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एजुकेटर रखने वाली एजेंसी का टेंडर निरस्त, दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू
Tue, 29 Apr 2025 12:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Tue, 29 Apr 2025 12:13 AM IST
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बिजनौर। चयन समिति के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने मुरादाबाद की फर्म एसकेटी सिक्योरिटी ग्रुप को मिला आंगनबाड़ी केंद्रों पर एजुकेटर रखने का टेंडर निरस्त कर दिया। साथ ही ऑनलाइन दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी। एजेंसी के खिलाफ हुई शिकायत को उमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था।
बेसिक शिक्षा विभाग में सेवा प्रदाता कंपनी के जरिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन से छह वर्ष के बच्चों को पढ़ाने के लिए एजुकेटर रखे जाने हैं। सेवा प्रदाता कंपनी के चयन के लिए जैम पोर्टल पर निविदाएं आमंत्रित की गई थी। निविदा खोलने के बाद इसमें मुरादाबाद की फर्म एसकेटी सिक्योरिटी ग्रुप को एल-वन किया गया। बिजनौर निवासी मोहित कुमार ने इस मामले में एसकेटी सिक्योरिटी ग्रुप के खिलाफ डीएम से शिकायत की थी।
आरोप लगाया था कि एसकेटी फर्म ने कूट रचित अभिलेखों के जरिए बागपत में बाल संरक्षण विभाग में टेंडर हासिल किया था। कागजों की जांच में निदेशकों के चरित्र प्रमाण पत्र कूट रचित पाए गए थे। इसके बाद दोनों निदेशकों के खिलाफ संरक्षण अधिकारी ने कोतवाली बागपत में 17 सितंबर 2024 को एफआईआर दर्ज कराई थी। साथ ही टेंडर को निरस्त कर दिया था। शिकायत कर्ता ने डीएम को प्रेषित शिकायत में जांच कराकर निविदा को निरस्त करते हुए फर्म को काली सूची में डालने की मांग उठाई गई। प्रशासन ने जांच के लिए बागपत व मुख्यालय को पत्र लिखा था।
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मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा ने बताया कि एजुकेटर नियुक्ति करने वाले टेंडर को निरस्त करने की संस्तुति की थी। बेसिक शिक्षा विभाग ने समिति के निर्देश पर टेंडर निरस्त कर दिया। साथ ही सेवा प्रदाता कंपनी के जरिए आंगनबाड़ी केंद्रों एजुकेटर रखने की नई प्रक्रिया को आरंभ कर दिया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि समिति के निर्देश पर चयनित एजेंसी के टेंडर को निरस्त कर दिया। एजुकेटर रखने के लिए ऑनलाइन नए टेंडर की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई है। पूरी पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ आंगनाबड़ी केंद्रों पर एजुकेटर रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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बेसिक शिक्षा विभाग में सेवा प्रदाता कंपनी के जरिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन से छह वर्ष के बच्चों को पढ़ाने के लिए एजुकेटर रखे जाने हैं। सेवा प्रदाता कंपनी के चयन के लिए जैम पोर्टल पर निविदाएं आमंत्रित की गई थी। निविदा खोलने के बाद इसमें मुरादाबाद की फर्म एसकेटी सिक्योरिटी ग्रुप को एल-वन किया गया। बिजनौर निवासी मोहित कुमार ने इस मामले में एसकेटी सिक्योरिटी ग्रुप के खिलाफ डीएम से शिकायत की थी।
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आरोप लगाया था कि एसकेटी फर्म ने कूट रचित अभिलेखों के जरिए बागपत में बाल संरक्षण विभाग में टेंडर हासिल किया था। कागजों की जांच में निदेशकों के चरित्र प्रमाण पत्र कूट रचित पाए गए थे। इसके बाद दोनों निदेशकों के खिलाफ संरक्षण अधिकारी ने कोतवाली बागपत में 17 सितंबर 2024 को एफआईआर दर्ज कराई थी। साथ ही टेंडर को निरस्त कर दिया था। शिकायत कर्ता ने डीएम को प्रेषित शिकायत में जांच कराकर निविदा को निरस्त करते हुए फर्म को काली सूची में डालने की मांग उठाई गई। प्रशासन ने जांच के लिए बागपत व मुख्यालय को पत्र लिखा था।
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मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा ने बताया कि एजुकेटर नियुक्ति करने वाले टेंडर को निरस्त करने की संस्तुति की थी। बेसिक शिक्षा विभाग ने समिति के निर्देश पर टेंडर निरस्त कर दिया। साथ ही सेवा प्रदाता कंपनी के जरिए आंगनबाड़ी केंद्रों एजुकेटर रखने की नई प्रक्रिया को आरंभ कर दिया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि समिति के निर्देश पर चयनित एजेंसी के टेंडर को निरस्त कर दिया। एजुकेटर रखने के लिए ऑनलाइन नए टेंडर की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई है। पूरी पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ आंगनाबड़ी केंद्रों पर एजुकेटर रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।