यूपी: श्मशान घाट प्रकरण ने पकड़ा तूल, तहसीलदार से तीखी नोकझोंक, निर्माण कार्य पर लगाई रोक
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मुजफ्फरनगर में श्मशान घाट की जमीन कब्जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। हिंदू समाज के लोग श्मशान घाट पर अपना हक जता रहे हैं। वहीं, किसान जमीन को रास्ते की बताकर अपना हक जता रहे हैं। तहसीलदार सदर ने जमीन की पैमाइश कराकर निर्माण कार्य रुकवाकर यथास्थिति बनाए रखने की हिदायत दी है।
पुरकाजी के कस्बे में खाईखेड़ी मार्ग पर श्मशान घाट के सामने काफी समय से खाली पड़ी जमीन के लिए शासन द्वारा अंत्येष्टि स्थल विकास योजना के तहत 28 लाख 89 हजार रुपये मंजूर किए गए थे। नगर पंचायत कार्यालय द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उक्त जमीन के कुछ हिस्से को श्मशान घाट की जमीन से अलग कर जमीन को निकट के किसानों की जमीन में जाने का रास्ता दर्शाकर ठेकेदार द्वारा उसमें निर्माण नहीं किया जा रहा है। इसकी जानकारी मिलने पर मंगलवार को हिंदू समाज के लोगों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाकर मामले की जानकारी विधायक प्रमोद ऊंटवाल को दी थी।
विधायक ने एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र को इस संबंध में जानकारी देकर मामले की जांच कर निस्तारण करने को कहा था। बुधवार को तहसीलदार सदर अमित कुमार, कानूनगो और लेखपाल को लेकर मौके पर पहुंचे। हिंदू समाज के लोगों ने कानूनगो व लेखपाल और ठेकेदार पर किसानों से साठगांठ कर श्मशान घाट की जमीन को कब्जाने का आरोप लगाया। इस प्रकरण में कुछ लोगों की तहसीलदार से तीखी नोकझोंक भी हुई। हिंदू समाज के लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि करीब एक माह से जमीन पर होने वाले निर्माण का नक्शा मांगा जा रहा है।
इसके अलावा निर्माण कार्य निकट ही जा रहे नाले से मात्र चार फुट दूरी से किया जा रहा है, जो करीब 12 फुट दूरी से होना चाहिए। बताया कि श्मशान घाट की 70 हजार पुरानी ईंटें थी, जो ठेकेदार ने नींव में भर दी हैं। इसकी भी जांच होनी चाहिए। बाद में तहसीलदार ने दोनों पक्षों की मौजूदगी में श्मशान घाट की जमीन की पैमाइश कराकर मामले का निस्तारण होने तक निर्माण कार्य बंद रखने की हिदायत दी।
तहसीलदार ने बताया कि नापतोल करा दी गई है। सजरे के हिसाब जितनी जमीन श्मशान घाट की होगी, उसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। बताया कि ईओ व ठेकेदार की भूमिका की भी जांच कराकर डीएम को रिपोर्ट दी जाएगी। इस दौरान भारत भूषण खुल्लर, हरिराम सक्सेना, डॉक्टर ओपी गौतम, वीरेंद्र सिंह, पीयूष राणा, संदीप गोयल, मणिकांत गोयल, कल्लन सिंघल, मनीष गोयल, पंडित भानू शर्मा, सुशील वर्मा, नवीन गर्ग, मदन लाल मित्तल, देवेंद्र सिंघल, नरेंद्र पाल, रेवती रमन, मोहम्मद सुलेमान, कल्लू मेंबर आदि मौजूद रहे।
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