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व्यापारी बोले, दुकानें टूटीं तो सब कुछ उजड़ जाएगा
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मेरठ। सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवन 661/6 में बने कांपलेक्स के सभी 21 दुकानदारों को तत्काल दुकानें खाली करने के नोटिस चस्पा होने के बाद व्यापारी परेशान हैं। इस संबंध में व्यापारियों से बात की गईं तो किसी ने कहा कि ध्वस्तीकरण होने पर उनका सबकुछ उजड़ जाएगा। वहीं, कुछ व्यापारियों का कहना है कि उन्हें ईश्वर पर विश्वास है, उनके साथ कुछ गलत नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से दुकानदार मायूस हैं। यहां सालों से दुकान कर रहे हैं और अपने साथ ही कई कर्मचारियों की आजीविका भी इसी से चल रही है। दुकानें टूटीं तो सबकुछ उजड़ जाएगा।
- राजीव गुप्ता, अलंकार साड़ीज
ईश्वर पर हमें भरोसा, कोई गलत काम नहीं किया
हमें ईश्वर पर भरोसा है। सभी दुकानदारों के पास व्यापार का लाइसेंस है और नियम से टैक्स अदा करते हैं। कोई भी गलत काम नहीं किया।आवासीय भवन में दुकान करना ही हमारी गलती है।
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- किशोर वाधवा, व्यापारी नेता
लैंड यूज बदलने की बने नीति
शास्त्रीनगर योजना को चमकाने में व्यापारियों का बड़ा योगदान है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से न केवल 661/6 के दुकानदार बल्कि पूरे सेंट्रल मार्केट के व्यापारी सहमे हुए हैं। भय का माहौल है।
- प्रदीप चौरसिया, दुकानदार
केवल पांच फीसदी ही व्यावसायिक प्रयोग
सेंट्रल मार्केट वाले क्षेत्र में अफसरों की अदूरदर्शिता से ही अवैध निर्माण बढ़े। इसमें केवल पांच फीसदी ही व्यावसायिक उपयोग के प्लॉट रखे गए, जबकि इतनी बड़ी आबादी होते हुए यह कम से कम 20 फीसदी होना चाहिए था।
- मंदीप सिंह, सरदार जी प्रिंट
ध्वस्तीकरण न होने पर जताई थी नाराजगी रिव्यू याचिका
खारिज करने से पहले राजेंद्र कुमार बड़जात्या बनाम उप्र आवास एवं विकास परिषद एवं अन्य के विविध प्रार्थना पत्र 493/2025 पर न्यायाधीश जेबी पारदीवाला एवं आर. माधवन ने 28 अप्रैल को खारिज कर दिया था। इसमें 17 दिसंबर 2024 को ध्वस्तीकरण के आदेशों का पालन न होने पर कड़ा ऐतराज जताया था। राजीव गुप्ता एवं अन्य बनाम उप्र आवास एवं विकास और अन्य की रिव्यू याचिका शुक्रवार को न्यायाधीश जेबी पारदीवाला एवं आर. माधवन ने सुनवाई करते हुए खारिज कर दी। इससे पहले राजेंद्र कुमार बड़जात्या बनाम उप्र आवास एवं विकास परिषद एवं अन्य के विविध प्रार्थना पत्र 493/2025 पर न्यायाधीश जेबी पारदीवाला एवं आर. माधवन ने 28 अप्रैल को खारिज कर दिया था। इसमें 17 दिसंबर 2024 को ध्वस्तीकरण के आदेशों का पालन न होने पर नाराजगी जताई थी।
दो सप्ताह में ध्वस्तीकरण कर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश
आदेश में तीन महीने में 661/6 को खाली कराकर दो सप्ताह में ध्वस्त कराकर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। दुकानदारों की ओर से समय बढ़ाने की याचिका को 28 अप्रैल को कोर्ट ने ने रद्द कर दिया। इसी के साथ याची के दुकान खाली न करने पर अदालत की अवमानना का दोषी भी करार दिया है। इस मामले से संबंधित याचिकाओं को भी (डिस्पोज ऑफ) निस्तारित करने के आदेश दिए। इसी के तहत शुक्रवार को राजीव गुप्ता की याचिका खारिज कर दी गई। आवास एवं विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि शनिवार को सभी दुकानदारों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ नोटिस जारी करते हुए तत्काल दुकानें खाली करने को कहा है। दुकानें खाली न करने पर अदालत की अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।
इन दुकानदारों को जारी हुए नोटिस
- वीर सिंह निवासी ग्राम काजीपुर।
- राजेंद्र कुमार बड़जात्या निवासी होराम नगर ब्रह्मपुरी।
- राजीव गुप्ता निवासी के-1226 शास्त्रीनगर।
- सुषमा शर्मा निवासी 196/8 शास्त्रीनगर।
- संगीता वाधवा निवासी सोमदत्त विहार।
- चंद्र प्रकाश गोयल निवासी एफ-181 शास्त्रीनगर।
- निशि गोयल निवासी प्रभात नगर निकट जेपी अस्पताल।
- अमरजीत निवासी 320-ए नेहरू नगर।
- जगप्रीत कौर निवासी 513/6 शास्त्रीनगर।
- विनोद अरोड़ा निवासी 661/6 शास्त्रीनगर।
- संदीप सिंह निवासी 513/6 शास्त्रीनगर।
- मंदीप सिंह (मैसर्स सरदार जी प्रिंट) 661/6 शास्त्रीनगर।
- हरेंद्र चौहान (मैसर्स दुआ गारमेंट्स) 661/6 शास्त्रीनगर।
- राकेश मदान 661/6 शास्त्रीनगर।
- रजत अरोड़ा (मैसर्स टॉय यूनिट स्टोर) 661/6 शास्त्रीनगर।
- शकुंतला देवी (मैसर्स हंसिका फैशन) 661/6 शास्त्रीनगर।
- संगीता जैन (एमजी एसोसिएट्स) 661/6 शास्त्रीनगर।
- संगीता वाधवा (मोतीलाल ओसवाल, अरबन ठेका) 661/6 शास्त्रीनगर।
- पूनम मेहंदीरत्ता (मैसर्स एमआई स्टोर) 661/6 शास्त्रीनगर।
- प्रतीक वाधवा (हॉल प्रथम तल) 661/6 शास्त्रीनगर।
- अलका अरोड़ा (हॉल प्रथम तल) 661/6 शास्त्रीनगर।
- अन्य यदि कोई हो तो
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश से दुकानदार मायूस हैं। यहां सालों से दुकान कर रहे हैं और अपने साथ ही कई कर्मचारियों की आजीविका भी इसी से चल रही है। दुकानें टूटीं तो सबकुछ उजड़ जाएगा।
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- राजीव गुप्ता, अलंकार साड़ीज
ईश्वर पर हमें भरोसा, कोई गलत काम नहीं किया
हमें ईश्वर पर भरोसा है। सभी दुकानदारों के पास व्यापार का लाइसेंस है और नियम से टैक्स अदा करते हैं। कोई भी गलत काम नहीं किया।आवासीय भवन में दुकान करना ही हमारी गलती है।
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- किशोर वाधवा, व्यापारी नेता
लैंड यूज बदलने की बने नीति
शास्त्रीनगर योजना को चमकाने में व्यापारियों का बड़ा योगदान है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से न केवल 661/6 के दुकानदार बल्कि पूरे सेंट्रल मार्केट के व्यापारी सहमे हुए हैं। भय का माहौल है।
- प्रदीप चौरसिया, दुकानदार
केवल पांच फीसदी ही व्यावसायिक प्रयोग
सेंट्रल मार्केट वाले क्षेत्र में अफसरों की अदूरदर्शिता से ही अवैध निर्माण बढ़े। इसमें केवल पांच फीसदी ही व्यावसायिक उपयोग के प्लॉट रखे गए, जबकि इतनी बड़ी आबादी होते हुए यह कम से कम 20 फीसदी होना चाहिए था।
- मंदीप सिंह, सरदार जी प्रिंट
ध्वस्तीकरण न होने पर जताई थी नाराजगी रिव्यू याचिका
खारिज करने से पहले राजेंद्र कुमार बड़जात्या बनाम उप्र आवास एवं विकास परिषद एवं अन्य के विविध प्रार्थना पत्र 493/2025 पर न्यायाधीश जेबी पारदीवाला एवं आर. माधवन ने 28 अप्रैल को खारिज कर दिया था। इसमें 17 दिसंबर 2024 को ध्वस्तीकरण के आदेशों का पालन न होने पर कड़ा ऐतराज जताया था। राजीव गुप्ता एवं अन्य बनाम उप्र आवास एवं विकास और अन्य की रिव्यू याचिका शुक्रवार को न्यायाधीश जेबी पारदीवाला एवं आर. माधवन ने सुनवाई करते हुए खारिज कर दी। इससे पहले राजेंद्र कुमार बड़जात्या बनाम उप्र आवास एवं विकास परिषद एवं अन्य के विविध प्रार्थना पत्र 493/2025 पर न्यायाधीश जेबी पारदीवाला एवं आर. माधवन ने 28 अप्रैल को खारिज कर दिया था। इसमें 17 दिसंबर 2024 को ध्वस्तीकरण के आदेशों का पालन न होने पर नाराजगी जताई थी।
दो सप्ताह में ध्वस्तीकरण कर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश
आदेश में तीन महीने में 661/6 को खाली कराकर दो सप्ताह में ध्वस्त कराकर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। दुकानदारों की ओर से समय बढ़ाने की याचिका को 28 अप्रैल को कोर्ट ने ने रद्द कर दिया। इसी के साथ याची के दुकान खाली न करने पर अदालत की अवमानना का दोषी भी करार दिया है। इस मामले से संबंधित याचिकाओं को भी (डिस्पोज ऑफ) निस्तारित करने के आदेश दिए। इसी के तहत शुक्रवार को राजीव गुप्ता की याचिका खारिज कर दी गई। आवास एवं विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि शनिवार को सभी दुकानदारों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ नोटिस जारी करते हुए तत्काल दुकानें खाली करने को कहा है। दुकानें खाली न करने पर अदालत की अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।
इन दुकानदारों को जारी हुए नोटिस
- वीर सिंह निवासी ग्राम काजीपुर।
- राजेंद्र कुमार बड़जात्या निवासी होराम नगर ब्रह्मपुरी।
- राजीव गुप्ता निवासी के-1226 शास्त्रीनगर।
- सुषमा शर्मा निवासी 196/8 शास्त्रीनगर।
- संगीता वाधवा निवासी सोमदत्त विहार।
- चंद्र प्रकाश गोयल निवासी एफ-181 शास्त्रीनगर।
- निशि गोयल निवासी प्रभात नगर निकट जेपी अस्पताल।
- अमरजीत निवासी 320-ए नेहरू नगर।
- जगप्रीत कौर निवासी 513/6 शास्त्रीनगर।
- विनोद अरोड़ा निवासी 661/6 शास्त्रीनगर।
- संदीप सिंह निवासी 513/6 शास्त्रीनगर।
- मंदीप सिंह (मैसर्स सरदार जी प्रिंट) 661/6 शास्त्रीनगर।
- हरेंद्र चौहान (मैसर्स दुआ गारमेंट्स) 661/6 शास्त्रीनगर।
- राकेश मदान 661/6 शास्त्रीनगर।
- रजत अरोड़ा (मैसर्स टॉय यूनिट स्टोर) 661/6 शास्त्रीनगर।
- शकुंतला देवी (मैसर्स हंसिका फैशन) 661/6 शास्त्रीनगर।
- संगीता जैन (एमजी एसोसिएट्स) 661/6 शास्त्रीनगर।
- संगीता वाधवा (मोतीलाल ओसवाल, अरबन ठेका) 661/6 शास्त्रीनगर।
- पूनम मेहंदीरत्ता (मैसर्स एमआई स्टोर) 661/6 शास्त्रीनगर।
- प्रतीक वाधवा (हॉल प्रथम तल) 661/6 शास्त्रीनगर।
- अलका अरोड़ा (हॉल प्रथम तल) 661/6 शास्त्रीनगर।
- अन्य यदि कोई हो तो