अंतरराष्ट्रीय शूटर के घर DRI का छापा, मिला अवैध जखीरा, 17 घंटे चली कार्रवाई
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मेरठ में शनिवार को सुबह करीब 11 बजे डीआरआई की टीम ने रिटायर्ड कर्नल के घर छापा मारा। देर रात तक चली इस कार्रवाई में रिटायर्ड कर्नल के घर से हिरन के सिर व तेंदुए की खाल, मांस और करीब एक करोड़ रुपये मिले। जांच में सामने आया कि शूटिंग की आड़ में वन्य जीवों का शिकार और तस्करी का यह धंधा रिटायर्ड कर्नल के बेटे प्रशांत बिश्नोई और उसकी टीम ने देश भर में फैला रखा था। इसका नेटवर्क देश के विभिन्न बड़े राज्यों में खड़ा किया। दरअसल, प्रशांत की सिक्योरिटी एजेंसी 14 राज्यों में काम करती है। उसे बिहार में पांच सौ नील गायों को मारने का ठेका मिला, तो इसी की आड़ में बड़ा खेल किया गया।
ये सब बरामद हुआ
तेंदुए की खाल।
काले हिरन की खाल।
सांभर खोपड़ी, काले हिरन की खोपड़ी, गर्दन और सींग सहित ट्रॉफी के रूप में।
तीन जोड़े सींग सांभर के बच्चे के।
छह हिरन की खोपड़ी सींग समेत।
एक हिरन की खोपड़ी बिना सींग की।
वन्य जीवों के दांत सात नग।
एक चाकू जिसकी मूठ हाथी दांत की।
45 पैकेटों में रखा 117.50 किग्रा. मांस।
15 राइफल, 50 हजार कारतूस, 98 लाख आठ हजार रुपये मिले।
प्रशांत की टीम ने ताबड़तोड़ ढंग से वन्य जीवों का शिकार किया
दरअसल, पूर्वी उत्तर प्रदेश के जंगलों के अलावा बिहार के जंगल, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड में भी इस टीम ने ताबड़तोड़ ढंग से वन्य जीवों का शिकार किया। अंतरराष्ट्रीय शूटर होने के कारण प्रशांत लगातार हाई प्रोफाइल लोगों के संपर्क में रहा। अपनी फेसबुक वॉल पर भी उसने कई वीआईपी लोगों के साथ फोटो शेयर किए हैं। क्रिकेटर हरभजन सिंह के साथ उसने अपनी फोटो शेयर की है तो इसके अलावा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ भी उसकी फोटो उसकी फेसबुक वॉल पर है। अन्य कई फोटो ऐसे हैं।
लोकल इंटेलीजेंस भी पूरी तरह से धड़ाम हो गया
वीआईपी और पॉश सिविल लाइन इलाके में स्थित रिटायर्ड कर्नल की कोठी में इतनी बड़ी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है, शायद ही किसी ने सोचा होगा। इस कोठी के सामने महिला थाना है तो चंद कदमों की दूरी पर एसएसपी और डीआईजी ऑफिस। कुल मिलाकर मेरठ का खुफिया तंत्र और लोकल इंटेलीजेंस भी पूरी तरह से धड़ाम हो गया। इतना बड़ा जुर्म फलता फूलता रहा और कानों कान भी भनक नहीं लगी। सेवानिवृत्त कर्नल के आवास पर छापेमारी के दौरान मौजूद पुलिस फोर्स और घर में मिले हिरन के सिर व तेंदुए की खाल।
खुफिया तंत्र इस मामले पर पूरी तरह से नाकाम साबित हुआ
बता दें कि कचहरी स्थित अंबेडकर चौक से चंद कदमों की दूरी पर स्थित यह कोठी शहर का पॉश इलाका है। यहां कलक्ट्रेट, कचहरी, एसएसपी ऑफिस, महिला थाना, पुलिस लाइन, सर्किट हाउस, डीएम आवास तथा थोड़ी ही दूर पर डीआईजी ऑफिस है। एसएसपी ऑफिस में ही एलआईयू ऑफिस है, तो एसटीएफ मेरठ का ऑफिस पुलिस लाइन में है। वहीं सुरक्षा के लिहाज से भी यह क्षेत्र महत्वपूर्ण है। बावजूद इसके यहां का खुफिया तंत्र इस मामले पर पूरी तरह से नाकाम साबित हुआ। पूरी टीम दिल्ली की रही। स्थानीय पुलिस तक को भी इसकी भनक तक नहीं लगी। डीआरआई की टीम इनकी गतिविधियों को इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के जरिये वॉच कर रही थी।
रिटायर्ड कर्नल के इकलौते बेटे है प्रशांत
रिटायर्ड कर्नल के इकलौते बेटे प्रशांत ने बचपन से ही ऊंचे ख्वाब देखे थे। राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग में उसने कई गोल्ड मेडल भी जीत चुका है। लेकिन उसे नहीं पता था कि जिंदगी की शान शौकत में एक दिन उस पर ऐसा शिकंजा कसा जाएगा कि सुनने वाले भी दंग रह जाएंगे। डीआरआई और पुलिस की टीमें प्रशांत को कॉल करके बुलाती रहीं। लेकिन वह गच्चा देता रहा। प्रशांत परिवार का इकलौता बेटा है। मेरठ के प्रतिष्ठित स्कूल से दसवीं तक पढ़ाई करने के बाद शूटिंग में हाथ आजमाने लगा। पिता रिटायर्ड कर्नल हैं तो ख्वाब भी ऊंचे बन गये। 2002 में प्रशांत ने पांडव नगर की रहने वाली निधि के साथ लव मैरिज कर ली। इस कोठी में पूरा परिवार रहता है जबकि प्रशांत सप्ताह में एक या दो बार ही कोठी पर आता है।