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अस्पताल संचालक हत्याकांड में अफसरों से मिला परिवार
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अस्पताल संचालक की हत्या मामले में अफसरों से मिला परिवार
मेरठ। अस्पताल संचालक यशपाल सिंह की हत्या के मामले में टीपीनगर पुलिस पांच दिन बाद भी खाली हाथ है। सोमवार को पीड़ित परिवार पुलिस ऑफिस पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई। परिवार का आरोप था कि पुलिस ने पूरे मामले को उलझा दिया है। एक वीडियो भी अफसरों को सौंपी गई। इसमें हत्या से ठीक पहले एक संदिग्ध दिखाई दे रहा है।
पुलिस ऑफिस पहुंचे नरेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस उनके पिता यशपाल सिंह की हत्या का सुराग नहीं लगा पाई है। शुरुआत में पुलिस परिजनों पर ही शक करती रही, लेकिन पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। परिवार के लोग लगातार थाना पुलिस से संपर्क में हैं। उनकी ओर से कुछ साक्ष्य भी दिए गए हैं, लेकिन पुलिस उन्हें को गंभीरता से नहीं ले रही है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्हें एक और वीडियो हाथ लगी है। इसमें हत्या से चंद मिनट पहले एक संदिग्ध रेकी करता दिखाई दिया है। यशपाल सिंह के पौत्र आशीष ने बताया कि अस्पताल में पिछले कुछ दिन में काफी कुछ ऐसा हुआ था, जिसे जांच का हिस्सा बनाया जाना जरूरी है। एसपी क्राइम राम अर्ज ने कहा कि पुलिस की जांच अभी चल रही है। परिजनों की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे साक्ष्यों को विवेचना में शामिल किया जाएगा।
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मेरठ। अस्पताल संचालक यशपाल सिंह की हत्या के मामले में टीपीनगर पुलिस पांच दिन बाद भी खाली हाथ है। सोमवार को पीड़ित परिवार पुलिस ऑफिस पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई। परिवार का आरोप था कि पुलिस ने पूरे मामले को उलझा दिया है। एक वीडियो भी अफसरों को सौंपी गई। इसमें हत्या से ठीक पहले एक संदिग्ध दिखाई दे रहा है।
पुलिस ऑफिस पहुंचे नरेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस उनके पिता यशपाल सिंह की हत्या का सुराग नहीं लगा पाई है। शुरुआत में पुलिस परिजनों पर ही शक करती रही, लेकिन पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। परिवार के लोग लगातार थाना पुलिस से संपर्क में हैं। उनकी ओर से कुछ साक्ष्य भी दिए गए हैं, लेकिन पुलिस उन्हें को गंभीरता से नहीं ले रही है।
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उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्हें एक और वीडियो हाथ लगी है। इसमें हत्या से चंद मिनट पहले एक संदिग्ध रेकी करता दिखाई दिया है। यशपाल सिंह के पौत्र आशीष ने बताया कि अस्पताल में पिछले कुछ दिन में काफी कुछ ऐसा हुआ था, जिसे जांच का हिस्सा बनाया जाना जरूरी है। एसपी क्राइम राम अर्ज ने कहा कि पुलिस की जांच अभी चल रही है। परिजनों की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे साक्ष्यों को विवेचना में शामिल किया जाएगा।
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