{"_id":"6a99896e29d14524950af1e4","slug":"the-water-level-of-the-ganga-has-risen-to-112-lakh-cusecs-meerut-news-c-228-1-mwn1001-105390-2026-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: गंगा का जलस्तर बढ़कर 1.12 लाख क्यूसेक पर पहुंचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: गंगा का जलस्तर बढ़कर 1.12 लाख क्यूसेक पर पहुंचा
विज्ञापन
भीकुंड के जंगल में भरा बारिश का पानी स्रोत संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। लौटता मानसून खादर क्षेत्र के लोगों के लिए एक बार फिर परेशानी का सबब बन रहा है। बारिश के कारण लगातार दूसरे दिन भी गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज होने से खादर निवासियों की चिंता बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को बिजनौर बैराज से गंगा में 1.12 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। बुधवार को जलस्तर करीब 1.05 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था।
सिंचाई विभाग के एक्सईएन प्रमोद कुमार ने बताया कि अधिकारियों के अनुसार गंगा का वर्तमान जलस्तर सामान्य स्थिति में है और इससे किसी तरह के खतरे की स्थिति नहीं है। हालांकि, जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए तहसील प्रशासन भी सतर्क है। प्रशासन की ओर से गंगा के जलस्तर और खादर क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
उधर, खादर क्षेत्र के अधिकतर गांवों के जंगलों में पहले से ही बारिश का पानी लोगों के लिए परेशानी बना हुआ है। क्षेत्र के दर्जनों गांवों का जंगल बारिश के पानी से महीनों से पूरी तरह जलमग्न है। खेतों और जंगलों में पानी भरा होने के कारण किसानों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। वहीं खेतों में खड़ी चारे की फसल भी पूरी तरह गल कर नष्ट हो गई है और अभी नए चारे की फसल की बोआई भी बारिश के कारण नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन
किसान कुलदीप, आकाश, कृष्ण आदि का कहना है कि यदि गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो जंगल के साथ निचले इलाकों में भी पानी पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
हस्तिनापुर। लौटता मानसून खादर क्षेत्र के लोगों के लिए एक बार फिर परेशानी का सबब बन रहा है। बारिश के कारण लगातार दूसरे दिन भी गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज होने से खादर निवासियों की चिंता बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को बिजनौर बैराज से गंगा में 1.12 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। बुधवार को जलस्तर करीब 1.05 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था।
सिंचाई विभाग के एक्सईएन प्रमोद कुमार ने बताया कि अधिकारियों के अनुसार गंगा का वर्तमान जलस्तर सामान्य स्थिति में है और इससे किसी तरह के खतरे की स्थिति नहीं है। हालांकि, जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए तहसील प्रशासन भी सतर्क है। प्रशासन की ओर से गंगा के जलस्तर और खादर क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
उधर, खादर क्षेत्र के अधिकतर गांवों के जंगलों में पहले से ही बारिश का पानी लोगों के लिए परेशानी बना हुआ है। क्षेत्र के दर्जनों गांवों का जंगल बारिश के पानी से महीनों से पूरी तरह जलमग्न है। खेतों और जंगलों में पानी भरा होने के कारण किसानों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। वहीं खेतों में खड़ी चारे की फसल भी पूरी तरह गल कर नष्ट हो गई है और अभी नए चारे की फसल की बोआई भी बारिश के कारण नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन
किसान कुलदीप, आकाश, कृष्ण आदि का कहना है कि यदि गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो जंगल के साथ निचले इलाकों में भी पानी पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है।