दौराला(मेरठ)। मछरी से पावली खुर्द तक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत बन रही 10 किमी लंबी सड़क का निर्माण कार्य शनिवार को किसानों ने विरोध करते हुए रुकवा दिया। किसानों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान किसानों के खेतों से मिट्टी उठाई जा रही है। जिससे फसल नष्ट हो रही है। वहीं, कुछ स्थानों पर सड़क चौड़ी करने के लिए बिना मुआवजा दिए जमीन ली जा रही है।
भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष नवाब सिंह अहलावत के मुताबिक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत मछरी गांव से पावली खुर्द तक दस किमी लंबी सड़क बनाई जा रही है। फरवरी में शुरूआत हुई थी, परंतु लॉकडाउन के कारण निर्माण कार्य बंद था। आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान किसानों के खेतों से जेसीबी के माध्यम से मिट्टी उठाई जा रही है। जिस कारण खेत में पांच से दस फीट गहरा गड्ढा हो जाता है। वर्तमान में गन्ना सर्वे का कार्य जारी है। खेत से मिट्टी उठाने के दौरान गन्ने की फसल नष्ट हो रही है। सर्वे के दौरान मौके पर मौजूद फसल ही बांड में चढ़ेगी। इससे किसान को नुकसान होगा। वहीं, कहीं कहीं सड़क को चौड़ा करने के लिए किसान की खेती की जमीन को सड़क में मिलाया जा रहा है। जबकि कोई मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। किसान पूर्व में एसडीएम सरधना व डीएम से शिकायत कर चुके है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शनिवार को किसानों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। मौके पर एसीएम व तीन जेई और किसानों से वार्ता की। परंतु किसानों ने मिट्टी उठाने से बर्बाद हुई फसल व सड़क निर्माण के दौरान मिलाई गई जमीन का मुआवजा दिए जाने की मांग की। उन्होंने किसानों को बताया कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि मुआवजा दिए जाए। परंतु किसान मुआवजा दिए जाने की जिद पर अड़े रहे। जिस पर अधिकारी वापस लौट गए। इस दौरान मौके पर अशोक प्रधान, कर्मवीर, अमित, विपिन, महकार सिंह, बिल्लू, संदीप राणा व राज सिंह आदि मौजूद रहे।