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साहित्य को समाज से जोड़ने की कला सिखाएं : प्रो. अल्पना रस्तोगी
Thu, 16 Jul 2026 07:45 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 16 Jul 2026 07:45 PM IST
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मेरठ। इस्माईल नेशनल महिला पीजी कॉलेज के अंग्रेजी विभाग ने बृहस्पतिवार को अतिथि व्याख्यान हुआ। मुख्य वक्ता मेरठ कॉलेज की प्रो. अल्पना रस्तोगी ने समकालीन साहित्यिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन की नवीन प्रवृत्तियों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने विद्यार्थियों को साहित्य को समाज, संस्कृति और बदलती वैश्विक परिस्थितियों के संदर्भ में समझने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि साहित्य जीवन और समाज को समझने का एक सशक्त माध्यम है। कॉलेज की प्राचार्य प्रो. अनीता राठी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्वर्णा ने मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त किया। संचालन डॉ. स्वर्णा, डॉ. मीनू शर्मा और सहायक प्रोफेसर महिमा ठाकुर ने किया।
कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग ने प्रतिदर्श तकनीक विषय पर एक अतिथि व्याख्यान आयोजित किया। मुख्य वक्ता अल्पना मोहन ने कहा कि किसी भी शोध की विश्वसनीयता उचित प्रतिदर्श तकनीक के चयन पर निर्भर करती है। विनेता ने आभार व्यक्त किया और विदुषी वशिष्ठ ने कार्यक्रम का संचालन किया।
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उन्होंने विद्यार्थियों को साहित्य को समाज, संस्कृति और बदलती वैश्विक परिस्थितियों के संदर्भ में समझने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि साहित्य जीवन और समाज को समझने का एक सशक्त माध्यम है। कॉलेज की प्राचार्य प्रो. अनीता राठी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्वर्णा ने मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त किया। संचालन डॉ. स्वर्णा, डॉ. मीनू शर्मा और सहायक प्रोफेसर महिमा ठाकुर ने किया।
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कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग ने प्रतिदर्श तकनीक विषय पर एक अतिथि व्याख्यान आयोजित किया। मुख्य वक्ता अल्पना मोहन ने कहा कि किसी भी शोध की विश्वसनीयता उचित प्रतिदर्श तकनीक के चयन पर निर्भर करती है। विनेता ने आभार व्यक्त किया और विदुषी वशिष्ठ ने कार्यक्रम का संचालन किया।
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