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तीन दिन में करें सदर थानेदार सोतीगंज का सत्यापन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Mar 2017 01:41 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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सोतीगंज के दुकानदारों के सत्यापन के लिए एसपी सिटी ने इंस्पेक्टर सदर बाजार को तीन दिन का समय दिया है। सत्यापन प्रमाण पत्र मांगते हुए कहा है कि सभी दुकानदारों को जल्द ही वाहनों से संबंधित रिकॉर्ड रखने के रजिस्टर इश्यू कर दिए जाएंगे।
चोरी के वाहनों का कमेला बन चुके सोतीगंज में पुलिस फोर्स ने बृहस्पतिवार को जांच की थी। इस दौरान कई दुकानों और गोदामों में कटे हुए वाहन भरे मिले थे। छापामारी से पहले ही कई दुकानदार गोदाम और दुकान बंद कर भाग गए थे। इस इलाके पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस-प्रशासन ने प्रत्येक दुकानदार का वेरिफिकेशन कराने का निर्णय लिया है। एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने शुक्रवार को बताया कि सोतीगंज की प्रत्येक दुकान की सूची बनेगी। उसमें प्रत्येक दुकान का नाम, उसके मालिक पूरा नाम पता और उनके मोबाइल नंबर सहित पूरा ब्यौरा तैयार किया जाएगा। सदर थाना पुलिस सभी दुकानों पर जाकर इसकी जांच कर इसकी सूची तैयार करेगी। इसके लिए सदर इंस्पेक्टर को तीन दिन का समय दिया है। इंस्पेक्टर को तीन दिन में इस बात का प्रमाणपत्र देना होगा कि सोतीगंज की प्रत्येक दुकान का सत्यापन कर लिया गया है।
हर पेज होगा सत्यापित
यहां के प्रत्येक दुकानदार को एसपी सिटी ऑफिस से एक रजिस्टर इश्यू होगा। जिसके प्रत्येक पेज पर सदर थाने के मुंशी द्वारा नंबरिंग कर मुहर लगाकर सत्यापित किया जाएगा, ताकि रजिस्टर का कोई पेज गायब न कर सके। रजिस्टर में होने वाली एंट्री का बाकायदा प्रारूप दिया गया है। इसी प्रारूप से दुकानदारों को एंट्री करनी होंगी। एसपी सिटी ने बताया कि प्रत्येक दुकानदार को नियमों का पालन करना होगा। जांच में यदि किसी के यहां रजिस्टर में रिकॉर्ड पूरा नहीं मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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क्लीन चिट देकर सामान छोड़ा
बृहस्पतिवार को छापामारी के दौरान पुलिस द्वारा जब्त किए गए कुछ वाहनों के इंजन आदि सामान को अगले ही दिन क्लीन चिट देकर छोड़ दिया गया। एसपी सिटी ने बताया कि जब्त किए गए वाहनों से संबंधित कागजात दुकानदारों ने पुलिस को दिखा दिए। उनकी जांच के बाद संतुष्ट होने पर सामान छोड़ दिया गया।
नहीं दिखा दूसरे दिन असर
बृहस्पतिवार की छापामारी का शुक्रवार को सोतीगंज के वाहन माफियाओं में कोई असर नहीं दिखा। पुलिस अफसरों ने बृहस्पतिवार को जिन बड़े कबाड़ियों का नाम लेकर उनकी खोजबीन की थी, वे शुक्रवार को दुकान और गोदाम खोलकर बैठे मिले। लेकिन पुलिस उनसे कोई पूछताछ या वाहनों की जांच करने नहीं पहुंची।
118 कबाड़ियों पर मुकदमे
पुलिस के मुताबिक सोतीगंज के 118 कबाड़ियों के खिलाफ चोरी और लूट के वाहन काटने के मुकदमे दर्ज हैं। हाजी गल्ला समेत पांच कबाड़ियों की पुलिस ने हिस्ट्रीशीट तक खोली हुई है। इतने कबाड़ियों पर रिपोर्ट होने के बावजूद भी पुलिस उन पर शिकंजा कसने में नाकाम है। चर्चा है कि सदर बाजार थाना पुलिस सहित कुछ पुलिस अफसरों के रहमोकरम पर सोतीगंज में चोरी और लूट के वाहन काटे जाते हैं।
सोतीगंज में बैठक की चर्चा
सोतीगंज में लूट और चोरी के वाहन काटने वाले कबाड़ियों में चर्चा है कि सत्ता बदली है, तो पुलिस सख्ती तो करेगी ही। चर्चा यह भी है कि कुछ कबाड़ियों की बृहस्पतिवार देर रात मीटिंग हुई थी, जिसमें कुछ दिनों के लिए वाहन काटते समय चौकसी बरतने की बात कही गई। इसको लेकर एक वाहन माफिया ने एक पुलिस अधिकारी से बातचीत भी की है।
अपनी कुर्सी बचाने का ड्रामा?
सदर बाजार पुलिस में चर्चा है कि भाजपा सरकार आने से कुछ पुलिस अफसरों ने अपनी कुर्सी बचाने की खातिर बृहस्पतिवार को फौरी तौर पर छापामारी कराई थी। कुछ अधिकारी चाहते हैं कि भाजपा सरकार में अच्छी साख दिखाकर कुर्सी बच जाए। इसलिए वाहन काटने का रोजाना सत्यापन कराने की बात कही गई। कई अधिकारी यह भी जानते हैं कि ट्रांसफर होने के बाद उनके अभियान की कोई अहमियत नहीं होगी।
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चोरी के वाहनों का कमेला बन चुके सोतीगंज में पुलिस फोर्स ने बृहस्पतिवार को जांच की थी। इस दौरान कई दुकानों और गोदामों में कटे हुए वाहन भरे मिले थे। छापामारी से पहले ही कई दुकानदार गोदाम और दुकान बंद कर भाग गए थे। इस इलाके पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस-प्रशासन ने प्रत्येक दुकानदार का वेरिफिकेशन कराने का निर्णय लिया है। एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने शुक्रवार को बताया कि सोतीगंज की प्रत्येक दुकान की सूची बनेगी। उसमें प्रत्येक दुकान का नाम, उसके मालिक पूरा नाम पता और उनके मोबाइल नंबर सहित पूरा ब्यौरा तैयार किया जाएगा। सदर थाना पुलिस सभी दुकानों पर जाकर इसकी जांच कर इसकी सूची तैयार करेगी। इसके लिए सदर इंस्पेक्टर को तीन दिन का समय दिया है। इंस्पेक्टर को तीन दिन में इस बात का प्रमाणपत्र देना होगा कि सोतीगंज की प्रत्येक दुकान का सत्यापन कर लिया गया है।
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हर पेज होगा सत्यापित
यहां के प्रत्येक दुकानदार को एसपी सिटी ऑफिस से एक रजिस्टर इश्यू होगा। जिसके प्रत्येक पेज पर सदर थाने के मुंशी द्वारा नंबरिंग कर मुहर लगाकर सत्यापित किया जाएगा, ताकि रजिस्टर का कोई पेज गायब न कर सके। रजिस्टर में होने वाली एंट्री का बाकायदा प्रारूप दिया गया है। इसी प्रारूप से दुकानदारों को एंट्री करनी होंगी। एसपी सिटी ने बताया कि प्रत्येक दुकानदार को नियमों का पालन करना होगा। जांच में यदि किसी के यहां रजिस्टर में रिकॉर्ड पूरा नहीं मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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क्लीन चिट देकर सामान छोड़ा
बृहस्पतिवार को छापामारी के दौरान पुलिस द्वारा जब्त किए गए कुछ वाहनों के इंजन आदि सामान को अगले ही दिन क्लीन चिट देकर छोड़ दिया गया। एसपी सिटी ने बताया कि जब्त किए गए वाहनों से संबंधित कागजात दुकानदारों ने पुलिस को दिखा दिए। उनकी जांच के बाद संतुष्ट होने पर सामान छोड़ दिया गया।
नहीं दिखा दूसरे दिन असर
बृहस्पतिवार की छापामारी का शुक्रवार को सोतीगंज के वाहन माफियाओं में कोई असर नहीं दिखा। पुलिस अफसरों ने बृहस्पतिवार को जिन बड़े कबाड़ियों का नाम लेकर उनकी खोजबीन की थी, वे शुक्रवार को दुकान और गोदाम खोलकर बैठे मिले। लेकिन पुलिस उनसे कोई पूछताछ या वाहनों की जांच करने नहीं पहुंची।
118 कबाड़ियों पर मुकदमे
पुलिस के मुताबिक सोतीगंज के 118 कबाड़ियों के खिलाफ चोरी और लूट के वाहन काटने के मुकदमे दर्ज हैं। हाजी गल्ला समेत पांच कबाड़ियों की पुलिस ने हिस्ट्रीशीट तक खोली हुई है। इतने कबाड़ियों पर रिपोर्ट होने के बावजूद भी पुलिस उन पर शिकंजा कसने में नाकाम है। चर्चा है कि सदर बाजार थाना पुलिस सहित कुछ पुलिस अफसरों के रहमोकरम पर सोतीगंज में चोरी और लूट के वाहन काटे जाते हैं।
सोतीगंज में बैठक की चर्चा
सोतीगंज में लूट और चोरी के वाहन काटने वाले कबाड़ियों में चर्चा है कि सत्ता बदली है, तो पुलिस सख्ती तो करेगी ही। चर्चा यह भी है कि कुछ कबाड़ियों की बृहस्पतिवार देर रात मीटिंग हुई थी, जिसमें कुछ दिनों के लिए वाहन काटते समय चौकसी बरतने की बात कही गई। इसको लेकर एक वाहन माफिया ने एक पुलिस अधिकारी से बातचीत भी की है।
अपनी कुर्सी बचाने का ड्रामा?
सदर बाजार पुलिस में चर्चा है कि भाजपा सरकार आने से कुछ पुलिस अफसरों ने अपनी कुर्सी बचाने की खातिर बृहस्पतिवार को फौरी तौर पर छापामारी कराई थी। कुछ अधिकारी चाहते हैं कि भाजपा सरकार में अच्छी साख दिखाकर कुर्सी बच जाए। इसलिए वाहन काटने का रोजाना सत्यापन कराने की बात कही गई। कई अधिकारी यह भी जानते हैं कि ट्रांसफर होने के बाद उनके अभियान की कोई अहमियत नहीं होगी।