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सबसे अनूठा रहा श्रीकृष्ण और गोपियों का प्रेम : शिवराज
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- सूर्या पैलेस में छठे दिन भागवत कथा में प्रेम के महत्व बताया
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। दिल्ली रोड पर सूर्या पैलेस में श्री श्याम सुंदर शिवराज महाराज ने भागवत कथा के छठे दिन योगेश्वर कृष्ण के स्वरूप और गोपियों के प्रेम का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कथा के दौरान श्रीकृष्ण विवाह सहित अन्य प्रसंग सुनाए। इन्हें सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
महाराज ने उद्धव के प्रसंग के माध्यम से संसार में प्रेम के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि गोपियों को ज्ञान देने गए उद्धव प्रेम की पराकाष्ठा को समझकर लौटे। प्रेम शब्द स्वयं श्रीराधा रानी का है। वह प्रेम की सागर हैं। इनके बिना कोई कार्य संभव नहीं। गिरिराज पर्वत उठाने जैसी लीलाएं भी राधा रानी की कृपा से ही संभव हुईं।
इस अवसर पर मुख्य यजमान गर्वित गुप्ता, शिप्रा गुप्ता, करुणा गुप्ता रहे। कथा के अंत में समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा और कोषाध्यक्ष दीप रस्तोगी ने किया। भगवान को 56 भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया गया।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। दिल्ली रोड पर सूर्या पैलेस में श्री श्याम सुंदर शिवराज महाराज ने भागवत कथा के छठे दिन योगेश्वर कृष्ण के स्वरूप और गोपियों के प्रेम का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कथा के दौरान श्रीकृष्ण विवाह सहित अन्य प्रसंग सुनाए। इन्हें सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
महाराज ने उद्धव के प्रसंग के माध्यम से संसार में प्रेम के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि गोपियों को ज्ञान देने गए उद्धव प्रेम की पराकाष्ठा को समझकर लौटे। प्रेम शब्द स्वयं श्रीराधा रानी का है। वह प्रेम की सागर हैं। इनके बिना कोई कार्य संभव नहीं। गिरिराज पर्वत उठाने जैसी लीलाएं भी राधा रानी की कृपा से ही संभव हुईं।
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इस अवसर पर मुख्य यजमान गर्वित गुप्ता, शिप्रा गुप्ता, करुणा गुप्ता रहे। कथा के अंत में समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा और कोषाध्यक्ष दीप रस्तोगी ने किया। भगवान को 56 भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया गया।
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