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आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर गांधी आश्रम बेच रहा बेशकीमती जमीन

Fri, 08 Jan 2021 01:41 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jan 2021 01:41 AM IST
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The land of Garh Road Gandhi Ashram is going to be auctioned
नीलाम होने जा रही गढ़ रोड गांधी आश्रम की जमीन
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मेरठ। गांधी आश्रम की गढ़ रोडृ स्थित खसरा नंबर 5852 में स्थित 800 वर्गमीटर जमीन की नीलामी की कोशिश विवादों में आ गई है। गांधी आश्रम के सचिव ने जहां इस जमीन की नीलामी का विज्ञापन जारी किया है, वहीं इसे लेकर जिलाधिकारी के यहां सांठगांठ का आरोप लगाते हुए आपत्ति पहुंच गई है। मामले में मजिस्ट्रेटी जांच की मांग की गई है।
गढ़ रोड पर हापुड़ चौराहा से तेजगढ़ी चौराहा जाते हुए सीधे हाथ की तरफ खसरा नंबर 5852 में स्थित खाली भूखंड का कुल क्षेत्रफल 3160 वर्ग मीटर था और यह जमीन गांधी आश्रम के प्रबंधन में कुमार आश्रम के नाम से थी। जमीन के मालिकों ने जब अपना हक मांगा तो मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया। 1995 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि उक्त जमीन से 800 वर्ग मीटर जमीन गांधी आश्रम को दान दी जाए, क्योंकि उसने लंबे समय तक इसकी देखभाल की है। आदेश पर अमल करते हुए जमीन के मालिक राजकुमारी पत्नी स्व. केएल कपूर और रानी कपूर आदि ने जमीन का दान पत्र तैयार कर गांधी आश्रम के पक्ष में रजिस्ट्री कर दी। रजिस्ट्री में यह भी स्पष्ट कर दिया कि गांधी आश्रम इस जमीन को व्यावसायिक नहीं बल्कि आवासीय उपयोग करेगा। गांधी आश्रम ने इसका कोई उपयोग नहीं किया और जमीन की चहारदीवारी कराकर एक गेट लगा दिया गया।
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न्यूनतम बोली 6.30 करोड़, बाजार मूल्य 8 करोड़ से ज्यादा
गांधी आश्रम के पास यूं तो बहुत अचल संपत्ति है लेकिन यह भूखंड व्यावसायिक गतिविधियों के तहत आने के कारण बेशकीमती है। गांधी आश्रम के सचिव पृथ्वी सिंह रावत द्वारा दो दिन पूर्व इस भूखंड की नीलामी का विज्ञापन जारी कर इसकी न्यूनतम बोली 6.30 करोड़ रुपये तय की गई है। दूसरी तरफ लोकेश खुराना की तरफ से जिलाधिकारी के यहां आपत्ति पत्र दाखिल कर बताया गया है कि जमीन का बाजार मूल्य 8 करोड़ से ज्यादा का है। कुछ कारोबारियों से मिलीभगत कर जमीन खुर्द-बुर्द करने का प्रयास हो रहा है। अगर गांधी आश्रम को धन की जरूरत है तो वह अपनी दूसरी अनुप्रयोगी जमीन बेच सकता है। इसके साथ ही दान में प्राप्त जमीन को इस तरह नहीं बेचा जा सकता है।
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छह करोड़ के कर्ज में डूबा है गांधी आश्रम: रावत
गांधी आश्रम के सचिव पृथ्वी सिंह रावत का कहना है कि गांधी आश्रम पर वर्तमान में चार करोड़ रुपये बैंक लोन है, जबकि दो करोड़ के करीब कर्मचारियों की देनदारी है। कोरोना काल में गांधी आश्रम का कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो चुका है, जिस कारण जमीन की नीलामी की जा रही है। सर्किल रेट के आधार पर जमीन की कीमत करीब 4.80 करोड़ रुपये है। बावजूद इसके उन्होंने इसकी न्यूनतम बोली 6.30 करोड़ तय की है। यही नहीं, यह जमीन समझौते के तहत मिली थी और इसीलिए इसकी नीलामी की जा रही है। गांधी आश्रम की दूसरी संपत्ति उच्चस्तर के अधीन है। वह उसकी बिक्री नहीं कर सकते हैं।
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