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मेडिकल कॉलेज में पेयजल लाइन तो ठीक कराई, पर खाली गड़्ढ़ा छोड़ा
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मेरठ। लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में पीएमएसएसवाई डिपार्टमेंट के सामने फटी पाइप लाइन को ठीक कराकर सात घंटे में पेयजल आपूर्ति को दुरुस्त करा दी गई, लेकिन मरम्मत कार्य के बावजूद सड़क पर गड्ढे को भरे बिना ही छोड़ दिया गया है।
सोमवार दोपहर पाइपलाइन फटने से मरीजों, तीमारदारों, चिकित्सकों और कैंपस एवं आवासीय क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ा था। मेंटिनेंस टीम और मेडिकल कर्मचारियों ने मिलकर देर रात लाइन की मरम्मत कर पानी की आपूर्ति सुचारू रूप की थी। जलापूर्ति चालू करते समय खोदे गए गड्ढ़े को कर्मचारियों ने खुला छोड़ दिया। मंगलवार सुबह मेडिकल परिसर के इमरजेंसी विभाग के सामने पानी का जलभराव भी मिला।
इसके चलते लाल बिल्डिंग में जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, पानी की पाइपलाइन 60 साल पुरानी बताई जा रही है। पेयजल पाइप लाइन की जर्जर स्थिति होने की वजह से आए दिन पानी की आपूर्ति ठप हो जाती है।
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मरीज रोहित ने बताया कि पानी की आपूर्ति न होने से काफी परेशान रहे। अब आपूर्ति शुरू होने पर थोड़ी राहत मिली है। वहीं तीमारदार राजेंद्र ने कहा कि परिसर में जलभराव होने से मच्छरों के पैदा होने से मलेरिया की बीमारी हो सकती है। मेडिकल स्टोर पर दवा लेने आए तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रास्ते में पानी जमाव से कीचड़ जैसे हालात हो गए।
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-- वर्जन --
सीएमएस धीरेंद्र राज ने बताया कि रात में पाइपलाइन ठीक करा दी गई थी। पानी आपूर्ति सुचारु रूप से चल रही है। सड़क पर खुले गड्ढे को भी भरवाया जाएगा।
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सोमवार दोपहर पाइपलाइन फटने से मरीजों, तीमारदारों, चिकित्सकों और कैंपस एवं आवासीय क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ा था। मेंटिनेंस टीम और मेडिकल कर्मचारियों ने मिलकर देर रात लाइन की मरम्मत कर पानी की आपूर्ति सुचारू रूप की थी। जलापूर्ति चालू करते समय खोदे गए गड्ढ़े को कर्मचारियों ने खुला छोड़ दिया। मंगलवार सुबह मेडिकल परिसर के इमरजेंसी विभाग के सामने पानी का जलभराव भी मिला।
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इसके चलते लाल बिल्डिंग में जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, पानी की पाइपलाइन 60 साल पुरानी बताई जा रही है। पेयजल पाइप लाइन की जर्जर स्थिति होने की वजह से आए दिन पानी की आपूर्ति ठप हो जाती है।
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मरीज रोहित ने बताया कि पानी की आपूर्ति न होने से काफी परेशान रहे। अब आपूर्ति शुरू होने पर थोड़ी राहत मिली है। वहीं तीमारदार राजेंद्र ने कहा कि परिसर में जलभराव होने से मच्छरों के पैदा होने से मलेरिया की बीमारी हो सकती है। मेडिकल स्टोर पर दवा लेने आए तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रास्ते में पानी जमाव से कीचड़ जैसे हालात हो गए।
सीएमएस धीरेंद्र राज ने बताया कि रात में पाइपलाइन ठीक करा दी गई थी। पानी आपूर्ति सुचारु रूप से चल रही है। सड़क पर खुले गड्ढे को भी भरवाया जाएगा।