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Meerut News: बच्चों से ईंट ढुलवाने के मामले में प्रधान अध्यापिका के पक्ष में आई प्रबंध समिति
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मवाना। मवाना खुर्द स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर एक की प्रबंध समिति ने खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र देकर बच्चों से ईंट ढुलवाने के मामले में शिकायतकर्ता पर गलत अफवाह फैलाने का आरोप लगाया है। कहा कि प्रधानाध्यापिका, शिकायतकर्ता के गलत कार्यों का विरोध करती रही है। इस कारण वह प्रधान अध्यापिका से रंजिश रखता है। उन्होंने शिकायतकर्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
प्रबंध समिति में की ओर से खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र दिया गया। इसमें समिति सदस्य मोनिका, राखी, मधु, प्रीति, रोहित, रेशमा, मंगलसैन, सोनू, रीता, रिंकी आदि के नाम शामिल हैं। पत्र में कहा कि बच्चों से ईंट ढुलवाने के प्रकरण में समिति द्वारा जानकारी लेने पर पता चला कि दो शिक्षिकाओं के अवकाश पर होने के उपरांत भी प्रधानाध्यापिका द्वारा विद्यालय के समस्त कार्य व्यवस्थित रूप से संपन्न कराए गए।
विद्यालय में टूट-फूट की मरम्मत का कार्य ग्रामीण सुरेंद्र से कराया जा रहा था। इसके दो पोते भी इसी विद्यालय में पढ़ते हैं। दादा को काम करते देख पोते दादा के पास पहुंच गए तथा खेल-खेल में ईंटें उठाकर इधर-उधर डालने लगे। घटना के समय मध्याह्न था। बच्चे प्रांगण में खेल रहे थे। प्रधान अध्यापिका विद्यालय के कार्य करने में व्यस्त थी।
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उसी समय गांव निवासी शिकायतकर्ता ने फोटो खींच लिए। उन फोटो के आधार पर खंड शिक्षा अधिकारी को झूठी व भ्रामक शिकायत कर भ्रमित किया। खंड शिक्षा अधिकारी पर प्रधान अध्यापिका के विरुद्ध कार्रवाई करने का दबाव बनाया। पत्र में कहा कि शिकायतकर्ता व उसके साथ के अन्य लोगों द्वारा प्रधान अध्यापिका के बारे में गलत अफवाह फैलाई जा रही है।
प्रधान अध्यापिका शिकायतकर्ता व ग्राम प्रधान के गलत कार्यों एवं व्यवहार का विरोध करती रही है। झूठी शिकायतों का उत्तर या स्पष्टीकरण देने में प्रबंध समिति व प्रधान अध्यापिका का काफी समय बर्बाद होता है। शिकायतकर्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि उसकी ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लग सके।
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प्रबंध समिति में की ओर से खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र दिया गया। इसमें समिति सदस्य मोनिका, राखी, मधु, प्रीति, रोहित, रेशमा, मंगलसैन, सोनू, रीता, रिंकी आदि के नाम शामिल हैं। पत्र में कहा कि बच्चों से ईंट ढुलवाने के प्रकरण में समिति द्वारा जानकारी लेने पर पता चला कि दो शिक्षिकाओं के अवकाश पर होने के उपरांत भी प्रधानाध्यापिका द्वारा विद्यालय के समस्त कार्य व्यवस्थित रूप से संपन्न कराए गए।
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विद्यालय में टूट-फूट की मरम्मत का कार्य ग्रामीण सुरेंद्र से कराया जा रहा था। इसके दो पोते भी इसी विद्यालय में पढ़ते हैं। दादा को काम करते देख पोते दादा के पास पहुंच गए तथा खेल-खेल में ईंटें उठाकर इधर-उधर डालने लगे। घटना के समय मध्याह्न था। बच्चे प्रांगण में खेल रहे थे। प्रधान अध्यापिका विद्यालय के कार्य करने में व्यस्त थी।
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उसी समय गांव निवासी शिकायतकर्ता ने फोटो खींच लिए। उन फोटो के आधार पर खंड शिक्षा अधिकारी को झूठी व भ्रामक शिकायत कर भ्रमित किया। खंड शिक्षा अधिकारी पर प्रधान अध्यापिका के विरुद्ध कार्रवाई करने का दबाव बनाया। पत्र में कहा कि शिकायतकर्ता व उसके साथ के अन्य लोगों द्वारा प्रधान अध्यापिका के बारे में गलत अफवाह फैलाई जा रही है।
प्रधान अध्यापिका शिकायतकर्ता व ग्राम प्रधान के गलत कार्यों एवं व्यवहार का विरोध करती रही है। झूठी शिकायतों का उत्तर या स्पष्टीकरण देने में प्रबंध समिति व प्रधान अध्यापिका का काफी समय बर्बाद होता है। शिकायतकर्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि उसकी ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लग सके।