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भाकियू तथा किसान ने पीएम व राष्ट्रपति के नाम उपजिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में किसान विरोधी तीनों कानूनों को वापस लिए जाने की मांग
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वापस लिए जाएं किसान विरोधी कानून
मवाना।
भारतीय किसान यूनियन और किसान सभा ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर तीनों कृषि कानूनों वापस लिए जाने की मांग की है। दोनों संगठनों ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए एसडीएम कमलेश गोयल को ज्ञापन सौंपे।
भारतीय किसान यूनियन ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन में में कहा है कि कृषि कानून रद्द कर किसानों के हित में स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू किया जाए। एमएसपी पर कानून बनाया जाए। किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर समाधान किया जाए। ज्ञापन देने वालों में मंडल महामंत्री नरेश चौधरी, जिला उपाध्यक्ष विलियम सिंह, जिला महासचिव शौ सिंह, कुलदीप, मो. राशिद, संदीप, जिंदल, जीवन सिंह, जल सिंह, सोहित, सचिन, मनोरथ चौहान, अभिषेक, मयंक आदि रहे।
वहीं किसान सभा ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर 72 दिनों से किसान अपने हक के लिए आंदोलन कर रहे हैं। दो सौ किसान अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं। ऐसे में किसान विरोधी कानूनों को तुरंत वापस कराया जाए। आंदोलन में गिरफ्तार किसानों को तुरंत रिहा किया जाए। उनके ट्रैक्टरों को छोड़ा जाए। किसानों की फसल खरीद की गारंटी दी जाए, किसान क्रेडिट कार्ड के कर्ज पर पेनाल्टी न लगाए जाए। किसानों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये पेंशन दिलाई जाए। ज्ञापन देने वालों में मंडलीय सचिव कामरेड जितेंद्रपाल सिंह, जिला मंत्री मनोज धामा, चौ. नरेश कुमार, संजय कुमार, तरुण कुमार, कपिल कुमार, जिला महामंत्री मनजीत सिंह बिल्लू, कुलदीप देशवाल, राजपाल शर्मा, संग्राम सिंह अब्दुल्ला आदि थे।
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वहीं संयुक्त किसान मोर्चा के आदेशानुसार, भारतीय किसान यूनियन अंबावता के प्रदेश सचिव मोनू पंवार व जिलाध्यक्ष जितेंद्र गुर्जर ने भी ज्ञापन सौंपा। यहां गुलफाम, वसीम सैफी, विकास पंवार, रविश पंवार, गुरमीत सिंह, शहजाद फरीदी, शाहिद सैफी, महमूद, हिमांशु गुर्जर आदि मौजूद रहे।
तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग
सरधना। कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग को लेकर शनिवार को भाकियू ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अमित कुमार भारतीय को सौंपा। इस मौके पर तहसील अध्यक्ष अशफाक जैनपुर ने कहा कि देश का किसान इन कृषि कानूनों का विरोध कर रहा है। इसके बाद भी सरकार किसानों पर थोपना चाहती है। जब तक इन्हें वापस नहीं लिया जाएगा। आंदोलन जारी रहेेगा। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य का कानून बने और स्वामी नाथन की रिपोर्ट लागू कराई जाए। जिला महासचिव विनेश प्रधान छुर ने कहा कि देश का किसान सरकार से जब तक आरपार की लड़ाई जारी रखेगा जब तक यह तीनों कानून वापस नहीं लिए जाते। इस मौके पर वीरेंद्र सिंह करनावल, आसिफ, इस्तेकार, नितिन तालियान, रहीस, देशपाल, धुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
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मवाना।
भारतीय किसान यूनियन और किसान सभा ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर तीनों कृषि कानूनों वापस लिए जाने की मांग की है। दोनों संगठनों ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए एसडीएम कमलेश गोयल को ज्ञापन सौंपे।
भारतीय किसान यूनियन ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन में में कहा है कि कृषि कानून रद्द कर किसानों के हित में स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू किया जाए। एमएसपी पर कानून बनाया जाए। किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर समाधान किया जाए। ज्ञापन देने वालों में मंडल महामंत्री नरेश चौधरी, जिला उपाध्यक्ष विलियम सिंह, जिला महासचिव शौ सिंह, कुलदीप, मो. राशिद, संदीप, जिंदल, जीवन सिंह, जल सिंह, सोहित, सचिन, मनोरथ चौहान, अभिषेक, मयंक आदि रहे।
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वहीं किसान सभा ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर 72 दिनों से किसान अपने हक के लिए आंदोलन कर रहे हैं। दो सौ किसान अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं। ऐसे में किसान विरोधी कानूनों को तुरंत वापस कराया जाए। आंदोलन में गिरफ्तार किसानों को तुरंत रिहा किया जाए। उनके ट्रैक्टरों को छोड़ा जाए। किसानों की फसल खरीद की गारंटी दी जाए, किसान क्रेडिट कार्ड के कर्ज पर पेनाल्टी न लगाए जाए। किसानों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये पेंशन दिलाई जाए। ज्ञापन देने वालों में मंडलीय सचिव कामरेड जितेंद्रपाल सिंह, जिला मंत्री मनोज धामा, चौ. नरेश कुमार, संजय कुमार, तरुण कुमार, कपिल कुमार, जिला महामंत्री मनजीत सिंह बिल्लू, कुलदीप देशवाल, राजपाल शर्मा, संग्राम सिंह अब्दुल्ला आदि थे।
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वहीं संयुक्त किसान मोर्चा के आदेशानुसार, भारतीय किसान यूनियन अंबावता के प्रदेश सचिव मोनू पंवार व जिलाध्यक्ष जितेंद्र गुर्जर ने भी ज्ञापन सौंपा। यहां गुलफाम, वसीम सैफी, विकास पंवार, रविश पंवार, गुरमीत सिंह, शहजाद फरीदी, शाहिद सैफी, महमूद, हिमांशु गुर्जर आदि मौजूद रहे।
तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग
सरधना। कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग को लेकर शनिवार को भाकियू ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अमित कुमार भारतीय को सौंपा। इस मौके पर तहसील अध्यक्ष अशफाक जैनपुर ने कहा कि देश का किसान इन कृषि कानूनों का विरोध कर रहा है। इसके बाद भी सरकार किसानों पर थोपना चाहती है। जब तक इन्हें वापस नहीं लिया जाएगा। आंदोलन जारी रहेेगा। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य का कानून बने और स्वामी नाथन की रिपोर्ट लागू कराई जाए। जिला महासचिव विनेश प्रधान छुर ने कहा कि देश का किसान सरकार से जब तक आरपार की लड़ाई जारी रखेगा जब तक यह तीनों कानून वापस नहीं लिए जाते। इस मौके पर वीरेंद्र सिंह करनावल, आसिफ, इस्तेकार, नितिन तालियान, रहीस, देशपाल, धुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद