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Meerut News: भक्ति और उत्साह से सराबोर दिखा कांवड़ मार्ग, दिनभर गुजरते रहे कांवड़िये
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। श्रावण मास में कांवड़ यात्रा ने गति पकड़ ली है। रविवार को चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग गंगनहर पटरी से राजस्थान सहित अन्य राज्यों के शिवभक्तों के जत्थे लगातार अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या से पूरा मार्ग भगवा रंग में रंगा नजर आया और बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण शिवमय बना रहा।
हरिद्वार और ऋषिकेश से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़िये भगवान शिव के भजनों पर नाचते-गाते आगे बढ़ते दिखाई दिए। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों पर डीजे की धुनों के बीच शिवभक्त भक्ति गीतों पर झूमते रहे। कई कांवड़ियों ने अपने वाहनों पर भगवान शिव परिवार और राधा-कृष्ण की प्रतिमाएं सजाई थीं, जबकि कांवड़ पर तिरंगा भी लहराता नजर आया। देर रात तक शिवभक्तों के जत्थों का आवागमन जारी रहा।
कांवड़ यात्रा के चलते गंगनहर पटरी पर सेवा शिविरों की चहल-पहल भी बढ़ गई है। सलावा से लेकर भोला झाल तक विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और ग्रामीण संगठनों की ओर से भंडारों और सेवा शिविरों का संचालन किया जा रहा है। यहां कांवड़ियों के लिए भोजन, प्रसाद, पेयजल, फल, प्राथमिक उपचार और विश्राम की व्यवस्था की गई है। सेवादार पूरे उत्साह के साथ शिवभक्तों की सेवा में जुटे हुए हैं।
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बहादुरपुर में रविवार रात धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। कलाकारों ने भगवान शिव के भजनों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिनका कांवड़ियों और स्थानीय लोगों ने आनंद लिया। भक्ति संगीत और जयघोष के बीच श्रद्धालु देर रात तक नृत्य करते रहे। मार्ग में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने आकर्षक कांवड़ों के साथ गुजर रहे शिवभक्तों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। श्रद्धालुओं का कहना है कि जैसे-जैसे जलाभिषेक की तिथि नजदीक आएगी, कांवड़ियों की संख्या में और अधिक बढ़ोतरी होगी। वहीं, प्रशासन भी कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी बनाए हुए है।
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सरधना। श्रावण मास में कांवड़ यात्रा ने गति पकड़ ली है। रविवार को चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग गंगनहर पटरी से राजस्थान सहित अन्य राज्यों के शिवभक्तों के जत्थे लगातार अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या से पूरा मार्ग भगवा रंग में रंगा नजर आया और बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण शिवमय बना रहा।
हरिद्वार और ऋषिकेश से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़िये भगवान शिव के भजनों पर नाचते-गाते आगे बढ़ते दिखाई दिए। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों पर डीजे की धुनों के बीच शिवभक्त भक्ति गीतों पर झूमते रहे। कई कांवड़ियों ने अपने वाहनों पर भगवान शिव परिवार और राधा-कृष्ण की प्रतिमाएं सजाई थीं, जबकि कांवड़ पर तिरंगा भी लहराता नजर आया। देर रात तक शिवभक्तों के जत्थों का आवागमन जारी रहा।
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कांवड़ यात्रा के चलते गंगनहर पटरी पर सेवा शिविरों की चहल-पहल भी बढ़ गई है। सलावा से लेकर भोला झाल तक विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और ग्रामीण संगठनों की ओर से भंडारों और सेवा शिविरों का संचालन किया जा रहा है। यहां कांवड़ियों के लिए भोजन, प्रसाद, पेयजल, फल, प्राथमिक उपचार और विश्राम की व्यवस्था की गई है। सेवादार पूरे उत्साह के साथ शिवभक्तों की सेवा में जुटे हुए हैं।
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बहादुरपुर में रविवार रात धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। कलाकारों ने भगवान शिव के भजनों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिनका कांवड़ियों और स्थानीय लोगों ने आनंद लिया। भक्ति संगीत और जयघोष के बीच श्रद्धालु देर रात तक नृत्य करते रहे। मार्ग में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने आकर्षक कांवड़ों के साथ गुजर रहे शिवभक्तों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। श्रद्धालुओं का कहना है कि जैसे-जैसे जलाभिषेक की तिथि नजदीक आएगी, कांवड़ियों की संख्या में और अधिक बढ़ोतरी होगी। वहीं, प्रशासन भी कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी बनाए हुए है।