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जिला हुआ हरा-भरा, आठ साल में बढ़ी चार फीसदी हरियाली
Thu, 05 Jun 2025 12:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 05 Jun 2025 12:28 AM IST
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मोहंड वन रेंज का शिवालिक जंगल। संवाद
सहारनपुर। जिले में पर्यावरण की दृष्टि से हरियाली क्षेत्र का बढ़ना काफी राहत देता है। जिले में करीब 9.07 वर्ग किलोमीटर तक की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट में वन क्षेत्र में वृद्धि होने की बात कही गई है। आठ साल में चार फीसदी हरियाली बढ़ी है। यह अच्छे संकेत हैं।
बृहस्पतिवार को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाएगा। बढ़ते प्रदूषण से पर्यावरण को संतुलित करने के लिए जिले में संचालित पौधरोपण अभियान का प्रभाव अब दिखने लगा है। जिले में हिंडन नदी किनारे संग अधिकांश भू-भाग में उसरीली मिट्टी पर भी जिला प्रशासन ने हरियाली लाने की दिशा में बेहतर काम किया है।
लगातार अभियान संचालित कर प्रत्येक वर्ष रिकॉर्ड पौधरोपण कर उनकी देख-रेख व्यवस्था सुनिश्चित कर जियो टैगिंग करवाते हुए निगरानी की गई। पौधरोपण अभियान में वन विभाग संग अन्य विभागों की सहभागिता करवाते हुए आम लोगों को भी अभियान से जोड़ा।
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इसके चलते ही जिले में हरियाली बढ़ी तो वन क्षेत्र में भी इजाफा हुआ है। इसकी पुष्टि इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट में हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्र 3688.96 वर्ग किलोमीटर है। भौगौलिक क्षेत्र का प्रतिशत 14.23 है। 2023 में हुए सर्वे की रिपोर्ट में जिले में 9.07 वर्ग किलोमीटर में वन क्षेत्र होने की पुष्टि हुई।
रिपोर्ट में बताया गया कि जिले में अति सघन वन नहीं है। 182.13 वर्ग किलोमीटर में मध्यम वन और 342.87 वर्ग किलोमीटर में खुले वन क्षेत्र हैं। इसके अतिरिक्त अन्य कई स्थानों पर भी वन क्षेत्र तैयार हुआ है। नदियों के संरक्षण के लिए हिंडन सहायक नदी किनारे 288.04 हेक्टेयर पौधे रोपित हुए। आठ सालों में वन्यजीवों में भी वृद्धि हुई है।
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आगामी वर्षा काल में रोपित होंगे 42 लाख से अधिक पौधे
सामाजिक वानिकी डीएफओ शुभम सिंह ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जिले में आगामी वर्षा काल में वन विभाग 8,58,500 और अन्य 25 विभाग मिलकर 33,44,280 पौधे रोपित करेंगे। बताया कि रोपित करने के लिए नर्सरी में पौध तैयार की जा रही है। जिले को हरा भरा बनाने संग पर्यावरण की दृष्टि से सुदृढ़ करने के लिए नियमित पौध रोपण के साथ निगरानी की जा रही है।
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पेड़-पौधे के प्रति लोगों में रुचि बढ़ी
पर्यावरणविद डॉ. एसके उपाध्याय ने बताया कि जिले में वन क्षेत्र बढ़ना अच्छी बात है। खासकर घाड़ क्षेत्र के लोगों में पेड़-पौधे लगाने के प्रति रुचि बढ़ी है। पेड़-पौधे लगाने के लिए लोग जितने जागरूक होंगे, जिले में उतनी हरियाली बढ़ेगी।
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बृहस्पतिवार को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाएगा। बढ़ते प्रदूषण से पर्यावरण को संतुलित करने के लिए जिले में संचालित पौधरोपण अभियान का प्रभाव अब दिखने लगा है। जिले में हिंडन नदी किनारे संग अधिकांश भू-भाग में उसरीली मिट्टी पर भी जिला प्रशासन ने हरियाली लाने की दिशा में बेहतर काम किया है।
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लगातार अभियान संचालित कर प्रत्येक वर्ष रिकॉर्ड पौधरोपण कर उनकी देख-रेख व्यवस्था सुनिश्चित कर जियो टैगिंग करवाते हुए निगरानी की गई। पौधरोपण अभियान में वन विभाग संग अन्य विभागों की सहभागिता करवाते हुए आम लोगों को भी अभियान से जोड़ा।
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इसके चलते ही जिले में हरियाली बढ़ी तो वन क्षेत्र में भी इजाफा हुआ है। इसकी पुष्टि इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट में हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्र 3688.96 वर्ग किलोमीटर है। भौगौलिक क्षेत्र का प्रतिशत 14.23 है। 2023 में हुए सर्वे की रिपोर्ट में जिले में 9.07 वर्ग किलोमीटर में वन क्षेत्र होने की पुष्टि हुई।
रिपोर्ट में बताया गया कि जिले में अति सघन वन नहीं है। 182.13 वर्ग किलोमीटर में मध्यम वन और 342.87 वर्ग किलोमीटर में खुले वन क्षेत्र हैं। इसके अतिरिक्त अन्य कई स्थानों पर भी वन क्षेत्र तैयार हुआ है। नदियों के संरक्षण के लिए हिंडन सहायक नदी किनारे 288.04 हेक्टेयर पौधे रोपित हुए। आठ सालों में वन्यजीवों में भी वृद्धि हुई है।
आगामी वर्षा काल में रोपित होंगे 42 लाख से अधिक पौधे
सामाजिक वानिकी डीएफओ शुभम सिंह ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जिले में आगामी वर्षा काल में वन विभाग 8,58,500 और अन्य 25 विभाग मिलकर 33,44,280 पौधे रोपित करेंगे। बताया कि रोपित करने के लिए नर्सरी में पौध तैयार की जा रही है। जिले को हरा भरा बनाने संग पर्यावरण की दृष्टि से सुदृढ़ करने के लिए नियमित पौध रोपण के साथ निगरानी की जा रही है।
पेड़-पौधे के प्रति लोगों में रुचि बढ़ी
पर्यावरणविद डॉ. एसके उपाध्याय ने बताया कि जिले में वन क्षेत्र बढ़ना अच्छी बात है। खासकर घाड़ क्षेत्र के लोगों में पेड़-पौधे लगाने के प्रति रुचि बढ़ी है। पेड़-पौधे लगाने के लिए लोग जितने जागरूक होंगे, जिले में उतनी हरियाली बढ़ेगी।