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सरकार का नमक खाने को तैयार नहीं जनता, वजह जानकर हैरान रह जाएंगे

Sun, 20 May 2018 03:10 PM IST
यूपी अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
यूपी अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Updated Sun, 20 May 2018 03:10 PM IST
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The public is not ready to eat the government's salt, this is the reason
राशन की दुकानों पर बेचा जा रहा नमक - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर आए दिन नमक को लेकर हंगामा हो रहा है। वजह, यहां से दिए जा रहे नमक को कार्डधारक लेने को तैयार नहीं है। वहीं कोटेदार जबरन सरकारी नमक थमा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि सरकारी नमक से सब्जी का स्वाद ही बदल जाता है। जबकि सरकार का दावा है कि सस्ते गल्ले की दुकानों पर बेचा जा रहा नमक आयरन एवं आयोडीन मिश्रित है। 

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सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर कार्ड धारकों को सरकारी नमक की थैली जबरदस्ती सौंपी जा रही है। शासन के नियमों के अनुसार परिवार में तीन सदस्यों से अधिक होने पर प्रत्येक माह दो किलो नमक लेना होगा। जबकि उनके परिवार में इतना नमक खाया ही नहीं जाता है। इस नमक की कीमत छह रुपये प्रति किलो है। 
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नहीं मिले 30 लाख वापस 
उप्र की पूर्व समाजवादी सरकार के कार्यकाल में योजना के तहत बेचे जा रहे आयोडीन नमक की एवज में सरकारी सस्ते गल्ले के दुकानदारों से जमा कराए गए करीब 30 लाख रुपये सरकारी खजाने से वापस नहीं हो रहे हैं। इसके कारण राशन डीलरों ने अब नमक बेचने में रुचि भी कम कर दी है।
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जनपद में राशन की 950 दुकानें
जनपद में सरकारी सस्ते गल्ले की 950 दुकानें हैं। इनमें से शहर में 250 हैं। जहां कार्ड धारकों को प्रत्येक यूनिट पर दो रुपये किलो कीमत में तीन किलो गेहूं और तीन रुपये प्रति किलो में दो किलो चावल दिया जाता है। 

डीएसओ नहीं उठाते फोन

The public is not ready to eat the government's salt, this is the reason
डॉ. तनुराज सिरोही, वरिष्ठ फिजिशियन - फोटो : अमर उजाला

शहर में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर बायोमेट्रिक मशीनों के टावर में दिक्कत से जनता परेशान है। सरकारी नमक से क्या दिक्कतें आ रही हैं। राशन विक्रता जनता को कितना परेशान कर रहे हैं। इन सभी शिकायतों को सुनने वाला कोई नहीं है। क्योंकि जिला पूर्ति अधिकारी विकास गौतम न तो अपने कार्यालय में मिलते हैं और न ही उनसे फोन पर बात हो पाती है। शनिवार को भी डीएसओ कवरेज एरिया से बाहर ही रहे। 

कार्ड धारक नमक लेने को तैयार नहीं है। इसकी सूचना हमने विभाग के अधिकारियों को दी है। मजबूरी में सभी राशन डीलर बेच रहे हैं। क्योंकि सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुने शहरों में मेरठ का नाम भी शामिल है। कार्ड धारक बताते हैं कि इस नमक से सब्जी काली पड़ जाती है। -संतोष शर्मा, राशन डीलर  

नमक की अधिकता रक्तचाप बढ़ाती है। वहीं अगर नमक में किसी प्रकार की मिलावट है तो वह शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है। आयोडीन की अधिकता भी शरीर के लिए घातक है। इस नमक में आयरन के साथ आयोडीन भी है। इसलिए सब्जी का रंग काला हो रहा है। हालांकि इससे नुकसान नहीं है। कई देशों में यह पॉलिसी है कि नमक में आयोडीन व आयरन दोनों मिलाया जाता है। ताकि शरीर को आयरन मिले। -डॉ. तनुराज सिरोही, वरिष्ठ फिजिशियन

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