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गंगनहर में तीन शव उतराते मिले, पुलिस पर लापरवाही का आरोप
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सरधना। गंग नहर पर मानपुरी गांव के पास पानी में बहता शव। सोशल मीडिया
सरधना। गंगनहर के सरधना पुल के पास शुक्रवार सुबह तीन लोगों के शव दिखाई देने से सनसनी फैल गई। इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने मौके पर मौजूद होने के बावजूद शवों को निकालने के लिए कोई जहमत नहीं उठाई। इससे लोगों में रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों ने बताया कि पहला शव मानपुरी के सामने, दूसरा दौराला पुल के पास और तीसरा शव कांवड़ पटरी मार्ग पर ही बिजली घर के सामने उतराता हुआ देखा गया। गंगनहर में शवों के मिलने की सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से तेजी से फैली। लोगों का कहना है कि कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करती है और हर 200 मीटर की दूरी पर पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसके बावजूद शवों को नजरअंदाज किया गया।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शवों को देखकर भी उन्हें बाहर नहीं निकाला गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस ने अपने कर्तव्य को निभाने में लापरवाही बरती है। ग्रामीणों की मांग है कि उच्चाधिकारियों को इस मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने इन शवों को देखा, लेकिन किसी तरह की कार्रवाई नहीं की। न तो शवों को बाहर निकाला गया और न ही घटनास्थल की घेराबंदी की गई। इससे लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर आक्रोश है। सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाए हैं कि यदि शवों की पहचान में देरी होती है या सबूत नष्ट हो जाते हैं तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
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सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल का कहना है कि गंगनहर में शव मिलने की कोई जानकारी नहीं है। स्थानीय पुलिस चौकी से शव के बारे में जानकारी कराई जा रही है।
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ग्रामीणों ने बताया कि पहला शव मानपुरी के सामने, दूसरा दौराला पुल के पास और तीसरा शव कांवड़ पटरी मार्ग पर ही बिजली घर के सामने उतराता हुआ देखा गया। गंगनहर में शवों के मिलने की सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से तेजी से फैली। लोगों का कहना है कि कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करती है और हर 200 मीटर की दूरी पर पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसके बावजूद शवों को नजरअंदाज किया गया।
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स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शवों को देखकर भी उन्हें बाहर नहीं निकाला गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस ने अपने कर्तव्य को निभाने में लापरवाही बरती है। ग्रामीणों की मांग है कि उच्चाधिकारियों को इस मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने इन शवों को देखा, लेकिन किसी तरह की कार्रवाई नहीं की। न तो शवों को बाहर निकाला गया और न ही घटनास्थल की घेराबंदी की गई। इससे लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर आक्रोश है। सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाए हैं कि यदि शवों की पहचान में देरी होती है या सबूत नष्ट हो जाते हैं तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
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सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल का कहना है कि गंगनहर में शव मिलने की कोई जानकारी नहीं है। स्थानीय पुलिस चौकी से शव के बारे में जानकारी कराई जा रही है।