{"_id":"67ed9ec640649f2e270c6dae","slug":"thousands-of-quintals-of-farmers-potatoes-are-out-of-cold-storages-kithor-news-c-73-1-smrt1028-103889-2025-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: किसानों का हजारों क्विंटल आलू शीतगृहों से बाहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: किसानों का हजारों क्विंटल आलू शीतगृहों से बाहर
विज्ञापन
माछरा/मुंडाली। क्षेत्र के शीतगृह के चेंबरों पर फुल के नोटिस चस्पा हो गए हैं, जबकि हजारों क्विंटल आलू अभी भी कोल्ड स्टोर के बाहर रह गया है। इसी बीच मंडी में भी आलू के दाम करीब 200 रुपये प्रति कट्टा तक गिर गए हैं।
क्षेत्र के माछरा, नंगली अब्दुल्ला, कासमपुर, अमरपुर, हसनपुर कलां, खंद्रावली, भटीपुरा, पसवाडा, बहरोडा, नंगली किठौर, शोल्दा, रछौती, मऊखास आदि गांवों में बड़ी संख्या आलू की खेती की जाती है। मौसम अनुकूल रहने से 95 प्रतिशत से अधिक फसल की खोदाई हो चुकी है। शुरुआत में लग रहा था कि शीतगृह के भंडार खाली रह जाएंगे, लेकिन अब समय से पहले ही यह भर गए हैं।
आलम यह है कि मेरठ-गढ़ मार्ग पर स्थित कोल्ड स्टोर के बाहर हाउसफुल के नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं। आलू का बीज रखने के लिए कुछ शीतगृह में थोड़ी जगह खाली है। यह जगह उनके लिए है जो किसान ज्यादातर उनके ही शीतगृह में आलू रखते हैं। किसान आलू रखने के लिए अब दूर स्थित कोल्ड स्टोर के भी चक्कर लगा रहे हैं। आलू की अधिकता होने के कारण लोहियानगर की मंडी में 15 दिन के अंदर ही दाम 200 रुपये प्रति कट्टा तक गिर गए हैं। आढ़ती देवेंद्र त्यागी ने बताया कि इन दिनों हाईब्रिड आलू 400 रुपये प्रति कट्टा और चिपसोना आदि किस्म 550 रुपये प्रति कट्टा तक बिक्री हो रहा है, जिसमें किसानों को नुकसान हुआ है। जिन किसानों का आलू शीतगृह में नहीं रखा गया है, उन किसानों के आलू को बाग आदि ठंडी जगह दबाकर रखा है ताकि गर्मी में खराब न हो जाए। धीरे-धीरे मंडी का भाव जानकर उसे मंडी में बिक्री हेतु भेज रहे हैं। कुछ किसानों को आशा है कि शायद दाम बढ़ सकते हैं।
विज्ञापन
जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार का कहना है कि किसानों ने खेत से आलू की फसल उठा ली है। अधिकांश शीतगृह के भंडार भी भर चुके हैं। केवल बीज रखने लिए ही कुछ जगह बची है।
विज्ञापन
क्षेत्र के माछरा, नंगली अब्दुल्ला, कासमपुर, अमरपुर, हसनपुर कलां, खंद्रावली, भटीपुरा, पसवाडा, बहरोडा, नंगली किठौर, शोल्दा, रछौती, मऊखास आदि गांवों में बड़ी संख्या आलू की खेती की जाती है। मौसम अनुकूल रहने से 95 प्रतिशत से अधिक फसल की खोदाई हो चुकी है। शुरुआत में लग रहा था कि शीतगृह के भंडार खाली रह जाएंगे, लेकिन अब समय से पहले ही यह भर गए हैं।
विज्ञापन
आलम यह है कि मेरठ-गढ़ मार्ग पर स्थित कोल्ड स्टोर के बाहर हाउसफुल के नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं। आलू का बीज रखने के लिए कुछ शीतगृह में थोड़ी जगह खाली है। यह जगह उनके लिए है जो किसान ज्यादातर उनके ही शीतगृह में आलू रखते हैं। किसान आलू रखने के लिए अब दूर स्थित कोल्ड स्टोर के भी चक्कर लगा रहे हैं। आलू की अधिकता होने के कारण लोहियानगर की मंडी में 15 दिन के अंदर ही दाम 200 रुपये प्रति कट्टा तक गिर गए हैं। आढ़ती देवेंद्र त्यागी ने बताया कि इन दिनों हाईब्रिड आलू 400 रुपये प्रति कट्टा और चिपसोना आदि किस्म 550 रुपये प्रति कट्टा तक बिक्री हो रहा है, जिसमें किसानों को नुकसान हुआ है। जिन किसानों का आलू शीतगृह में नहीं रखा गया है, उन किसानों के आलू को बाग आदि ठंडी जगह दबाकर रखा है ताकि गर्मी में खराब न हो जाए। धीरे-धीरे मंडी का भाव जानकर उसे मंडी में बिक्री हेतु भेज रहे हैं। कुछ किसानों को आशा है कि शायद दाम बढ़ सकते हैं।
विज्ञापन
जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार का कहना है कि किसानों ने खेत से आलू की फसल उठा ली है। अधिकांश शीतगृह के भंडार भी भर चुके हैं। केवल बीज रखने लिए ही कुछ जगह बची है।