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यूपी 100 अभी सक्रिय भी नहीं हुआ, खटकने लगी पुलिस को यह व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Nov 2016 12:48 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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शहर में यूपी 100 को सक्रिय हुए चंद दिन भी नहीं हुए कि थानों की पुलिस को यह व्यवस्था खटकने लगी है। यही वजह है कि थानों के मुंशी लोगों को अपने कार्यालय और थानेदार के सीयूजी नंबर बांटने लगे हैं। यही नहीं, यूपी 100 से शिकायत के बाद थाने पहुंचने वाले फरियादियों को पुलिस की फटकार भी लग रही है। थाना पुलिस कहती है कि कार्रवाई लखनऊ नहीं, बल्कि थाना स्तर से होनी है। यदि कोई शिकायत है तो सीधे हमें बताओ।
यूपी 100 पर आने वाली शिकायतों की लखनऊ से मॉनिटरिंग होने लगी है। इससे थाना पुलिस की सक्रियता की भी पोल खुलने लगी है। ऐसे में थाना पुलिस बेचैन है कि आखिर यूपी 100 से कैसे बचा जाए। इसीलिए पुलिस यूपी 100 पर शिकायत करने वालों से सख्त लहजे में कहने लगी है कि अगर कोई बात हो तो सीधे थाने में बताओ। यूपी 100 से लखनऊ में शिकायत होती है पर कार्रवाई तो थानों से ही होगी। कई थानों में तो मुंशी थाने के लैंड लाइन और थानेदार के सीयूजी नंबर तक बांटने की मुहिम में लगे हैं। साथ ही लोगों को यह बता रहे हैं कि यूपी 100 से पहले हमें बताओगे तो शिकायतों का तत्काल निस्तारण होगा। यह सुनकर फरियादी भी हैरत में पड़ रहे हैं।
सीएम का ड्रीम प्रोजक्ट है यूपी 100
यूपी 100 मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट है। यूपी पुलिस की छवि और कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए उन्होंने करोड़ों रुपये खर्च कर लखनऊ में डिजिटल कंट्रोल रूम का शुभारंभ कराया है। मेरठ, बरेली, लखनऊ, कानपुर, आगरा समेत 11 महानगरों में 19 नवंबर से इसकी शुरुआत हुई है। यूपी 100 का रिजल्ट भी ठीकठाक आने लगा है। इसमें जो खामियां हैं, उन्हें सुधारने की कवायद चल रही है। पुलिस के आला अधिकारी भी यूपी 100 की बेहतरी के प्रयास में जुटे हैं, लेकिन थानों की पुलिस कुछ और ही चाहती है।
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अब मत देना यूपी 100 को सूचना
ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र की एक महिला ने सोमवार को 100 नंबर पर सूचना दी। इस पर यूपी 100 की गाड़ी मौके पर पहुंची। महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति मारपीट करता है और पहले पति से संबंध होने की बात करता है। इसे लेकर महिला हंगामा कर रही थी। यूपी 100 पर तैनात पुलिसकर्मियों ने ब्रह्मपुरी पुलिस को सूचना दे दी। इस पर थाना पुलिस महिला को थाने ले आई। पुलिस ने पहले महिला को डांट लगाई कि यूपी 100 पर सूचना क्यों दी। उसके बाद उसकी शिकायत सुनी और फिर एक पर्ची पर उसे थाने का नंबर और थानेदार का सीयूजी नंबर थमा दिया।
क्या हुआ 100 को फोन करने से
यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पांडव नगर में आसिमा और उसकी मां आशा अस्थाना से बदमाशों ने पर्स छीन लिया। आसिमा बीटेक कर चुकी है और एक कंपनी में जॉब करती है। उसने 100 नंबर पर सूचना दी। यूपी 100 की गाड़ी नहीं पहुंची तो मां-बेटी साकेत पुलिस चौकी पर पहुंचीं। उन्होंने यूपी 100 के न पहुंचने की शिकायत की तो पुलिसकर्मी बोले कि वहां सूचना देने की क्या जरूरत थी। उन्होंने भी अपने थाने और थानेदार के नंबर पर कॉल करने की सलाह दे डाली।
यह तो ऐसे ही चलेगी, हमें बताओ
फूलबाग कॉलोनी में सोमवार सुबह सात बजे गुड्डी से बदमाशों ने कुंडल लूट लिए। लोगों ने 100 नंबर पर सूचना दी, लेकिन आधे घंटे तक यूपी 100 की गाड़ी नहीं पहुंची। उसके बाद भाजपा पार्षद मनोज कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने थाना पुलिस को सूचना दी। थाने की पुलिस मौके पर पहुंची तो लोगों ने ऐतराज जताया कि 100 पर पुलिस क्यों नहीं आई। इस पर थाना पुलिस ने कहा कि यह तो ऐसे ही चलेगी। हमें सूचना देते तो तुरंत ही कार्रवाई होती। यह सुनकर भी लोग हैरान रह गए।
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यूपी 100 पर आने वाली शिकायतों की लखनऊ से मॉनिटरिंग होने लगी है। इससे थाना पुलिस की सक्रियता की भी पोल खुलने लगी है। ऐसे में थाना पुलिस बेचैन है कि आखिर यूपी 100 से कैसे बचा जाए। इसीलिए पुलिस यूपी 100 पर शिकायत करने वालों से सख्त लहजे में कहने लगी है कि अगर कोई बात हो तो सीधे थाने में बताओ। यूपी 100 से लखनऊ में शिकायत होती है पर कार्रवाई तो थानों से ही होगी। कई थानों में तो मुंशी थाने के लैंड लाइन और थानेदार के सीयूजी नंबर तक बांटने की मुहिम में लगे हैं। साथ ही लोगों को यह बता रहे हैं कि यूपी 100 से पहले हमें बताओगे तो शिकायतों का तत्काल निस्तारण होगा। यह सुनकर फरियादी भी हैरत में पड़ रहे हैं।
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सीएम का ड्रीम प्रोजक्ट है यूपी 100
यूपी 100 मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट है। यूपी पुलिस की छवि और कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए उन्होंने करोड़ों रुपये खर्च कर लखनऊ में डिजिटल कंट्रोल रूम का शुभारंभ कराया है। मेरठ, बरेली, लखनऊ, कानपुर, आगरा समेत 11 महानगरों में 19 नवंबर से इसकी शुरुआत हुई है। यूपी 100 का रिजल्ट भी ठीकठाक आने लगा है। इसमें जो खामियां हैं, उन्हें सुधारने की कवायद चल रही है। पुलिस के आला अधिकारी भी यूपी 100 की बेहतरी के प्रयास में जुटे हैं, लेकिन थानों की पुलिस कुछ और ही चाहती है।
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अब मत देना यूपी 100 को सूचना
ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र की एक महिला ने सोमवार को 100 नंबर पर सूचना दी। इस पर यूपी 100 की गाड़ी मौके पर पहुंची। महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति मारपीट करता है और पहले पति से संबंध होने की बात करता है। इसे लेकर महिला हंगामा कर रही थी। यूपी 100 पर तैनात पुलिसकर्मियों ने ब्रह्मपुरी पुलिस को सूचना दे दी। इस पर थाना पुलिस महिला को थाने ले आई। पुलिस ने पहले महिला को डांट लगाई कि यूपी 100 पर सूचना क्यों दी। उसके बाद उसकी शिकायत सुनी और फिर एक पर्ची पर उसे थाने का नंबर और थानेदार का सीयूजी नंबर थमा दिया।
क्या हुआ 100 को फोन करने से
यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पांडव नगर में आसिमा और उसकी मां आशा अस्थाना से बदमाशों ने पर्स छीन लिया। आसिमा बीटेक कर चुकी है और एक कंपनी में जॉब करती है। उसने 100 नंबर पर सूचना दी। यूपी 100 की गाड़ी नहीं पहुंची तो मां-बेटी साकेत पुलिस चौकी पर पहुंचीं। उन्होंने यूपी 100 के न पहुंचने की शिकायत की तो पुलिसकर्मी बोले कि वहां सूचना देने की क्या जरूरत थी। उन्होंने भी अपने थाने और थानेदार के नंबर पर कॉल करने की सलाह दे डाली।
यह तो ऐसे ही चलेगी, हमें बताओ
फूलबाग कॉलोनी में सोमवार सुबह सात बजे गुड्डी से बदमाशों ने कुंडल लूट लिए। लोगों ने 100 नंबर पर सूचना दी, लेकिन आधे घंटे तक यूपी 100 की गाड़ी नहीं पहुंची। उसके बाद भाजपा पार्षद मनोज कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने थाना पुलिस को सूचना दी। थाने की पुलिस मौके पर पहुंची तो लोगों ने ऐतराज जताया कि 100 पर पुलिस क्यों नहीं आई। इस पर थाना पुलिस ने कहा कि यह तो ऐसे ही चलेगी। हमें सूचना देते तो तुरंत ही कार्रवाई होती। यह सुनकर भी लोग हैरान रह गए।