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पुण्य कर्माें का फल अच्छा होता है : राजेश सेठी
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मेरठ..कंवलजीत..थापर नगर स्थित आर्य समाज मंदिर में हुआ रविवारसिया कार्यक्रम का आयोजन.......संवाद
आर्य समाज थापर नगर के रविवारीय सत्संग में भजन, प्रवचन एवं देवयज्ञ का आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। आर्य समाज थापर नगर के रविवारीय सत्संग में दैनिक संध्या आवश्यक क्यों विषय पर आयोजित प्रवचन में वक्ताओं ने दैनिक संध्या को आत्मशुद्धि, सद्गुणों की वृद्धि और ईश्वर के प्रति श्रद्धा का सर्वोत्तम माध्यम बताया।
मुख्य वक्ता राजेश सेठी ने कहा कि जिस प्रकार प्रतिदिन घर की सफाई आवश्यक होती है। उसी प्रकार ईश्वर के गुणों का चिंतन आत्मा एवं अंतःकरण की शुद्धि करता है। यह कुवासनाओं और अहंकार का नाश करता है। अच्छे कर्मों का फल सदैव अच्छा मिलता है।
सेठी ने कहा कि अधिकांश लोग अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति या पापों के दंड से बचने के लिए ईश्वर की उपासना करते हैं। परमात्मा की भक्ति का वास्तविक उद्देश्य उसके दिव्य गुणों को अपने जीवन में धारण कर स्वयं को श्रेष्ठ बनाना है।
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आचार्य नीरज ने भी विषय पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में प्रीति सेठी, चांद ग्रोवर, सुमन आनंद, अमित कांत, नेत्रपाल आर्य, धर्मवीर तथा कमलेश चांदना ने भजन प्रस्तुत किए।
आचार्य सत्यप्रकाश शास्त्री के ब्रह्मत्व में देवयज्ञ संपन्न हुआ। यज्ञ के यजमान सुनीता, मुकेश कन्नौजिया और राकेश ओबराय रहे। कार्यक्रम में विजय कुमार बंसल, विदिशा जिंदल, लोकेंद्र सिंह, करुणा सागर बाली, विक्रम सोंधी, शिवकुमार भसीन, राजीव सोनी, श्रेय बत्रा, कृष्ण कुमार वर्मा, अपर्णा, श्रवण कुमार रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। आर्य समाज थापर नगर के रविवारीय सत्संग में दैनिक संध्या आवश्यक क्यों विषय पर आयोजित प्रवचन में वक्ताओं ने दैनिक संध्या को आत्मशुद्धि, सद्गुणों की वृद्धि और ईश्वर के प्रति श्रद्धा का सर्वोत्तम माध्यम बताया।
मुख्य वक्ता राजेश सेठी ने कहा कि जिस प्रकार प्रतिदिन घर की सफाई आवश्यक होती है। उसी प्रकार ईश्वर के गुणों का चिंतन आत्मा एवं अंतःकरण की शुद्धि करता है। यह कुवासनाओं और अहंकार का नाश करता है। अच्छे कर्मों का फल सदैव अच्छा मिलता है।
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सेठी ने कहा कि अधिकांश लोग अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति या पापों के दंड से बचने के लिए ईश्वर की उपासना करते हैं। परमात्मा की भक्ति का वास्तविक उद्देश्य उसके दिव्य गुणों को अपने जीवन में धारण कर स्वयं को श्रेष्ठ बनाना है।
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आचार्य नीरज ने भी विषय पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में प्रीति सेठी, चांद ग्रोवर, सुमन आनंद, अमित कांत, नेत्रपाल आर्य, धर्मवीर तथा कमलेश चांदना ने भजन प्रस्तुत किए।
आचार्य सत्यप्रकाश शास्त्री के ब्रह्मत्व में देवयज्ञ संपन्न हुआ। यज्ञ के यजमान सुनीता, मुकेश कन्नौजिया और राकेश ओबराय रहे। कार्यक्रम में विजय कुमार बंसल, विदिशा जिंदल, लोकेंद्र सिंह, करुणा सागर बाली, विक्रम सोंधी, शिवकुमार भसीन, राजीव सोनी, श्रेय बत्रा, कृष्ण कुमार वर्मा, अपर्णा, श्रवण कुमार रहे।