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बारिश में गिरी मकान की छत, बाल-बाल बचा परिवार
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किशोरपुर में मकान की छत गिरने के बाद प्रशासनिक मदद की अपील करता छोटा बच्चा स्रोत संवाद
हस्तिनापुर। पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र के गांव किशोरपुर में देर रात एक दंपती के मकान की छत गिर गई। हादसे में परिवार बाल-बाल बचा।
ग्रामीण बबलू ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात वह खाना खाने के बाद पत्नी और बेटे के साथ बरामदे में बैठा था। अचानक उसके मकान की छत भरभरा कर गिर गई। मलबे में उसके घर में रखा सभी सामान दब गया। छत गिरने की आवाज सुनाई देने पर आसपास के लोग मदद के लिए घर की ओर दौड़े। जब उन्होंने परिवार को सुरक्षित पाया तो राहत की सांस ली। बबलू ने बताया कि उसके मकान की छत कच्ची है। उसकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। मेहनत मजदूरी कर वह परिवार का पालन पोषण कर रहा है।
मकान बनवाने के लिए कई बार मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किया परंतु आज तक मकान नहीं बना। इसके बाद आवेदन करना ही छोड़ दिया।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ऋषिपाल मलिक ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन कराया हुआ है परंतु अभी तक उनका नाम सूची में नहीं आया है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। अगर परिवार मकान के अंदर होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। मकान की छत गिरने से अब उनके सामने संकट खड़ा हो गया है।
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ग्रामीण बबलू ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात वह खाना खाने के बाद पत्नी और बेटे के साथ बरामदे में बैठा था। अचानक उसके मकान की छत भरभरा कर गिर गई। मलबे में उसके घर में रखा सभी सामान दब गया। छत गिरने की आवाज सुनाई देने पर आसपास के लोग मदद के लिए घर की ओर दौड़े। जब उन्होंने परिवार को सुरक्षित पाया तो राहत की सांस ली। बबलू ने बताया कि उसके मकान की छत कच्ची है। उसकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। मेहनत मजदूरी कर वह परिवार का पालन पोषण कर रहा है।
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मकान बनवाने के लिए कई बार मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किया परंतु आज तक मकान नहीं बना। इसके बाद आवेदन करना ही छोड़ दिया।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ऋषिपाल मलिक ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन कराया हुआ है परंतु अभी तक उनका नाम सूची में नहीं आया है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। अगर परिवार मकान के अंदर होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। मकान की छत गिरने से अब उनके सामने संकट खड़ा हो गया है।
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