फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Tears in a mother's eyes, peace in her heart... justice served after four years.

Meerut News: मां की आंखों में आंसू, दिल में सुकुन...चार साल बाद मिला न्याय

Mon, 17 Aug 2026 10:38 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2026 10:38 PM IST
विज्ञापन
Tears in a mother's eyes, peace in her heart... justice served after four years.
आरोपियों ने दो लाख रुपये के लेनदेन में जघन्य घटना को दिया था अंजाम
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चार साल तक जिस मां सुरेश देवी ने अपने इकलौते बेटे भूपेंद्र और पोते अर्जुन को खोने का दर्द सीने में दबाए रखा, सोमवार को अदालत के फैसले के बाद उसकी आंखों में आंसू थे। ये आंसू चार साल बाद न्याय मिलने से छलके थे। छह अप्रैल 2022 को शामली में गांव मखमूलपुर में कंकरखेड़ा के सैनिक विहार कॉलोनी निवासी पिता-पुत्र की हत्या कर दी गई थी। दोहरे हत्याकांड में सोमवार को अदालत ने हत्यारे बर्खास्त सिपाही विक्रांत उसके चचेरे भाई अर्जुन, मोनू को उम्रकैद व उसके पिता वीरेंद्र को पांच साल की सजा सुनाई। पीड़िता सुरेश देवी ने कहा आज मैं बहुत खुश हूं। आज मेरे सब्र और न्याय की जीत हुई है।
कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के सरधना रोड स्थित सैनिक विहार कॉलोनी निवासी सुरेश देवी ने बताया कि मखमूलपुर गांव निवासी सिपाही विक्रांत का उनके बेटे भूपेंद्र से पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोपी सिपाही ने छह अप्रैल को उनके बेटे व पोते अर्जुन को अपने गांव बुलाया था। आरोपी ने उनके बेटे-पोते को बंधक बनाकर जमकर पीटा था। इसके बाद आरोपी ने अपने चचेरे भाई अर्जुन, पिता वीरेंद्र व दोस्त मोनू के साथ मिलकर दोनों की हत्या कर दी थी।
विज्ञापन

पुलिस ने घटना के करीब एक सप्ताह के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बेटे और पोते की हत्या के बाद मां पूरी तरह टूट गई थी। परिवार का सहारा छिन गया था। इसके बावजूद उसने हिम्मत नहीं छोड़ी। वह लगातार आरोपियों को सजा दिलाने की मांग करती रही। अदालत में सुनवाई के दौरान भी वह हर तारीख पर न्याय की उम्मीद लगाए बैठी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन



-न्यायालय पर था विश्वास
सोमवार को जब अदालत का फैसला आया तो सुरेश देवी समेत घर के सभी सदस्यों की आंखें भर आई। सुरेश देवी ने कहा कि बेटे और पोते की हत्या का दर्द कभी खत्म नहीं हो सकता, लेकिन अदालत के फैसले से उसके जख्मों पर कुछ मरहम जरूर लगा है। मां ने कहा कि अदालत का फैसला उसके बेटे और पोते को वापस नहीं ला सकता, लेकिन दोषियों को सजा मिलने से यह भरोसा जरूर मजबूत हुआ है कि कानून से बड़ा कोई नहीं है। चार साल तक चले संघर्ष के बाद उसे लगा कि आखिरकार उसके आंसुओं और इंतजार को इंसाफ मिल गया।
------------------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed