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Meerut News: यूजीसी कानून के विरोध में संत समाज की पदयात्रा दौराला पहुंची
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दौराला - यूजीसी कानून के विरोध में यात्रा निकालते संत। स्रोत : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। हरिद्वार से दिल्ली तक प्रस्तावित यूजीसी कानून के विरोध में निकाली जा रही संत समाज की पदयात्रा बुधवार शाम दौराला पहुंची। रात्रि विश्राम के बाद बृहस्पतिवार को यात्रा रवाना हुई।
पदयात्रा का नेतृत्व महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी कर रहे हैं। उनके साथ गुरु यति परमात्मानंद गिरी, यति सत्यमित्रानंद गिरी और अन्य शिष्य भी शामिल हैं। 1 मार्च को हरिद्वार के सर्वानंद घाट से शुरू हुई पदयात्रा 8 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में पहुंचकर समाप्त होगी। दौराला पहुंचने पर जगसरन कौशिक, भानु प्रताप भाटी, ओमकार, विनीत शर्मा, पंडित भोला दत्त शर्मा, मुनेश राघव, मुकेश ठाकुर, पंडित सौरभ, मयंक शर्मा, वासु शर्मा ने यात्रा का स्वागत किया।
महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी ने कहा कि संत समाज प्रस्तावित यूजीसी कानून का विरोध कर रहा है और इसे वापस लेने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस कानून पर पुनर्विचार नहीं करती है तो संत समाज दिल्ली में आगे की रणनीति तय करेगा।
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अखिल भारतीय हिन्दू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने भी पदयात्रा को समर्थन देते हुए कहा कि संगठन इस मुद्दे पर संत समाज के साथ खड़ा है। क्षेत्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र मलिक और गुलशन चौहान ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कानून को वापस लेने की मांग की।
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दौराला। हरिद्वार से दिल्ली तक प्रस्तावित यूजीसी कानून के विरोध में निकाली जा रही संत समाज की पदयात्रा बुधवार शाम दौराला पहुंची। रात्रि विश्राम के बाद बृहस्पतिवार को यात्रा रवाना हुई।
पदयात्रा का नेतृत्व महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी कर रहे हैं। उनके साथ गुरु यति परमात्मानंद गिरी, यति सत्यमित्रानंद गिरी और अन्य शिष्य भी शामिल हैं। 1 मार्च को हरिद्वार के सर्वानंद घाट से शुरू हुई पदयात्रा 8 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में पहुंचकर समाप्त होगी। दौराला पहुंचने पर जगसरन कौशिक, भानु प्रताप भाटी, ओमकार, विनीत शर्मा, पंडित भोला दत्त शर्मा, मुनेश राघव, मुकेश ठाकुर, पंडित सौरभ, मयंक शर्मा, वासु शर्मा ने यात्रा का स्वागत किया।
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महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी ने कहा कि संत समाज प्रस्तावित यूजीसी कानून का विरोध कर रहा है और इसे वापस लेने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस कानून पर पुनर्विचार नहीं करती है तो संत समाज दिल्ली में आगे की रणनीति तय करेगा।
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अखिल भारतीय हिन्दू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने भी पदयात्रा को समर्थन देते हुए कहा कि संगठन इस मुद्दे पर संत समाज के साथ खड़ा है। क्षेत्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र मलिक और गुलशन चौहान ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कानून को वापस लेने की मांग की।