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Meerut News: गर्भवती महिला की मौत में तीन डाॅक्टरों को पांच-पांच साल की सजा
Sun, 06 Apr 2025 12:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sun, 06 Apr 2025 12:17 AM IST
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बिजनौर। इलाज में लापरवाही से गर्भवती महिला की मौत के मामले में एक महिला चिकित्सक समेत तीन डाॅक्टरों को अपर जिला जज प्रकाश चंद्र शुक्ला की अदालत ने दोषी पाया। जिन्हें पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। चिकित्सकों पर साठ हजार पांच सौ रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अभियोजन अधिकारी ने बताया कि हीमपुर दीपा के लदूपुरा निवासी यशवीर की पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर 25 अगस्त 2023 को चांदपुर के अनमोल हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती कराया गया। यशवीर ने यह भी बताया कि उसकी गर्भवती पत्नी ओमवती का ऑपरेशन किया गया। एक बच्ची को जन्म देने के बाद उसकी हालत बिगड़ी और रक्तस्राव होने लगा। जच्चा की हालत बिगड़ने पर चिकित्सक ऑपरेशन कक्ष से भाग गए। डॉक्टर की लापरवाही से उसकी पत्नी की मौत हो गई। पीड़ित की तहरीर पर लापरवाही बरतने के आधार पर गैर इरादतन हत्या का मामला चांदपुर थाने में दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजते हुए आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में आठ गवाह पेश किए गए। हालांकि इस मामले के पीड़ित यशवीर सिंह ने आरोपियों से हमसाज होकर अदालत में झूठी गवाही दी। अदालत ने उसे पक्षद्रोही गवाह घोषित कर तीनों चिकित्सक डॉ. पिंकी चंद्रावल पुत्री चरन सिंह मोरमकदूमपुर शिवालाकलां, डॉ. संजय कुमार पुत्र मेघराज सिंह चांदपुर और डॉ. हरीश कुमार पुत्र नन्हे पत्तियां पाड़ा को भारतीय दंड संहिता और इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दोषी पाकर सजा सुनाई।
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अभियोजन अधिकारी ने बताया कि हीमपुर दीपा के लदूपुरा निवासी यशवीर की पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर 25 अगस्त 2023 को चांदपुर के अनमोल हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती कराया गया। यशवीर ने यह भी बताया कि उसकी गर्भवती पत्नी ओमवती का ऑपरेशन किया गया। एक बच्ची को जन्म देने के बाद उसकी हालत बिगड़ी और रक्तस्राव होने लगा। जच्चा की हालत बिगड़ने पर चिकित्सक ऑपरेशन कक्ष से भाग गए। डॉक्टर की लापरवाही से उसकी पत्नी की मौत हो गई। पीड़ित की तहरीर पर लापरवाही बरतने के आधार पर गैर इरादतन हत्या का मामला चांदपुर थाने में दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजते हुए आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में आठ गवाह पेश किए गए। हालांकि इस मामले के पीड़ित यशवीर सिंह ने आरोपियों से हमसाज होकर अदालत में झूठी गवाही दी। अदालत ने उसे पक्षद्रोही गवाह घोषित कर तीनों चिकित्सक डॉ. पिंकी चंद्रावल पुत्री चरन सिंह मोरमकदूमपुर शिवालाकलां, डॉ. संजय कुमार पुत्र मेघराज सिंह चांदपुर और डॉ. हरीश कुमार पुत्र नन्हे पत्तियां पाड़ा को भारतीय दंड संहिता और इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दोषी पाकर सजा सुनाई।
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