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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Teachers and students not happy with CBSE formula, says- what is the problem in getting everyon's exams

यूपी : सीबीएसई के फार्मूले से खुश नहीं शिक्षक और छात्र, बोले- सभी के पेपर दिलाने में क्या समस्या

Thu, 17 Jun 2021 04:44 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 17 Jun 2021 04:44 PM IST
सार

12वीं के छात्र दक्ष का कहना है कि ग्यारहवीं के अंको को रिजल्ट में जोड़ना बहुत गलत है। 11वीं में विद्यार्थी इतना नहीं पढ़ते हैं जितना 12वीं में मेहनत करते हैं।

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Teachers and students not happy with CBSE formula, says- what is the problem in getting everyon's exams
सीबीएसई बोर्ड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीबीएससी 12वीं का रिजल्ट जारी करने के लिए जो फॉर्मूला बताया जा रहा है, उससे शिक्षक खुश नहीं है। शिक्षकों का कहना है कि जरूरी नहीं अगर किसी विद्यार्थी के दसवीं में कम अंक आए हैं तो उसके 12वीं में भी कम अंक आएंगे। इसके साथ ही मेडिकल वाले विद्यार्थी को दसवीं में जो अंक मिलेंगे उसके फार्मूले को 12वीं में इंजीनियरिंग लेने वाले पर कैसे लागू किया जा सकता है।

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यही कॉमर्स विषय में भी होगा। स्कूलों के प्रधानाचार्य व शिक्षक इस फार्मूले से बिल्कुल खुश नहीं है। उनका कहना है कि यह भी बताया जा रहा है कि अगर कोई विद्यार्थी इस फार्मूले से संतुष्ट नहीं होता है तो वह पेपर दे सकता है।
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शिक्षकों का कहना है कि अगर पेपर देना ही है तो फिर सभी का दिला दीजिए। कोर्ट को दिए गए इस फार्मूले के बारे में अधिकतर स्कूलों के प्रधानाचार्य नाखुश हैं। उनका कहना है कि इससे होनहार विद्यार्थियों पर फर्क पड़ेगा। हालांकि आधिकारिक तौर पर कोई भी प्रधानाचार्य इस फार्मूले को लेकर अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। 
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उनका कहना है कि अभी इस बारे में वह आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कह सकते हैं। जब तक सीबीएसई की गाइडलाइन उनको नहीं मिल जाती है तब तक वह फार्मूले के बारे में स्पष्ट नहीं बता पाएंगे। 

10वीं के रिजल्ट का 30 फीसदी, 11वीं के रिजल्ट का 30 फीसदी और 12वी के प्री बोर्ड के 40 फीसदी अंको से रिजल्ट बनेगा, ऐसी कोई गाइड लाइन हमें नही मिली ही। जब तक सीबीएसई से गाइड लाइन नही आ जाती हैं, तब तक हम कुछ नहीं कह सकते हैं। स्पष्ट गाइडलाइन नहीं आने तक कुछ नहीं बताया जा सकता। - राहुल केसरवानी, सचिव सहोदय


ये तो गलत है 
12वीं के छात्र दक्ष का कहना है कि ग्यारहवीं के अंको को रिजल्ट में जोड़ना बहुत गलत है। 11वीं में विद्यार्थी इतना नहीं पढ़ते हैं जितना 12वीं में मेहनत करते हैं। ऐसे में इस फार्मूले से रिजल्ट बनाया गया तो यह तो ठीक नहीं होगा।

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