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तीसरी लहर का खतरा, डेल्टा प्लस वैरिएंट ने बढ़ाई चिंता
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मेरठ। कोरोना संक्रमण के तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है, ऐसे में नए वैरिएंट डेल्टा प्लस का सामने आना चिंता को बढ़ा रहा है। दूसरी लहर में कोरोना ने काफी कहर बरपाया था। अब कुछ राहत मिली है, लेकिन तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। इस बीच डेल्टा प्लस वैरिएंट की एंट्री हुई है। डेल्टा प्लस वैरिएंट के भी काफी केस मिले हैं।
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि कोरोना वायरस आए दिन अपना रूप बदल रहा है, जिस कारण वैज्ञानिकों और डॉक्टरों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस बारे में अभी और रिसर्च की जरूरत है, जो चल रही है। ज्यादा कुछ कहना अभी जल्दबाजी होगी।
मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब के प्रभारी डॉ. अमित गर्ग ने बताया कि कोरोना वायरस का ‘डेल्टा प्लस’ प्रकार, डेल्टा प्रकार में उत्परिवर्तन होने से बना है। यह महामारी की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार था। हालांकि, वायरस के नए प्रकार के कारण बीमारी कितनी घातक हो सकती है, इसका अभी तक कोई संकेत नहीं मिला है।
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सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि कोरोना से बचने के लिए कोरोना प्रोटोकॉल का पूरा पालन करना होगा। लोगों ने मास्क लगाना होगा। ज्यादा से ज्यादा मॉनिटरिंग और टेस्टिंग की जरूरत है। इस वेरिएंट के संक्रमण और मरीजों में संक्रमण की तीव्रता पर अध्ययन करने की जरूरत है। मेडिकल के कोविड ब्लॉक के प्रभारी डॉ. धीरज राज ने बताया कि अभी तो ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता। आने वाले दिनों में इस नए वैरिएंट के संक्रमण की तीव्रता के बारे में सटीक जानकारी सामने आएगी।
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सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि कोरोना वायरस आए दिन अपना रूप बदल रहा है, जिस कारण वैज्ञानिकों और डॉक्टरों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस बारे में अभी और रिसर्च की जरूरत है, जो चल रही है। ज्यादा कुछ कहना अभी जल्दबाजी होगी।
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मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब के प्रभारी डॉ. अमित गर्ग ने बताया कि कोरोना वायरस का ‘डेल्टा प्लस’ प्रकार, डेल्टा प्रकार में उत्परिवर्तन होने से बना है। यह महामारी की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार था। हालांकि, वायरस के नए प्रकार के कारण बीमारी कितनी घातक हो सकती है, इसका अभी तक कोई संकेत नहीं मिला है।
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सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि कोरोना से बचने के लिए कोरोना प्रोटोकॉल का पूरा पालन करना होगा। लोगों ने मास्क लगाना होगा। ज्यादा से ज्यादा मॉनिटरिंग और टेस्टिंग की जरूरत है। इस वेरिएंट के संक्रमण और मरीजों में संक्रमण की तीव्रता पर अध्ययन करने की जरूरत है। मेडिकल के कोविड ब्लॉक के प्रभारी डॉ. धीरज राज ने बताया कि अभी तो ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता। आने वाले दिनों में इस नए वैरिएंट के संक्रमण की तीव्रता के बारे में सटीक जानकारी सामने आएगी।