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गंगा का जल स्तर बढ़ने से खादर में भरने लगा पानी, क्षेत्र के लोगों में बाढ़ का डर
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गंगा का जलस्तर बढ़ने पर पानी किनारों पर भरने लगा।
- फोटो : PARIKESHGARH
परीक्षितगढ़(मेरठ)। बिजनौर बैराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण खादर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिससे किसान चिंतित है। किसानों के मुताबिक प्रशासन की ओर से परीक्षितगढ़ क्षेत्र में कोई अधिकारी जायजा लेने नहीं पहुंचा है। कई गांवों से गंगा मात्र 300 मीटर की दूरी पर बह रही है।
दो दिन पहले बिजनौर बैराज से एक लाख 10 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया। जिससे खादर क्षेत्र में पानी बढ़ गया। खरखाली गंगा घाट, कालीनगर, कुंडा, मिर्जापुर, बंगाली बस्ती से गंगा मात्र 300 मीटर दूरी पर चल रही है। स्थानीय लोगों की माने तो अगर गंगा में अधिक पानी छोड़ा गया तो बाढ़ की स्थिति बन सकती है। क्षेत्र के लोगों को चिंता सताने लगी है। पानी खादर क्षेत्र में फैलना शुरू हो गया है। ग्रामीणों की नाराजगी है कि इतना होने के बाद भी कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके का जायजा लेने नहीं पहुंचा है। बाढ़ से निपटने का भी कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है।
ठोकर लगाने का कार्य अधूरा
गांव खरखाली गंगा घाट पर आधा किमी. तटबंध बनाने का कार्य शुरू किया था। जिसे बरसात से पहले पूरा किया जाना था। परंतु यह कार्य जरूरत के समय में भी अधूरा है। जिससे बाढ़ का खतरा है। वहीं, ठोकर भी उचित मात्रा में नहीं लगाई गई हैं।
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ग्रामीणों को रात में पानी बढ़ने की संभावना
क्षेत्र के लोगों की माने तो अगर बिजनौर बैराज से रात में पानी और ज्यादा डिस्चार्ज किया गया तो सुबह तक पानी यहां पहुंच सकता है। जिससे एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित होंगे। लोगों को बचने का मौका भी नहीं मिलेगा।
बाढ़ के हालात नहीं
खादर क्षेत्र में अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नही है। सभी संबधित विभागों को अलर्ट जारी किया है। बाढ़ से निपटने के लिए सभी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे है। - कमलेश गोयल, एसडीएम मवाना
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दो दिन पहले बिजनौर बैराज से एक लाख 10 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया। जिससे खादर क्षेत्र में पानी बढ़ गया। खरखाली गंगा घाट, कालीनगर, कुंडा, मिर्जापुर, बंगाली बस्ती से गंगा मात्र 300 मीटर दूरी पर चल रही है। स्थानीय लोगों की माने तो अगर गंगा में अधिक पानी छोड़ा गया तो बाढ़ की स्थिति बन सकती है। क्षेत्र के लोगों को चिंता सताने लगी है। पानी खादर क्षेत्र में फैलना शुरू हो गया है। ग्रामीणों की नाराजगी है कि इतना होने के बाद भी कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके का जायजा लेने नहीं पहुंचा है। बाढ़ से निपटने का भी कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है।
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ठोकर लगाने का कार्य अधूरा
गांव खरखाली गंगा घाट पर आधा किमी. तटबंध बनाने का कार्य शुरू किया था। जिसे बरसात से पहले पूरा किया जाना था। परंतु यह कार्य जरूरत के समय में भी अधूरा है। जिससे बाढ़ का खतरा है। वहीं, ठोकर भी उचित मात्रा में नहीं लगाई गई हैं।
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ग्रामीणों को रात में पानी बढ़ने की संभावना
क्षेत्र के लोगों की माने तो अगर बिजनौर बैराज से रात में पानी और ज्यादा डिस्चार्ज किया गया तो सुबह तक पानी यहां पहुंच सकता है। जिससे एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित होंगे। लोगों को बचने का मौका भी नहीं मिलेगा।
बाढ़ के हालात नहीं
खादर क्षेत्र में अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नही है। सभी संबधित विभागों को अलर्ट जारी किया है। बाढ़ से निपटने के लिए सभी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे है। - कमलेश गोयल, एसडीएम मवाना

गंगा का बढा जल स्तर।- फोटो : PARIKESHGARH