे के बाद बेसुध पड़े माता पिता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

किठाैर थानाक्षेत्र के खंद्रावली गांव निवासी नौमान और गुलिश्ता के पांच बच्चों में चार बेटियां और इकलौता बेटा सैफ था। दो बेटियों सबा परवीन और निशा परवीन की तीन वर्ष पहले मवाना और बुलंदशहर के स्याना में शादी हो चुकी है। निदा, नेहा और सैफ तीनों अविवाहित थे। पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव घर पहुंचे तो परिजनों का रोकर बुरा हाल हो गया। एक साथ घर से तीन जनाजे उठे तो हर आंख नम हो गई। 

विज्ञापन


यहां मौजूद हर कोई यही कह रहा था कि हादसे ने नौमान और गुलिश्तां की जिंदगी ही उजाड़ दी, अब वे किसके सहारे जीएंगे। नौमान के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। सैफ, नेहा और निदा मेहनत-मजदूरी कर परिवार को संभाले हुए थे। 

विज्ञापन

तीनों की मौत के बाद अब ब्लड कैंसर से जूझ रहे पिता नौमान और गठिया बाय से पीड़ित मां गुलिश्ता के उपचार पर भी संकट आ गया है। परिवार ने दान में मिली भूमि पर करीब 11 साल पहले अपना घर बनाया था। 

ग्राम प्रधान आरिफ ने बताया कि वर्ष 2013 में उन्होंने अपनी पांच बीघा निजी जमीन कई बेघर परिवारों को दान में दी थी। इनमें यह परिवार भी शामिल था। करीब 51 गज भूमि में इस परिवार ने भी अपना घर बनाया था।

बेसुध हो गए माता-पिता, गांव में छाया मातम
बड़ागांव में रिश्तेदारी के युवक के नौकरी के लिए सऊदी अरब जाने के लिए समारोह आयोजित किया गया था। इसमें शामिल होने के लिए तीनों भाई-बहन गए थे। अब इन तीनों की मौत से परिवार को बड़े आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। कुछ लोगों ने कहा कि ऐसे हालात किसी के लिए भी असहनीय और दुखदायी हैं।

एक परिवार में तीन संतानों की एक साथ मौत से हर किसी का कलेजा कांप उठा। यह मनहूस खबर मिलने पर माता-पिता रोते हुए बेसुध हो गए। यहां पहुंचने परिचितों की समझ में नहीं आ रहा था कि गमगीन परिवार को कैसे ढांढस बंधाएं। परिवार के साथ ही पूरे गांव में भी मातम पसर गया। बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे तीनों के शव कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किए गए। देर रात तक लोग घर पर आते-जाते रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed