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बाढ़ ने कर दिए बहनों के लिए द्वार बंद, कैसे निभाएंगी रस्म

Fri, 08 Aug 2025 10:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 08 Aug 2025 10:30 PM IST
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The flood has closed the doors for the sisters, how will they perform the ritual
हस्तिनापुर। रक्षाबंधन सिर्फ एक पर्व नहीं, यह वह भावना है जो एक बहन के प्रेम, आशीर्वाद और भाई की सुरक्षा के संकल्प को एक सूत्र में बांधती है। इस पवित्र दिन पर अगर शुद्ध मन और विधिपूर्वक राखी बांधी जाए तो रिश्तों में और भी गहराई, मधुरता और शुभता आती है। परंतु इस बार खादर क्षेत्र में आई बाढ़ के कारण भाइयों को राखी बांधने आने वाली बहनों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। बाढ़ ने बहनों के लिए भाइयों के घर तक पहुंचने के लिए द्वार बंद कर दिए हैं। इसे लेकर बहनें चिंतित हैं।
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इस समय खादर क्षेत्र कई गांवों में बाढ़ ने दस्तक दी है। इसका दुख आज के दिन बहनों को भी हो रहा है। अभी भी यहां करीब 10 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और एक दर्जन से अधिक गांवों के संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हैं। शनिवार को रक्षाबंधन का त्योहार है। ऐसे में विवाहिता या बाहर रहने वाली बहनें रक्षाबंधन के पर्व अपने भाइयों तक नहीं पहुंच पाएंगी। करीब एक दर्जन गांवों का आवागमन पूरी तरह से बंद है। रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए प्रशासन स्तर की ओर से भी कोई ऐसी तैयारी नहीं की गई है जिससे बहनों को उनके भाइयों के घर तक भेजा जा सके। यह चिंता सिर्फ बहनों को ही नहीं है, यहां रहने वाले उनके भाइयों को भी सता रही है। कुछ लोगों का कहना है कि वह रस्म निभाने के लिए अपने गांव से बाहर जाकर राखी बंधवाएंगे। शुक्रवार को कुछ बहनें राखी की रस्म निभाने के लिए नाव के सहारे अपने गांव तक पहुंच गई।
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