फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   These 46 madrasas were selected for modern education

इन 46 मदरसों को आधुनिक शिक्षा के लिए चुना गया

Mon, 17 Apr 2017 05:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Mon, 17 Apr 2017 05:51 PM IST
विज्ञापन
These 46 madrasas were selected for modern education
मदरसे में पढ़ाई करते विद्यार्थी

मुजफ्फरनगर के मदरसों में इस्लामिक शिक्षा के साथ अब दुनियावी तालीम के बोल भी गुनगुनाए जा रहे हैं। मदरसों की दशा-दिशा बदलने के लिए जहां एक कदम केंद्र सरकार ने बढ़ाया है, वहीं संचालक भी इसके लिए दो कदम आगे बढ़ाने के लिए बेताब हैं। बच्चों को दीन के साथ उस तालीम में भी मुकम्मल किया जा रहा है, जो आज के वक्त की जरूरत बन गई है। जिले के 46 मदरसों को आधुनिक शिक्षा के लिए चुना गया है।       

विज्ञापन


अभी तक मदरसों की दर-ओ-दीवारों में कलिमा और दीनी आयात के बोल गूंजते थे, लेकिन वक्त के साथ यह बेमाने हो गए हैं। अब मदरसे भी स्कूलों की तर्ज पर कदमताल कर रहे हैं। कुरआन, हिफ्ज और अरबी-फारसी तालीम के साथ विज्ञान, सामान्य ज्ञान और गणित-इंग्लिश की किताबों भी बच्चों के हाथों में पहुंच रही है। मदरसों में तिपाई (टाट-पट्टी) पर बैठे बच्चे एक घंटा दीनी इल्म लेते हैं तो दूसरे घंटे में विज्ञान के पहलुओं को भी जान रहे हैं। 
विज्ञापन


मदरसा इस्लामिया के कारी मोहम्मद मन्नान ने बताया कि दीनी तालीम जिदंगी जीने के तरीके, नबी के रास्तों पर अमल करना सिखाता है। वहीं, वक्त के साथ दीन के साथ गैर इस्लामिक शिक्षा भी महत्वपूर्ण हो गई है। मां-बाप का जितना फर्ज बच्चों को दीनी तालीम दिलाने का हक है, उनता ही दुनियावी शिक्षा भी जोर दिया जाना जरूरी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

   
आधुनिक शिक्षा में 46 मदरसे चयनित      
जनपद में करीब 46 मदरसों का आधुनिक शिक्षा के लिए चयन हुआ है। यानि इन मदरसों में हिंदी, इंग्लिश, गणित और विज्ञान की शिक्षा दी जाएगी। साथ की मदरसों में कंप्यूटर की शिक्षा भी रहेगी। खास बात यह है कि आधुनिक श्रेणी में आए मदरसों में तीन शिक्षकों के वेतन की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की रहेगी। मदरसा संचालकों को अपने तीन शिक्षकों का चयन कर अल्पसंख्यक विभाग में उनका रिकार्ड भेजना है।       

योगी सरकार की योजना होगी चुनौती      
जिले के अल्पसंख्यक विभाग के अनुसार बड़े स्तर पर जनपद भर में मदरसों को अनुदान मिलता है। साथ ही छात्रवृत्ति भी मुहैया होती है। योगी सरकार के मदरसों में इतिहास, भूगोल, इंग्लिश और गणित की शिक्षा अनिवार्य करने की योजना से दशा-दिशा बदलने की उम्मीद है। मगर, उन मदरसों में योजना को लागू करना बड़ी चुनौती है, जो अनुदानित नहीं हैं, इनमें सिर्फ अरबी और उर्दू की शिक्षा दी जाती है।       

 
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मुजफ्फरनगर (भरतलाल गौड़) ने बताया कि जनपद में करीब 46 मदरसों का आधुनिक शिक्षा के लिए चयन हुआ है। जिनमें हिंदी-इंग्लिश, गणित की शिक्षा दी जा रही है। शासन का जो भी आदेश होगा उसे मदरसों में लागू कराया जा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed