{"_id":"615cb73d8ebc3e0de3496045","slug":"the-secret-of-amit-bansal-s-death-deepened-investigation-on-many-aspects-meerut-news-mrt559410911","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमित बंसल के मोबाइल और परिवार के लोगों के जेहन में मौत का राज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमित बंसल के मोबाइल और परिवार के लोगों के जेहन में मौत का राज
विज्ञापन
अमित बंसल की मौत का राज गहराया, कई पहलुओं पर जांच
मेरठ। इंटीरियर इंजीनियर अमित बंसल की मौत का राज गहरा गया है। गमगीन माहौल में अमित के शव का मंगलवार को बृजघाट पर परिवार ने अंतिम संस्कार किया। वहीं अमित की पत्नी पिंकी को नोएडा के जेपी हॉस्पिटल में रेफर किया गया है। पुलिस ने पारिवारिक, व्यवसायिक समेत कई पहलुओं की जांच की। पता चला है कि इसी सप्ताह अमित को नई गाड़ियों के पुर्जे बनाने का कारखाना खोलना था।
शास्त्रीनगर सेक्टर-एक में अमित बंसल ने सोमवार शाम को ऑफिस में फांसी लगाकर जान दे दी थी। पति को पंखे पर लटका देख पिंकी ने भी आत्महत्या का प्रयास किया था। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद परिवार और रिश्तेदारों ने शव बृजघाट पर ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं, अस्पताल में भर्ती पिंकी की हालत गंभीर होने के चलते नोएडा स्थित जेपी हॉस्पिटल में रेफर किया। पुलिस ने मंगलवार को घटनास्थल पर जाकर दोबारा जांच पड़ताल की। परिवार के लोगों से मौत का कारण पूछा। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर एक टिशु पेपर मिला है, जिस पर अमित ने लिखा है कि फोन के नोट्स रख लेना, मुझे माफ करना आप सब। फोरेंसिक की टीम ने उसे कब्जे में लिया और जांच शुरू की। पुलिस को अंदेशा कि अमित के मोबाइल में मौत का राज हो सकता है। लेकिन उसका अभी लॉक लगा हुआ है। बेटे की मौत के बाद रामकिशन बंसल टूट गए हैं और कुछ भी नहीं बोल रहे हैं।
बेटे को बिजनेस करा रहे थे रामकिशन
इसी सप्ताह अमित को नया बिजनेस शुरू करना था। बताया कि गढ़ रोड पर उनका गोदाम है, जिसमें कई साल पहले गाड़ी का शोरूम था। शोरूम बंद हो गया, अब उसी में रामकिशन बंसल बेटे को नई गाड़ी के पुर्जे बनाने की फैक्टरी खुलवाने की तैयारी कर रहे थे। रामकिशन ने बेटे को दो दिन पहले ही करीब 40 लाख रुपये के चेक दिये थे। इसके बाद भी बेटे ने ऐसा कदम उठाया, इसको लेकर पिता काफी आहत हैं। वह कहते हैं कि सब कुछ खत्म हो गया। अब मैं बर्बाद हो गया। अमित किस बात को लेकर परेशान थे, इसका राज पिंकी या उनका मोबाइल बता सकता है।
विज्ञापन
बेहोश होने तक पति को बचाने में लगी रही पिंकी
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज थोड़ी धुंधली जरूर है, लेकिन पूरी घटना कैद है। पति को ढूंढती-ढूंढती सबसे पहले पत्नी ही उनके ऑफिस में पहुंचती है। पति को लटका देखाकर वह चिल्लाई और फिर उसने पंखे से पति को उतारने का काफी प्रयास भी किया। कटर से चादर को काटने का प्रयास किया, लेकिन ऊंचाई होने के चलते काट नहीं सकी। फिर दो युवक और परिवार के लोग पहुंच जाते हैं। सबने मिलकर शव को उतारा। इस दौरान ही पिंकी ने हाथ की नस काटी और फिर गला काट लिया।
बेटे को अस्पताल ले चलो, जिंदा हो सकता है
पुलिस ने लहूलुहान पड़ी पिंकी को उठाकर अस्पताल ले जाना चाहा, तभी रामकिशन बोले कि बेटे को साथ ले चलो। वह जिंदा हो सकता है। उसके बाद दोनों को एक ही गाड़ी से पुलिस ले गई। पुलिस ने कहा कि करीब 45 मिनट तक उनको सूचना नहीं दी गई थी। एक युवक की कॉल पर पुलिस पहुंची थी।
इन पहलुओं पर चल रही जांच
1. अमित बंसल का आईफोन पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। टिशु पेपर पर लिखी बात पर पुलिस का शक गहराया है। मोबाइल में लॉक लगा है, जिसको खुलवाने के लिये पुलिस प्रयास कर रही है।
2. घटना से पहले अमित के पास ऑफिस में कौन आया था, इसकी भी जांच हो रही है।
3. अमित, पिंकी व परिवार के अन्य लोगों के मोबाइल नंबरों की पुलिस ने सीडीआर निकाली है। आत्महत्या से पहले अमित ने किससे और क्या बात की, इसका पता लगाने में पुलिस जुटी है। पारिवारिक विवाद का पता लगाया जा रहा है।
4. बैंक अकाउंट की भी जानकारी ली है। पिता द्वारा चेक से पैसा अमित के अकाउंट में आया या नहीं। कितना पैसा और कहां खर्च किया, इसकी भी जांच हो रही है। फाइनेंस की स्थिति क्या थी, इसके बारे में परिवार के लोगों से भी पूछा है।
5. पिता-पुत्र, सास-बहू व परिवार के अन्य लोगों के बीच आपस में कैसे रिश्ते थे। परिवार में किसी बात को लेकर विवाद था या नहीं, इसके बारे में कुछ जानकारी पुलिस को मिली है।
विज्ञापन
मेरठ। इंटीरियर इंजीनियर अमित बंसल की मौत का राज गहरा गया है। गमगीन माहौल में अमित के शव का मंगलवार को बृजघाट पर परिवार ने अंतिम संस्कार किया। वहीं अमित की पत्नी पिंकी को नोएडा के जेपी हॉस्पिटल में रेफर किया गया है। पुलिस ने पारिवारिक, व्यवसायिक समेत कई पहलुओं की जांच की। पता चला है कि इसी सप्ताह अमित को नई गाड़ियों के पुर्जे बनाने का कारखाना खोलना था।
शास्त्रीनगर सेक्टर-एक में अमित बंसल ने सोमवार शाम को ऑफिस में फांसी लगाकर जान दे दी थी। पति को पंखे पर लटका देख पिंकी ने भी आत्महत्या का प्रयास किया था। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद परिवार और रिश्तेदारों ने शव बृजघाट पर ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं, अस्पताल में भर्ती पिंकी की हालत गंभीर होने के चलते नोएडा स्थित जेपी हॉस्पिटल में रेफर किया। पुलिस ने मंगलवार को घटनास्थल पर जाकर दोबारा जांच पड़ताल की। परिवार के लोगों से मौत का कारण पूछा। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर एक टिशु पेपर मिला है, जिस पर अमित ने लिखा है कि फोन के नोट्स रख लेना, मुझे माफ करना आप सब। फोरेंसिक की टीम ने उसे कब्जे में लिया और जांच शुरू की। पुलिस को अंदेशा कि अमित के मोबाइल में मौत का राज हो सकता है। लेकिन उसका अभी लॉक लगा हुआ है। बेटे की मौत के बाद रामकिशन बंसल टूट गए हैं और कुछ भी नहीं बोल रहे हैं।
विज्ञापन
बेटे को बिजनेस करा रहे थे रामकिशन
इसी सप्ताह अमित को नया बिजनेस शुरू करना था। बताया कि गढ़ रोड पर उनका गोदाम है, जिसमें कई साल पहले गाड़ी का शोरूम था। शोरूम बंद हो गया, अब उसी में रामकिशन बंसल बेटे को नई गाड़ी के पुर्जे बनाने की फैक्टरी खुलवाने की तैयारी कर रहे थे। रामकिशन ने बेटे को दो दिन पहले ही करीब 40 लाख रुपये के चेक दिये थे। इसके बाद भी बेटे ने ऐसा कदम उठाया, इसको लेकर पिता काफी आहत हैं। वह कहते हैं कि सब कुछ खत्म हो गया। अब मैं बर्बाद हो गया। अमित किस बात को लेकर परेशान थे, इसका राज पिंकी या उनका मोबाइल बता सकता है।
विज्ञापन
बेहोश होने तक पति को बचाने में लगी रही पिंकी
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज थोड़ी धुंधली जरूर है, लेकिन पूरी घटना कैद है। पति को ढूंढती-ढूंढती सबसे पहले पत्नी ही उनके ऑफिस में पहुंचती है। पति को लटका देखाकर वह चिल्लाई और फिर उसने पंखे से पति को उतारने का काफी प्रयास भी किया। कटर से चादर को काटने का प्रयास किया, लेकिन ऊंचाई होने के चलते काट नहीं सकी। फिर दो युवक और परिवार के लोग पहुंच जाते हैं। सबने मिलकर शव को उतारा। इस दौरान ही पिंकी ने हाथ की नस काटी और फिर गला काट लिया।
बेटे को अस्पताल ले चलो, जिंदा हो सकता है
पुलिस ने लहूलुहान पड़ी पिंकी को उठाकर अस्पताल ले जाना चाहा, तभी रामकिशन बोले कि बेटे को साथ ले चलो। वह जिंदा हो सकता है। उसके बाद दोनों को एक ही गाड़ी से पुलिस ले गई। पुलिस ने कहा कि करीब 45 मिनट तक उनको सूचना नहीं दी गई थी। एक युवक की कॉल पर पुलिस पहुंची थी।
इन पहलुओं पर चल रही जांच
1. अमित बंसल का आईफोन पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। टिशु पेपर पर लिखी बात पर पुलिस का शक गहराया है। मोबाइल में लॉक लगा है, जिसको खुलवाने के लिये पुलिस प्रयास कर रही है।
2. घटना से पहले अमित के पास ऑफिस में कौन आया था, इसकी भी जांच हो रही है।
3. अमित, पिंकी व परिवार के अन्य लोगों के मोबाइल नंबरों की पुलिस ने सीडीआर निकाली है। आत्महत्या से पहले अमित ने किससे और क्या बात की, इसका पता लगाने में पुलिस जुटी है। पारिवारिक विवाद का पता लगाया जा रहा है।
4. बैंक अकाउंट की भी जानकारी ली है। पिता द्वारा चेक से पैसा अमित के अकाउंट में आया या नहीं। कितना पैसा और कहां खर्च किया, इसकी भी जांच हो रही है। फाइनेंस की स्थिति क्या थी, इसके बारे में परिवार के लोगों से भी पूछा है।
5. पिता-पुत्र, सास-बहू व परिवार के अन्य लोगों के बीच आपस में कैसे रिश्ते थे। परिवार में किसी बात को लेकर विवाद था या नहीं, इसके बारे में कुछ जानकारी पुलिस को मिली है।