प्राथमिक विद्यालय में बच्ची से दुष्कर्म का मामला, गुस्साई भीड़ बोली, शिक्षामित्र को मार दो...
- भीड़ और मारपीट देखकर एक शिक्षिका की बिगड़ी तबीयत
- कुछ लोगों ने आरोपी को शिक्षामित्र को कमरे में किया बंद
विस्तार
हस्तिनापुर क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय में बच्ची से दुष्कर्म के बाद ग्रामीणों में काफी आक्रोश था। सैकड़ों लोगों ने शिक्षामित्र को पकड़ लिया और मारपीट शुरू कर दी। भीड़ और मारपीट होते देख एक शिक्षिका बेहोश हो गई।
कुछ ग्रामीणों ने उन्हें अस्पताल भिजवाया। इस बीच कुछ लोगों ने आरोपी को कमरे में बंद कर ताला लगा दिया। गुस्साए लोगों ने कहा कि आरोपी को बाहर निकालो और मार दो। पुलिस के पहुंचने और समझाने पर ही ग्रामीण शांत हुए।
प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र द्वारा बच्ची से दुष्कर्म का पता चलते ही परिजनों ने अन्य लोगों को जानकारी दी। इसके बाद सैकड़ों लोग गुस्से में प्राथमिक विद्यालय पहुंच गए।
गुस्साई भीड़ ने आरोपी शिक्षामित्र सचिन कुमार को पकड़ लिया और मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर और भीड़ देखकर इस बीच एक शिक्षिका की तबीयत खराब हो गई। इसके बाद वह बेहोश हो गई। यह देख भीड़ से कुछ लोग शांत हुए और शिक्षिका को एक चिकित्सक के पास ले गए।
पुलिस और एसडीएम ने आरोपी शिक्षामित्र सचिन से दरवाजा खोलने के लिए कहा, लेकिन उसने दरवाजा खोलने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कहा यदि दरवाजा नहीं खोला तो खिड़की तोड़ दी जाएगी। काफी देर तक भी दरवाजा नहीं खुलने पर पुलिस ने जैसे ही खिड़की तोड़नी शुरू की आरोपी ने दरवाजा खोल दिया। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में उसे जीप में बैठाया और थाने ले गई। पुलिस की सतर्कता से आरोपी की जान बची।
2006 में बना था शिक्षामित्र
आरोपी सचिन 2006 में शिक्षामित्र बनकर गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में अपनी सेवा दे रहा था। इसके बाद सरकार द्वारा सहायक अध्यापक बना दिया गया। 2014 में स्थानांतरण कर दिया। इसके बाद से आरोपी शिक्षक यहीं पर मौजूद था, लेकिन 2017 में सहायक अध्यापक से वापस शिक्षामित्र बना दिया।
शिक्षा विभाग के अधिकारी भी रहे मौजूद
एबीएसए ज्ञानचंद, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार, जूनियर शिक्षक संघ के सतपाल सिंह व अध्यापक भूषण आदि जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि वह इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञानचंद ने बताया कि बुधवार को ग्राम प्रधान सहित विद्यालय प्रबंध कमेटी की बैठक आयोजित करेंगे। वहीं बीएसए ज्ञानचंद के अनुसार मंगलवार को अध्यापक इंचार्ज विकास कुमार अवकाश पर थे। जिसके बाद स्कूल में कुलदीप, एकता रानी, सुमन यादव और सचिन कुमार स्कूल में मौजूद थे।
अन्य शिक्षक भी सवालों के घेरे में
विभागीय अधिकारियों के अनुसार स्कूल में मौजूद अन्य शिक्षकों की मौजूदगी में इतनी बड़ी घटना कैसे घटित हुई। इसके लिए अन्य शिक्षक, शिक्षिकाओं से भी जवाब तलब हो सकता है।
बच्चों को स्कूल कैसे बुलाया
करोना काल में शासन का आदेश है कि परिषदीय स्कूलों में सिर्फ शिक्षक, शिक्षिकाएं ही स्कूल के कार्य को पूरा करेंगे। किसी भी दशा में छात्र छात्राओं को नहीं बुलाया जाएगा शासन के नियम को तोड़कर आखिकर छात्र छात्राओं को स्कूल क्यों बुलाया गया।
कड़ी कार्रवाई की जाएगी
बच्ची के परिजनों ने आरोपी शिक्षामित्र के खिलाफ जो तहरीर दी है उसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बच्च्ी का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। -अविनाश पांडेय, एसपी देहात