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Meerut News: बंद हुआ मेरठ-बड़ौत हाईवे का निर्माण दोबारा शुरू
Fri, 24 May 2024 04:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Fri, 24 May 2024 04:06 AM IST
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बागपत। पत्थर नहीं मिलने के कारण बंद हुआ मेरठ-बड़ौत हाईवे का निर्माण कार्य दोबारा शुरू करा दिया गया। जो एक सप्ताह में पूर्ण कर दिया जाएगा। हाईवे का निर्माण पूर्ण होने से दो जिलों के राहगीरों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
बड़ौत-मेरठ हाईवे से रोजाना हजारों लोग आवागमन कर कई जनपदों में पहुंचते हैं। यह हाईवे 42 किलोमीटर लंबा है। इसका वर्ष 2016 में निर्माण कराया गया था। जो अब पूरी गड्ढों में तब्दील हो गया था। ग्रामीणों ने अफसरों से हाईवे का निर्माण कराने की मांग की। जिस पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने 42 किलोमीटर लंबे हाईवे का निर्माण कराने के लिए 49 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर मुख्य अभियंता कार्यालय भेजा। जिसके बाद दोनों जनपदों की सड़कों का प्रस्ताव अलग-अलग कर दिया। बागपत जनपद में 18 किलोमीटर सड़क निर्माण कराने के लिए 19.71 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली और निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्माण शुरू करा दिया गया। कुछ दिन पहले पत्थर नहीं मिलने के कारण बरनावा आश्रम से लेकर बॉर्डर तक तीन किलोमीटर हिस्से का निर्माण अटक गया। जिसके बाद अब फिर से पत्थर आने लगे और हाईवे का निर्माण शुरू करा दिया गया।
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30 से अधिक गांवों के लोगों को मिलेगा फायदा
मेरठ-बड़ौत हाईवे पर जहां अन्य जगहों के लोगों को फायदा होगा। वहीं आसपास के तीस से अधिक गांवों के ग्रामीणों को फायदा होगा। इससे वाजिदपुर, लोहड्डा, जौहड़ी, अंगदपुर, सिरसली, रंछाड़, जिवाना, बिनौली, बरनावा, हजूराबाद गढ़ी, फतेहपुर, माखर, शेखपुरा, बिजवाड़ा, फजलपुर सुंदरनगर, शाहपुर बाणगंगा, सिरसलगढ़, तितरौदा, धनौरा सिल्वरनगर समेत अन्य गांव व मेरठ जिले के गांवों को फायदा होगा।
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वर्जन-
पत्थरों की आपूर्ति नहीं होने के कारण मेरठ-बड़ौत हाईवे का निर्माण कार्य रुक गया था। जिसमें बरनावा आश्रम से बॉर्डर तक तीन किलोमीटर का हिस्सा अधूरा रह गया था। पत्थर आने पर दोबारा निर्माण शुरू करा दिया। एक सप्ताह में निर्माण पूर्ण हो जाएगा। -अतुल कुमार, अधिशासी अभियंता, लोनिवि।
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बड़ौत-मेरठ हाईवे से रोजाना हजारों लोग आवागमन कर कई जनपदों में पहुंचते हैं। यह हाईवे 42 किलोमीटर लंबा है। इसका वर्ष 2016 में निर्माण कराया गया था। जो अब पूरी गड्ढों में तब्दील हो गया था। ग्रामीणों ने अफसरों से हाईवे का निर्माण कराने की मांग की। जिस पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने 42 किलोमीटर लंबे हाईवे का निर्माण कराने के लिए 49 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर मुख्य अभियंता कार्यालय भेजा। जिसके बाद दोनों जनपदों की सड़कों का प्रस्ताव अलग-अलग कर दिया। बागपत जनपद में 18 किलोमीटर सड़क निर्माण कराने के लिए 19.71 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली और निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्माण शुरू करा दिया गया। कुछ दिन पहले पत्थर नहीं मिलने के कारण बरनावा आश्रम से लेकर बॉर्डर तक तीन किलोमीटर हिस्से का निर्माण अटक गया। जिसके बाद अब फिर से पत्थर आने लगे और हाईवे का निर्माण शुरू करा दिया गया।
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30 से अधिक गांवों के लोगों को मिलेगा फायदा
मेरठ-बड़ौत हाईवे पर जहां अन्य जगहों के लोगों को फायदा होगा। वहीं आसपास के तीस से अधिक गांवों के ग्रामीणों को फायदा होगा। इससे वाजिदपुर, लोहड्डा, जौहड़ी, अंगदपुर, सिरसली, रंछाड़, जिवाना, बिनौली, बरनावा, हजूराबाद गढ़ी, फतेहपुर, माखर, शेखपुरा, बिजवाड़ा, फजलपुर सुंदरनगर, शाहपुर बाणगंगा, सिरसलगढ़, तितरौदा, धनौरा सिल्वरनगर समेत अन्य गांव व मेरठ जिले के गांवों को फायदा होगा।
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वर्जन-
पत्थरों की आपूर्ति नहीं होने के कारण मेरठ-बड़ौत हाईवे का निर्माण कार्य रुक गया था। जिसमें बरनावा आश्रम से बॉर्डर तक तीन किलोमीटर का हिस्सा अधूरा रह गया था। पत्थर आने पर दोबारा निर्माण शुरू करा दिया। एक सप्ताह में निर्माण पूर्ण हो जाएगा। -अतुल कुमार, अधिशासी अभियंता, लोनिवि।