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कह रहे अलविदा डबडबाए नयन, ओ शहीदों तुम्हें मेरे सौ-सौ नमन

Thu, 14 Aug 2025 02:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 14 Aug 2025 02:30 AM IST
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The teary eyes are saying, O martyred soldier, my hundred salutes to you
सुनील कैथवास....सीसीएसयू के सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में अमर उजाला मां तुझे प्रणाम जश्न ए आज
मेरठ। सुरों की महफिल सजी तो हर दिल देशभक्ति के रंग में रंग गया। हर दिल पुलकित हो उठा। सूफीयाना संगीत के साथ कवियों की कविताओं और शायरों की गजलों ने हर किसी को सम्मोहित कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर हर तरफ तिरंगे लहरा रहे थे। सभागार भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयकारों से गूंज रहा था। मौका था चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाषचंद्र बोस प्रेक्षागृह में अमर उजाला के तहत जश्न ए आजादी एक शाम कवि, कव्वाल और शायरों के नाम कार्यक्रम का।
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राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत वाजपेयी, सांसद अरुण गोविल और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर डॉ. संगीता शुक्ला ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। फिल्म गीतकार संतोष आनंद को देखकर सभी ने खड़े होकर अभिवादन किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता का जन्म दौराला में हुआ। उन्होंने कहा कितनी ही पीढियां बदल गईं पर मैं नहीं बदला हूं। मेरी शान तिरंगा है, मेरा अभिमान तिरंगा है, मेरी जान तिरंगा है। सभी ने संतोष आनंद के साथ गीत गुनगुनाया। हर तरफ भारत माता की जय गीत गूंज उठा।
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उन्होंने अपने शब्दों का जादू सभी को अनुभव कराया। ‘लोगों ने लूटा है मेहमान बना के’ और ‘एक प्यार का नगमा है’ सुनाया तो हर तरफ तालियां से गूंज उठीं। प्रसिद्ध कवयित्री डॉ. सीता सागर ने शहीद के परिजनों की मानसिक स्थिति का हृदयस्पर्शी शब्द चित्र प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कह रहे अलविदा डबडबाए नयन, ओ शहीदों! तुम्हें मेरे सौ सौ नमन, वीर का बाप होना बड़ी बात है, इससे बढ़कर भला कौन सम्मान है? मेरा बेटा है कल लोग थे जानते, बाप उसका हूं अब मेरी पहचान है, जिसके कांधे पे जाना था मुझको कभी, वो चला मेरे कांधे पे ओढ़े कफ़न।
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इस बीच सूफी गीत में डॉ. सीता सागर ने बताया है कि हमारे पास अनगिनत रास्ते हैं। चाहे तो साकार की या निराकार की उपासना करें। जिस विधि से करें। या नास्तिक हो जाएं लेकिन फिर भी हम परमात्मा के दर पर आए हैं, तो उसका एक ही कारण है कि यह रास्ता हमने ख़ुद चुना है। गीत के बोल कुछ यूं रहे ‘मिले रास्ते कई मुझको, मैं ख़ुद ही इस डगर आई, फ़लक तक जा रहे थे सब, मगर मैं तेरे दर आई, ये दौलत बंदगी की है, बड़ी मेहनत से है पाई, तपस्या कितने जन्मों की नज़र तुझको न जब आई।
प्रसिद्ध शायरा हिमांशी बाबरा ने शायरी की शुरुआत करते हुए कहा कि यूं भी कर लेती हूं, टुकड़ों में तेरा इश्क़ क़ुबूल, मुझको बचपन से सिखाया है गुज़ारा करना। पंक्तियों को सुनकर सभागार वाह वाह के स्वरों से गूंज उठा। उन्होंने लोगों की तरबियत को अपने लफ्जों की माला में पिरोते हुए कहा कि लोग झगड़े में निवाले भी गिना देते हैं, तरबियत कैसी हुई है ये बता देते हैं, आप झगड़े लड़े ताने भी सुना ले चाहे, क्यों मुझे अपने सिराहने से उठा देते हैं। हिमांशी ने कहा कि खींच कर दर्द की दहलीज़ पे लाए हुए लोग, जिंदगी खाक जिएं तेरे सताए हुए लोग, बदनसीबी की घटाओं ने मुझे घेर लिया, साए से पहले गए मेरे कमाए हुए लोग। उन्होंने कहा उससे कहना मेरा साथ निभाए आकर, मेरा यादों से गुजारा नहीं होने वाला, वह हमारा है, हमारा है, हमारा है, बावजूद इसके हमारा नहीं होने वाला।
प्रसिद्ध शायर अजहर इकबाल ने मंच संचालन करते हुए सभी का स्वागत किया। वतन की खुशबू आदि शब्दों के साथ लोगों में देशभक्ति का जज्बा भरते हुए कहा कि कप में मौजूद रही उसके छुअन की खुशबू, चाय पीता हूं तो आती है बदन की खुशबू, खुशबुएं और भी अच्छी है बहुत दुनिया में, सबसे अच्छी है मगर मेरे वतन की खुशबू। मेरा मिट्टी का बदन उसने छुआ है जबसे, उठ रही है मेरी मिट्टी से गगन की खुशबू। आदि पंक्तियों को सुनकर श्रोता झूम उठे। इस बीच उन्होंने उन्होंने पढ़ा कि प्रेम का कोई मंत्र जपा दे हे ईश्वर, घृणा का अस्तित्व मिटा दे हे ईश्वर, देवदूत भी जिसको देख के गर्वित हों, ऐसा भारत वर्ष बना दे हे ईश्वर। इन शब्दों को सुनकर सभागार में तिरंगे लहरा उठे।
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निजामी बंधुओं ने बांधा समां...मेरे रश्के कमर पर झूमे लोग



माई सिटी रिपोर्टर

मेरठ। निजामी बंधुओं ने समां बांध दिया। सभागार में चांद निजामी, शादाब निजामी, सोहराब निजामी ने छाप तिलक सब छीनी तोसे नैना मिलाके गीत के साथ अपनी प्रस्तुति आरंभ की। कोई पुकारे अल्लाह तुझको, कोई कहे भगवान, हाथ खुले तो अल्लाह, हाथ जुड़े तो राम।

निजामी बंधु ने ‘जब मेरे रश्के कमर तेरी पहली नजर, जब नजर से मिलाई मजा आ गया’ गाया तो दर्शक झूमने लगे। रॉकस्टार फिल्म का कुन फया कुन...कव्वाली पर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।

निजामी बंधु ने सभागार में भव्य सूफियाना कव्वाली की प्रस्तुति दी। पूरा आयोजन एक सांगीतिक यात्रा के रूप में रहा। श्रोताओं को सूफी भक्ति और शांति की दिशा में मार्गदर्शन किया।

सूफियाना कव्वाली भारतीय संगीत का एक अभिन्न हिस्सा है और निजामी बंधुओं ने अपनी गायकी और संगीत के माध्यम से इस परंपरा को जीवित रखा है। इस कव्वाली आयोजन में निजामी बन्धुओं ने सूफी संतों की रचनाओं को प्रस्तुत किया, जिसमें संत कवि जैसे हज़रत मीर तकी मीर, हज़रत अमीर खुसरो और हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की रचनाओं का समावेश था।

श्रोताओं ने इस आयोजन को अपनी आत्मा की गहराई तक पहुंचने का अनुभव किया। कव्वाली की ध्वनि और बोलों में ऐसा असर था कि कई लोग इसे एक आध्यात्मिक यात्रा के रूप में महसूस कर रहे थे। कव्वाली की राग, ताल और आवाज़ के बीच श्रोताओं ने ताजगी और आंतरिक शांति का अनुभव किया।

निजामी बंधुओं ने दशकों में जोश भरते हुए ‘दमा दम मस्त कलंदर’ गीत पर सुंदर प्रस्तुति दी। इस गीत ने सभी के दिलों को छू लिया।

निजामी बंधुओं ने देशभक्ति गीत ‘दिल दिया है जान भी देंगे ए वतन तेरे लिए’ के बीच में अपने शेर सुनाए। इस कव्वाली आयोजन के माध्यम से निजामी बंधुओं ने न केवल सूफियाना संगीत की महत्वता को फिर से रेखांकित किया बल्कि अपनी ध्वनियों और शायरी के द्वारा सभी को एकता और प्रेम का संदेश भी दिया।

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10 साल में बदल जाता है दर्शकों का नजरिया: संतोषानंद



मेरठ। प्रसिद्ध फिल्म गीतकर संतोष आनंद अब 87 वर्ष के हो चुके हैं। बॉलीवुड में उन्होंने 150 से अधिक गाने दिए। उन्होंने बताया कि दस साल में दर्शकों का नजरिया बदल जाता है। हर पीढ़ी संगीत को अलग दृष्टि से देखती और समझती है। उन्होंने कहा कि पहले गाने पर धुन बनती थी या धुन पर गाना यह सवाल अक्सर पूछा जाता है। उन्होंने कहा कि पहले दिल, दिमाग दोनों लगाकर गाना बनता था। धुन के आधार पर गाना और गाने के आधार पर धुन तैयार की जाती थी। उन्होंने कहा कि मेरठ से हमारा पुराना नाता रहा है। आज भी जब मेरठ के लोग हमें याद करते हैं तो मैं उनसे मिलने आ जाता हूं।


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ये रहे कार्यक्रम में रहे मौजूद

जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी, मेडिकल प्रिंसिपल डॉ. आरसी गुप्ता, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. संदीप गर्ग, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदर पाल सिंह, सपा जिला अध्यक्ष विपिन चौधरी, भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी, ओमपाल गुर्जर, सम्राट मलिक, मनीष शर्मा, जितेंद्र गुर्जर, मोहम्मद चांद, हिफ्ज़ुर्रह्मान अंसारी, उत्तम सैनी, दीपक शर्मा, विपिन जिंदल, निशित सिंघल, ईशु बंसल, शकील भारती, संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता, पूर्व भाजपा महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन ऋतुराज, महामंत्री दलजीत सिंह, उपाध्यक्ष तरुण गुप्ता, अरुण वशिष्ठ, पुनीत शर्मा, अंकित गुप्ता, आलोक सिसोदिया, डॉ. सुबोध गर्ग, सुदीप जैन, हसीन सैफी, अतहर अली, शान मोहम्मद, इरशाद बेताब, अंकित गुप्ता मनु मंत्री संयुक्त व्यापार संघ, अजय रोहेला, अमित खत्री, राकेश ग्रोवर मेट्रो प्लाजा, रजनीश कौशल, पूर्व पार्षद सचिन त्यागी, सूर्य मनु, सुनील अग्रवाल, दिनेश कुमार, एनवायरमेंट क्लब से सावन कनौजिया, लक्ष्य निचंत, प्रियांशु, मयंक टम्टा, अरमान, हिमांशु रावत, रजनीश कौशल, पूर्व पार्षद सचिन त्यागी, सूर्य मनु सुनील अग्रवाल, दिनेश कुमार, भाजपा नेता कमल दत्त शर्मा, संजय तोमर, रमेन्द्री, मुनीरम, मंजू सिंह, बसपा के जिला अध्यक्ष धर्मवीर सैनी, मोहित कश्यप, रोहित कुमार, प्रीतम सिंह, सुभाष सैनी, शाहजहां सैफी, विनय कुमार, उमेश सिद्धार्थ, पूर्व पार्षद सचिन त्यागी, सूर्यमन्यु शर्मा,डॉ. अनुराग त्यागी, हर्ष त्यागी, समीर मालवीय, दीपक रस्तोगी,आनंद जाटव ,संजय जाटव, प्रिंस त्यागी प्रधान,दीपक ठाकुर, सुनील अग्रवाल,दिनेश शर्मा, गणेश अग्रवाल ,रक्षित जिंदल, अवनीश त्यागी, डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी, अजीत चौधरी, नरेंद्र राष्ट्रवादी, डॉ. राहुल त्यागी, प्रशांत जिंदल, मित्रेंदर गुप्ता, संजीव शर्मा, डॉ. कुलदीप उज्जवल, रविंद्र राणा, अधिवक्ता ललित यादव, डॉ. राजेश कुमार सिंह, कय्यूम, इकरामुद्दीन, शाहिद सैफी, अकरम मंसूरी आदि मौजूद रहे।

सुनील कैथवास....सीसीएसयू के सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में अमर उजाला मां तुझे प्रणाम जश्न ए आज

सुनील कैथवास....सीसीएसयू के सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में अमर उजाला मां तुझे प्रणाम जश्न ए आज

सुनील कैथवास....सीसीएसयू के सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में अमर उजाला मां तुझे प्रणाम जश्न ए आज

सुनील कैथवास....सीसीएसयू के सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में अमर उजाला मां तुझे प्रणाम जश्न ए आज

सुनील कैथवास....सीसीएसयू के सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में अमर उजाला मां तुझे प्रणाम जश्न ए आज

सुनील कैथवास....सीसीएसयू के सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में अमर उजाला मां तुझे प्रणाम जश्न ए आज

सुनील कैथवास....सीसीएसयू के सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में अमर उजाला मां तुझे प्रणाम जश्न ए आज

सुनील कैथवास....सीसीएसयू के सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में अमर उजाला मां तुझे प्रणाम जश्न ए आज

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