मेरठ। करोड़ों रुपये के राशन घोटाले की जांच एसपी क्राइम की देखरेख में मेरठ एसआईटी कर रही है। इस संबंध में शासन ने डीएम से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस की तरफ से रिपोर्ट भेज दी गई है। वहीं, मामले की जांच ईओडब्ल्यू के पास जा सकती है।
भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कई जिलों में 27 हजार लोगों के नाम पर गलत तरीके सेे राशन निकालकर करोड़ों रुपये का घोटाला करने की शिकायत एक जनवरी 2016 को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से की थी। भाजपा शासन में जुलाई 2018 में जिले में राशन घोटाले के 81 मामले दर्ज हुए। इनकी जांच के लिए एसआईटी का गठन हुआ। मेरठ में दर्ज मुकदमों की विवेचना एसपी क्राइम के नेतृत्व में एसआईटी कर रही है। राशन घोटाले में जिले में 110 लोगों के आधार कार्ड व पासवर्ड इस्तेमाल किया गया। इसमें 220 राशन एजेंसियां शामिल हैं। वहीं, छह लोग जेल भेजे गए। 10 मुकदमों में चार्जशीट दाखिल हुई जबकि अन्य में जांच जारी है। शासन से एक सप्ताह पहले मुकदमों पर प्रगति की रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट फूड कमिश्नर के माध्यम से जिलाधिकारी से मांगी गई। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी है। एसपी क्राइम रामअर्ज का कहना है कि अभी तक जांच एसआईटी के पास है। वहीं, ईओडब्ल्यू के अधिकारियों का कहना है कि राशन घोटाले की जांच करने संबंधी आदेश नहीं आया है।