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Meerut News: पड़ोसी किसी भी धर्म का हो, वो भूखा न सोए
Tue, 04 Apr 2023 02:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Tue, 04 Apr 2023 02:21 AM IST
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मेरठ। रमजान का मुबारक महीना चल रहा है, एक अशरा पूरा हो चुका है। मौलाना कारी अफ्फान कासमी ने बताया कि इस पाक महीने में अल्लाह की खूब इबादत करें और अपने और देश की खुशहाली के लिए दुआ मांगें। रमजान के महीने खूब खैरात (दान) कर सवाब करें। इस्लाम धर्म की सीख है कि जब आप खाना खाएं या इफ्तार करें तो आपका पड़ोसी भूखा ना हो। चाहे पड़ोसी मुस्लिम या कोई दूसरे धर्म का मानने वाला हो।
उन्होंने कहा कि इंसानियत ही बड़ा धर्म है। कुरान-ए-पाक को दिल में उतारें, जिससे हर बुराई दूर हो जाएगी। जो भी हैसियतमंद लोग हैं, जकात जरूर दे, जिससे हर वर्ग के लोगों को खुशियों में शुमार किया जा सके। जकात की तरह ही ईद की नमाज से पहले सदका-ए-फितर जरूर अदा करें। परिवार के हर सदस्य की ओर से सदका ए फितर अदा करें। चाहे वो बच्चें, युवा और बुजुर्ग हों, सभी को सदका-ए-फितर देना वाजिब है। बच्चों को दीनी व दुनियावी तालीम दें और खुद को और समाज को मजबूत बनाने का काम करें।
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उन्होंने कहा कि इंसानियत ही बड़ा धर्म है। कुरान-ए-पाक को दिल में उतारें, जिससे हर बुराई दूर हो जाएगी। जो भी हैसियतमंद लोग हैं, जकात जरूर दे, जिससे हर वर्ग के लोगों को खुशियों में शुमार किया जा सके। जकात की तरह ही ईद की नमाज से पहले सदका-ए-फितर जरूर अदा करें। परिवार के हर सदस्य की ओर से सदका ए फितर अदा करें। चाहे वो बच्चें, युवा और बुजुर्ग हों, सभी को सदका-ए-फितर देना वाजिब है। बच्चों को दीनी व दुनियावी तालीम दें और खुद को और समाज को मजबूत बनाने का काम करें।
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