फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   The DM got angry after not seeing the recruitment of children, said - stop NRC

बच्चे भर्ती न देख भड़के डीएम, बोले- बन्द करा दूं एनआरसी

Thu, 03 Nov 2022 01:51 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Nov 2022 01:51 AM IST
विज्ञापन
The DM got angry after not seeing the recruitment of children, said - stop NRC
बच्चे भर्ती न देख भड़के डीएम, बोले-बंद करा दें एनआरसी
विज्ञापन

मेरठ। जिलाधिकारी दीपक मीणा के निरीक्षण में जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की पोल खुल गई। 10 बेड के एनआरसी में एक भी बच्चा भर्ती न देख वह नाराज हो गए। उन्होंने सीएमओ अखिलेश मोहन, जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक और स्टाफ से कहा कि ऐसे ही काम करना है तो एनआरसी बंद करा देते हैं। झांसी और ललितपुर जैसे छोटे जिलों में एनआरसी के सारे बेड भरे रहते हैं। यहां मेरठ जैसे जिले में कुपोषित बच्चे नहीं मिल रहे। बेहतर व्यवस्था होगी तो बच्चे आएंगे। वाराणसी और भदौही जिले देखिए। वहां एनआरसी में बेड बढ़ाए गए हैं। प्ले रूम में की अव्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। कहा कि 10 दिन में हालत दुरुस्त कर फ़ोटो भेजें, नहीं तो कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा।
बुधवार दोपहर 12:30 बजे डीएम पहुंचे। पहले उन्होंने सीसीटीवी कंट्रोल रूम देखा। अस्पताल में 40 कैमरे हैं। इनके बेहतर संचालन के निर्देश दिए। इसके बाद ओपीडी, ऑर्थोपेडिक वार्ड, इमरजेंसी, दवा काउंटर, पुरुष सर्जिकल वार्ड, बाल रोग विभाग और डायलिसिस यूनिट का निरीक्षण किया। इस दौरान सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन भी पहुंच गए।
विज्ञापन

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कौशलेंद्र सिंह से कहा कि दवा काउंटर पर काफी भीड़ है, एक और काउंटर बनाएं। कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि दवा काउंटर है, लेकिन स्टाफ और फार्मासिस्ट नहीं है। इसके बाद जिलाधिकारी एनआरसी गए और अव्यवस्था पर नाराज हुए। इसके बराबर में खराब लिफ्ट दुरुस्त कराने को कहा। डायलिसिस यूनिट में 52 लोगों की वेटिंग मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन

उपचार व दवा के बारे में ली जानकारी
जिलाधिकारी ने एक मरीज से पूछा कि दवा सही समय पर मिल रही हैं या नहीं। मरीज ने कहा समय पर दवा मिलने के साथ चिकित्सक भी देखने आ रहे हैं। डीएम ने कहा कि डेंगू की स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन विकट स्थिति से बचने के लिए बेहतर तैयारी जरूरी है।
5855 बच्चों पर कुपोषण की मार
मेरठ। सरकारी रिकॉर्ड में 5855 बच्चे कुपोषित हैं। यह संख्या इससे ज्यादा हो सकती है। शून्य से 6 साल तक के कुल 2 लाख 14 हजार 382 बच्चे हैं। इनमें 4894 कुपोषित और 961 अतिकुपोषित बच्चे हैं। अगर बच्चे की स्थिति ज्यादा खराब हो तो जिला मुख्यालय पर बने पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया जाता है। इस साल जनवरी से अक्तूबर तक करीब 70 बच्चे भर्ती हुए हैं।

क्या कहते हैं डाक्टर
जिला अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि एनआरसी में कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने में अभिभावक भी पीछे हट जाते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उन्हें मां के साथ लेकर यहां पहुंचती हैं, लेकिन वह भर्ती होने में दिलचस्पी नहीं दिखातीं। यहां पर मां-बच्चे के खानपान की पूरी व्यवस्था है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed