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Meerut News: नार्को टेस्ट में भी नहीं खुला छात्र फहीम की मौत का राज
Thu, 27 Jun 2024 04:14 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 27 Jun 2024 04:14 AM IST
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शामली। दो नवंबर 2022 को लोनी रेलवे स्टेशन पर खरड़ गांव के रहने वाले आठवीं के छात्र फहीम ने ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। सुसाइड नोट में पांच के नाम लिखे थे। कोर्ट के आदेश पर पांचों आरोपियों का नार्को टेस्ट हो चुका है मगर टेस्ट में भी मौत का राज नहीं खुला है। आरोपियों पर आरोप सिद्ध नहीं हो सका। जिस पर जल्द ही आरोपियों को क्लीन चिट मिल जाएगी। उधर, मृतक के परिजनों ने कहा कि वह फिर से अधिकारियों से मामले की जांच की गुहार लगायेंगे, इंसाफ लेकर ही रहेंगे।
मुजफ्फरनगर के खरड़ गांव के रहने वाले अब्दुल कादिर परिवार के साथ गाजियाबाद के लोनी के न्यू विकासनगर कॉलोनी में रहते हैं। दो नवंबर 2022 को अब्दुल कादिर के बेटे कक्षा आठ में पढ़ने वाले फहीम ने रात करीब 10 बजे दिल्ली से शामली जाने वाली 0499 ट्रेन के आगे कूदकर लोनी में आत्महत्या कर ली थी। शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला था। जिसमें छात्र ने मोमीन, हारिश और शाहबुद्दीन के कारण आत्महत्या की बात लिखी थी। मामले में मृतक के पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बाद में शाहबुद्दीन की मौत हो गई थी।
मामले की जांच में सामने आया है कि लोनी के जिन मोमीन और हारिश का नाम सुसाइड नोट में लिखा गया है, उनके मोमीन के तीन और हारिश नाम के दो व्यक्ति हैं। सुसाइड नोट में मोमीन और हारिश के पिता का नाम और पता नहीं लिखा था। शामली जीआरपी ने मामले की जांच की। बाद में मामला बड़ौत जीआरपी को ट्रांसफर कर दिया गया था।
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कोर्ट के आदेश पर लोनी के ही तीन मोमीन और हारिश नाम के दो लोगों के पाॅलीग्राफी और नार्को टेस्ट कराए गए थे। अब नार्को टेस्ट की रिपोर्ट भी अधिकारियों को मिल गई है।
एसपी जीआरपी मुरादाबाद आशुतोष शुक्ला ने बताया कि नार्को टेस्ट में आरोपियों पर जुर्म साबित नहीं हुआ है। जल्द ही इस मामले में आरोपियों को क्लीन चिट दे दी जाएगी।
- अधिकारियों का खटखटाएंगे दरवाजा, इंसाफ लेकर ही रहेंगे
मृतक के पिता अब्दुल कादिर का कहना है कि आरोपियों के कारण ही बेटे ने आत्महत्या की थी। आरोपियों ने उसे इतना अधिक परेशान कर दिया था कि उसे आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। फिर से अधिकारियों से गुहार लगाई जाएगी। मामले की जांच की मांग की जाएगी। यदि आवश्यकता पड़ी तो कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया जाएगा। इस मामले में इंसाफ लेकर ही रहेंगे।
- सुसाइड नोट में यह लिखा था
पुलिस प्रशासन मेरी बात पर गौर करे, बहला-फुसाकर शाहबुद्दीन मुझे ब्लैकमेल करता है। मारपीट की जाती है। हारिश और मोमीन ने मुझसे रुपये लिए हुए हैं मांगने पर मारपीट करते हैं और धमकी देते हैं। डर के कारण घर छोड़कर आत्महत्या कर रहा हूं। किसी के कहने सुनने पर मेरे दोस्तों को परेशान नहीं किया जाए। मेरी मौत के जिम्मेदार ये तीनों है। इस मामले में शाहबुद्दीन की मौत हो चुकी है। - छात्र फहीम
- जानिए... क्या होता है नार्को टेस्ट
कोतवाली प्रभारी समय पाल अत्री के अनुसार, इस टेस्ट को अपराधी या आरोपी व्यक्ति से सच उगलवाने के लिए किया जाता है। इस टेस्ट को फॉरेंसिक एक्सपर्ट, जांच अधिकारी, डॉक्टर और मनोवैज्ञानिक आदि की मौजूदगी में किया जाता है।
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मुजफ्फरनगर के खरड़ गांव के रहने वाले अब्दुल कादिर परिवार के साथ गाजियाबाद के लोनी के न्यू विकासनगर कॉलोनी में रहते हैं। दो नवंबर 2022 को अब्दुल कादिर के बेटे कक्षा आठ में पढ़ने वाले फहीम ने रात करीब 10 बजे दिल्ली से शामली जाने वाली 0499 ट्रेन के आगे कूदकर लोनी में आत्महत्या कर ली थी। शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला था। जिसमें छात्र ने मोमीन, हारिश और शाहबुद्दीन के कारण आत्महत्या की बात लिखी थी। मामले में मृतक के पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बाद में शाहबुद्दीन की मौत हो गई थी।
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मामले की जांच में सामने आया है कि लोनी के जिन मोमीन और हारिश का नाम सुसाइड नोट में लिखा गया है, उनके मोमीन के तीन और हारिश नाम के दो व्यक्ति हैं। सुसाइड नोट में मोमीन और हारिश के पिता का नाम और पता नहीं लिखा था। शामली जीआरपी ने मामले की जांच की। बाद में मामला बड़ौत जीआरपी को ट्रांसफर कर दिया गया था।
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कोर्ट के आदेश पर लोनी के ही तीन मोमीन और हारिश नाम के दो लोगों के पाॅलीग्राफी और नार्को टेस्ट कराए गए थे। अब नार्को टेस्ट की रिपोर्ट भी अधिकारियों को मिल गई है।
एसपी जीआरपी मुरादाबाद आशुतोष शुक्ला ने बताया कि नार्को टेस्ट में आरोपियों पर जुर्म साबित नहीं हुआ है। जल्द ही इस मामले में आरोपियों को क्लीन चिट दे दी जाएगी।
- अधिकारियों का खटखटाएंगे दरवाजा, इंसाफ लेकर ही रहेंगे
मृतक के पिता अब्दुल कादिर का कहना है कि आरोपियों के कारण ही बेटे ने आत्महत्या की थी। आरोपियों ने उसे इतना अधिक परेशान कर दिया था कि उसे आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। फिर से अधिकारियों से गुहार लगाई जाएगी। मामले की जांच की मांग की जाएगी। यदि आवश्यकता पड़ी तो कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया जाएगा। इस मामले में इंसाफ लेकर ही रहेंगे।
- सुसाइड नोट में यह लिखा था
पुलिस प्रशासन मेरी बात पर गौर करे, बहला-फुसाकर शाहबुद्दीन मुझे ब्लैकमेल करता है। मारपीट की जाती है। हारिश और मोमीन ने मुझसे रुपये लिए हुए हैं मांगने पर मारपीट करते हैं और धमकी देते हैं। डर के कारण घर छोड़कर आत्महत्या कर रहा हूं। किसी के कहने सुनने पर मेरे दोस्तों को परेशान नहीं किया जाए। मेरी मौत के जिम्मेदार ये तीनों है। इस मामले में शाहबुद्दीन की मौत हो चुकी है। - छात्र फहीम
- जानिए... क्या होता है नार्को टेस्ट
कोतवाली प्रभारी समय पाल अत्री के अनुसार, इस टेस्ट को अपराधी या आरोपी व्यक्ति से सच उगलवाने के लिए किया जाता है। इस टेस्ट को फॉरेंसिक एक्सपर्ट, जांच अधिकारी, डॉक्टर और मनोवैज्ञानिक आदि की मौजूदगी में किया जाता है।