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Meerut News: बहसूमा-खतौली बीच बसों का आवागमन नहीं, परेशानी
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इस रूट पर क्षेत्र के गांव शाहपुर, बटावली, मीरपुर, तखावली, नगला खेप्पड आदि पड़ते हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
बहसूमा। बहसूमा से खतौली के लिए बसों का संचालन नहीं होने से यात्री परेशान हैं। इस रूट पर बहसूमा क्षेत्र के कई गांव पड़ते हैं। इन गांवों के लोगों का मुख्य बाजार बहसूमा और खतौली है। यहां के लोगों के आवागमन का एकमात्र सहारा उनके निजी वाहन ही हैं। जबकि सरकार हर गांव को जोड़ने के लिए बसों के संचालन का दावा करती है। इन गांवों के सफर करने वाले यात्री बसों के संचालन की मांग कई बार कर चुके हैं लेकिन बसों का संचालन नहीं हो सका।
बहसूमा से खतौली जाने के लिए बसों के संचालन की व्यवस्था तीन साल पूर्व किन्हीं कारणों से बंद कर दी गई है। बहसूमा से खतौली की दूरी 30 किलोमीटर है। इस रूट पर क्षेत्र के गांव शाहपुर, बटावली, मीरपुर, तखावली, नगला खेप्पड आदि पड़ते हैं। इन गांवों के लोगों को मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, दिल्ली व अन्य शहर में नौकरी करने या व्यापार के लिए पहले बहसूमा या घटायन जाना पड़ता है। इसके बाद गंतव्य की ओर रवाना होते हैं। इन गांवों के छात्रों को पढ़ने के लिए के लिए पैदल या एकमात्र सहारा अपने निजी वाहन ही हैं। इनका मुख्य बाजार बहसूमा-खतौली लगता है। ग्रामीण कई बार जनप्रतिनिधियों से बसों के संचालन की मांग कर चुके हैं।
बसों का होना चाहिए संचालन
नंगला खेपड़ निवासी अजय तोमर का कहना है कि बसों का संचालन शुरू होना चाहिए। रूट पर पड़ने वाले गांव नगला खेपड़, मीरपुर, तखावली, तुरहेड़ी आदि के लोगों के सामने बड़ी समस्या है।
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मीरपुर निवासी चांदवीर का कहना है कि खतौली से घटायन तक प्राइवेट बसों का संचालन है। जबकि घटायन से बहसूमा तक का संचालन बीते तीन सालों से बंद है। बसों का संचालन होने से लोगों की परेशानी दूर हो जाएगी।
दिनेश शाहपुर का कहना है कि उनका मुख्य बाजार बहसूमा पड़ता है। बसों का संचालन होने से ग्रामीणों को सफर करने में आसानी होगी। इस मार्ग पर क्षेत्र के कई गांव पड़ते हैं। बसों के संचालन से लोगों को राहत मिलेगी।
बयान....
एआरएम मेरठ से वार्ता कर रोडवेज बस संचालित करने के लिए जानकारी की जाएगी। इसके अतिरिक्त प्राइवेट बसों के लाइसेंस के बारे में भी जानकारी की जाएगी। - संतोष कुमार, उपजिलाधिकारी, मवाना
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संवाद न्यूज एजेंसी
बहसूमा। बहसूमा से खतौली के लिए बसों का संचालन नहीं होने से यात्री परेशान हैं। इस रूट पर बहसूमा क्षेत्र के कई गांव पड़ते हैं। इन गांवों के लोगों का मुख्य बाजार बहसूमा और खतौली है। यहां के लोगों के आवागमन का एकमात्र सहारा उनके निजी वाहन ही हैं। जबकि सरकार हर गांव को जोड़ने के लिए बसों के संचालन का दावा करती है। इन गांवों के सफर करने वाले यात्री बसों के संचालन की मांग कई बार कर चुके हैं लेकिन बसों का संचालन नहीं हो सका।
बहसूमा से खतौली जाने के लिए बसों के संचालन की व्यवस्था तीन साल पूर्व किन्हीं कारणों से बंद कर दी गई है। बहसूमा से खतौली की दूरी 30 किलोमीटर है। इस रूट पर क्षेत्र के गांव शाहपुर, बटावली, मीरपुर, तखावली, नगला खेप्पड आदि पड़ते हैं। इन गांवों के लोगों को मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, दिल्ली व अन्य शहर में नौकरी करने या व्यापार के लिए पहले बहसूमा या घटायन जाना पड़ता है। इसके बाद गंतव्य की ओर रवाना होते हैं। इन गांवों के छात्रों को पढ़ने के लिए के लिए पैदल या एकमात्र सहारा अपने निजी वाहन ही हैं। इनका मुख्य बाजार बहसूमा-खतौली लगता है। ग्रामीण कई बार जनप्रतिनिधियों से बसों के संचालन की मांग कर चुके हैं।
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बसों का होना चाहिए संचालन
नंगला खेपड़ निवासी अजय तोमर का कहना है कि बसों का संचालन शुरू होना चाहिए। रूट पर पड़ने वाले गांव नगला खेपड़, मीरपुर, तखावली, तुरहेड़ी आदि के लोगों के सामने बड़ी समस्या है।
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मीरपुर निवासी चांदवीर का कहना है कि खतौली से घटायन तक प्राइवेट बसों का संचालन है। जबकि घटायन से बहसूमा तक का संचालन बीते तीन सालों से बंद है। बसों का संचालन होने से लोगों की परेशानी दूर हो जाएगी।
दिनेश शाहपुर का कहना है कि उनका मुख्य बाजार बहसूमा पड़ता है। बसों का संचालन होने से ग्रामीणों को सफर करने में आसानी होगी। इस मार्ग पर क्षेत्र के कई गांव पड़ते हैं। बसों के संचालन से लोगों को राहत मिलेगी।
बयान....
एआरएम मेरठ से वार्ता कर रोडवेज बस संचालित करने के लिए जानकारी की जाएगी। इसके अतिरिक्त प्राइवेट बसों के लाइसेंस के बारे में भी जानकारी की जाएगी। - संतोष कुमार, उपजिलाधिकारी, मवाना